देश के अलग-अलग राज्यों से सड़क दुर्घटनाओं की अत्यंत दुखद खबरें सामने आई हैं। राजस्थान के दौसा में एक भीषण टक्कर में छह लोगों की मौत हो गई, वहीं कर्नाटक में भी दो हादसों में छह लोगों ने अपनी जान गंवा दी। राजस्थान के दौसा जिले में नेशनल हाईवे-21 पर एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। जानकारी के अनुसार, सिकंदरा थाना क्षेत्र में एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर लांघ गई और सामने से आ रहे ट्रक से जा टकराई।
कार से शवों को निकालने में करीब दो घंटे की मशक्कत करनी पड़ी, जो टक्कर में पूरी तरह से कुचल गई थी। जिस इलाके में एक्सीडेंट हुआ, वह सिकंदरा पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आता है। सभी पीड़ित कालाखोह के रहने वाले थे। वे एक शादी समारोह से लौट रहे थे। एक्सीडेंट से आधे घंटे पहले, ग्रुप ने शादी के कार्यक्रम की तस्वीरें ली थीं, जो अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रही हैं।
कर्नाटक में दो अलग-अलग सड़क हादसों में छह लोगों की मौत
पुलिस ने बताया कि रविवार को कर्नाटक में दो अलग-अलग सड़क हादसों में छह लोगों की जान चली गई। बीदर जिले में, हुमनाबाद तालुक में हल्लीखेड़ा के पास नागन्ना क्रॉस के पास एक दुखद घटना हुई, जब एक मोटरसाइकिल पुल से टकरा गई। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की तुरंत मौत हो गई। मरने वालों की पहचान वेंकट करतमल (40), उनकी पत्नी शिल्पा (35), और उनकी बेटी रक्षिता (12) के तौर पर हुई है, ये सभी राजेश्वर गांव के रहने वाले हैं। उनका बेटा दिगंबर (15) बच गया, लेकिन उसे गंभीर चोटें आईं और उसे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने बताया कि मोटरसाइकिल पर चार लोग सवार थे, तभी ड्राइवर का कंट्रोल खो गया, जिससे वह पुल से टकरा गई।
इस बीच, कोलार जिले में, श्रीनिवासपुर में एक कार पलटने से तीन मजदूरों की मौत हो गई। मरने वालों में आंध्र प्रदेश के मुनियाम्मा और वेंकटप्पा शामिल हैं। दस से ज़्यादा लोग घायल हो गए और उन्हें आंध्र प्रदेश के मदनपल्ले के एक हॉस्पिटल में ले जाया गया। अधिकारियों ने बताया कि हादसा तब हुआ जब मजदूर दिहाड़ी का काम खत्म करके घर लौट रहे थे। श्रीनिवासपुर पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है।
Continue reading on the app
जेफ्री एपस्टीन... यह नाम जब भी सामने आता है, अपने साथ काले रहस्यों की एक नई परत लेकर आता है। हाल ही में सार्वजनिक हुई 'एपस्टीन फाइल्स' ने एक ऐसा खुलासा किया है जिसने सोशल मीडिया से लेकर जांच एजेंसियों तक के कान खड़े कर दिए हैं। मामला जुड़ा है एक रसीद से, जिसमें 330 गैलन सल्फ्यूरिक एसिड (गंधक का तेजाब) की खरीद का जिक्र है।
लेकिन चौंकाने वाली बात सिर्फ तेजाब की मात्रा नहीं, बल्कि इसकी टाइमिंग है। क्योंकि ये तेज़ाब ठीक उसी दिन पहुंचा तेजाब, जब FBI ने दबिश दी।दस्तावेजों के मुताबिक, 12 जून 2018 को एपस्टीन के निजी द्वीप 'लिटिल सेंट जेम्स' पर 55-55 गैलन के 6 ड्रम सल्फ्यूरिक एसिड पहुंचाए गए। हैरानी की बात यह है कि यह वही तारीख थी जब FBI ने आधिकारिक तौर पर एपस्टीन के सेक्स ट्रैफिकिंग नेटवर्क की जांच शुरू की थी। जैसे ही यह खबर बाहर आई, इंटरनेट पर थ्योरीज़ की बाढ़ आ गई है। लोग पूछ रहे हैं कि क्या यह महज इत्तेफाक था या इसके पीछे कोई गहरी साजिश?
सबूत मिटाने की कोशिश या वाटर फिल्टर?
इस खुलासे ने इंटरनेट पर बहस छेड़ दी है। इस इत्तेफाक ने संदेह पैदा कर दिया है और सोशल मीडिया पर कई यूजर्स का दावा है कि इतनी भारी मात्रा में तेजाब का इस्तेमाल सबूतों या 'मानव अवशेषों' को ठिकाने लगाने के लिए किया जा सकता था। एक यूजर ने तो यहाँ तक लिखा, "इतने तेजाब का इस्तेमाल सिर्फ बॉडी को डिजॉल्व करने के लिए ही होता है।"
दूसरी तरफ, फाइलों में मौजूद कुछ पुराने ईमेल (2013 के आसपास के) एक अलग कहानी बताते हैं। रसीद में जिक्र है कि यह एसिड द्वीप पर लगे RO प्लांट (वॉटर प्यूरीफिकेशन सिस्टम) के रख-रखाव के लिए था। पानी का pH लेवल ठीक करने और उसे साफ करने के लिए सल्फ्यूरिक एसिड का इस्तेमाल तकनीकी रूप से आम बात है।
रहस्य जो अब भी बरकरार है
भले ही कागजों पर इसे 'वॉटर ट्रीटमेंट' का हिस्सा बताया गया हो, लेकिन लोग इस बात को पचा नहीं पा रहे हैं कि जिस दिन फेडरल एजेंसियां जाल बिछा रही थीं, उसी दिन इतने ड्रम तेजाब की डिलीवरी क्यों हुई? क्या यह सच में पानी साफ करने के लिए था, या द्वीप पर मौजूद किसी 'गंदे राज' को हमेशा के लिए मिटाने की तैयारी थी?
बता दें कि जेफ्री एपस्टीन पर नाबालिग लड़कियों की तस्करी और एक बड़ा सेक्स रैकेट चलाने का आरोप था। 2019 में जेल में उसकी संदिग्ध मौत हो गई, लेकिन उसके पीछे छूटे सबूत आज भी दुनिया को डरा रहे हैं। अमेरिकी न्याय विभाग अब तक लाखों पन्ने, हजारों वीडियो और तस्वीरें सार्वजनिक कर चुका है, जिनमें बड़े-बड़े रईसों और राजनेताओं के नाम सामने आ रहे हैं।
Continue reading on the app