'सिर्फ ये पैमाना होना चाहिए...', BCCI अध्यक्ष ने विराट-रोहित के वर्ल्ड कप 2027 में खेलने पर दिया बयान, बताया कैसे पेश करेंगे दावेदारी
Mithun Manhas On Virat Kohli Rohit Sharma: अगले साल अक्टूबर में शुरू होने वाले ICC वर्ल्ड कप 2027 में विराट कोहली और रोहित शर्मा के खेलने पर जो सस्पेंस था, वो अब लगभग खत्म हो चुका है. वेस्टइंडीज के खिलाफ हाल ही में खत्म हुई वनडे सीरीज में दोनों सीनियर खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया और एक-एक शतक भी लगाया. इसके बाद से ही उनके फ्यूचर को लेकर उठ रहे सवाल थम गए हैं. वहीं, अब BCCI अध्यक्ष मिथुन मन्हास का मानना है कि उम्र उनके खेलने में रुकावट नहीं बनेगी.
रोहित-विराट को लेकर क्या बोले BCCI अध्यक्ष?
रोहित शर्मा और विराट कोहली टी-20 और टेस्ट फॉर्मेट से संन्यास ले चुके हैं और सिर्फ वनडे फॉर्मेट में भारतीय जर्सी में नजर आते हैं. दोनों ही खिलाड़ी कई बार ये बात साफ कर चुके हैं कि उनका लक्ष्य अगले साल होने वाला वनडे वर्ल्ड कप है. उसमें वह खिताबी जीत दर्ज करना चाहते हैं. क्रिकेट के गलियारों में चर्चा है कि साल 2027 में जब वनडे वर्ल्ड कप खेला जाएगा, तब विराट कोहली 39 और रोहित शर्मा 40 साल के हो जाएंगे. मगर, अब बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने साफ कर दिया है कि उम्र का रो-को के टूर्नामेंट में खेलने पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
A quick math test before the King starts racking up the runs!????
— Sony Sports Network (@SonySportsNetwk) October 12, 2026
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मिथुन मन्हास ने कहा, "जहां तक बीसीसीआई की बात है, हम इस मामले में बोलने के पोजिशन में नहीं है. इसका फैसला सेलेक्टर्स और कोच के हाथों में हैं. मगर मैं अपनी राय दूं तो, सेलेक्शन के लिए प्रदर्शन पैमाना होना चाहिए."
मन्हास ने आगे कहा, "अगर कोई खिलाड़ी फिट है और वो देश के लिए लगातार प्रदर्शन कर रहा और मैच जीता रहा है, तो हमें सिर्फ उस पर ही फोकस करना चाहिए. विराट, हार्दिक और रोहित के टीम में रहने से गिल की काफी मदद होगी. बुमराह जैसे खिलाड़ी, जो गेंदबाजी कप्तान, वहीं कोई फील्डिंग कप्तान की भूमिका संभाल सकता है, जिससे वर्कलोड लोगों में बंट जाएगा."
पिछली सीरीज में कैसा रहा प्रदर्शन?
विराट कोहली और रोहित शर्मा पिछली बार वेस्टइंडीज के साथ खेली गई 3 मैचों की घरेलू वनडे सीरीज में खेलते नजर आए थे. जहां, रोहित ने 3 मैचों की 3 पारियों में 75 के औसत से 239 रन बनाए, जिसमें एक शतक शामिल रहा. तो वहीं, विराट कोहली ने 3 मैचों की 3 पारियों में 84 के औसत से 168 रन बनाए, जिसमें उन्होंने भी एक शतक लगाया. दोनों ही खिलाड़ियों ने बल्ले से साबित कर दिया कि वह कमाल के फॉर्म में हैं और वनडे वर्ल्ड कप 2027 खेलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
अब अगली बार रोहित शर्मा और विराट कोहली की जोड़ी न्यूजीलैंड दौरे पर खेली जाने वाली वनडे सीरीज में एक्शन में नजर आने वाली है. दोनों टीमों के बीच 4 नवंबर से 5 मैचों की वनडे सीरीज खेली जाने वाली है, जिसमें एक बार फिर सभी की नजरें रो-को पर टिकी होंगी, जहां वह अच्छा प्रदर्शन करके एक बार फिर वनडे वर्ल्ड कप 2027 की अपनी दावेदारी ठोकेगी.
वनडे वर्ल्ड कप 2027 में टीम इंडिया का शेड्यूल
|
मैच |
तारीख |
मुकाबला |
वेन्यू |
|---|---|---|---|
|
पहला मैच |
7 अक्टूबर 2027 |
भारत vs ऑस्ट्रेलिया |
केपटाउन |
|
दूसरा मैच |
10 अक्टूबर 2027 |
भारत vs पाकिस्तान |
जोहान्सबर्ग |
|
तीसरा मैच |
14 अक्टूबर 2027 |
भारत vs अफगानिस्तान |
त्श्वाने |
|
चौथा मैच |
17 अक्टूबर 2027 |
भारत vs क्वालीफायर A |
ब्लूमफोंटेन |
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पांचवां मैच |
24 अक्टूबर 2027 |
भारत vs जिम्बाब्वे |
विक्टोरिया फॉल्स |
ज्यादा मुलेठी खाने से बढ़ सकता है High BP, सेहत पर होते हैं 5 गंभीर नुकसान
बदलते मौसम में सर्दी-खांसी और गले की खराश जरुर परेशान करती है। ऐसे में मुलेठी चबाना बेहद फायदेमंद हो सकती हैं। इसका सेवन करने से गले को आराम मिलता है, लेकिन इसे बार-बार या ज्यादा मात्रा में खाने से सेहत को नुकसान पहुंच सकता है।
वहीं, ज्यादा मुलेठी खाने से शरीर में ग्लाइसीराइजिन पॉइजनिंग हो जाती है, जो शरीर में नमक, पानी और हार्मोन का पूरा बैलेंस बिगाड़ देती है। इतना ही नहीं, आपको हेल्थ से संबंधित कई दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है, जैसे-हाई-बीपी, पोटेशियम कम होना और दिल की धड़कन का बिगड़ना।
ज्यादा मुलेठी खाने के 5 बड़े नुकसान
अगर आप गले की खराश दूर करने के लिए ज्यादा मुलेठी का सेवन करते है, तो नेशनल सेंटर फॉर कॉम्प्लमेंट्री एंड इंटीग्रेटिव हेल्थ के अनुसार, नुकसानदायक हो सकती है।
हाई ब्लड प्रेशर बढ़ता है
असल में मुलेठी में ग्लाइसीराइजिन होता है। जिससे शरीर में सोडियम और पानी रुक जाता है और ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है।
पोटेशियम कम हो जाता है
अगर आप ज्यादा मुलेठी का सेवन करेंगे, तो शरीर से पोटेशियम बाहर निकल जाता है। इस कारण से आपको थकान, मसल्स में ऐंठन और कमजोरी महसूस होती है।
प्रेग्नेंसी में न खाएं मुलेठी
दरअसल, प्रेग्नेंसी को दौरान मुलेठी नहीं खाना चाहिए, क्योंकि यह सेफ नहीं है। इससे समय से पहले डिलीवरी का जोखिम बढ़ जाता है। इसलिए गर्भावस्था के समय के इसका सेवन न करें।
दिल की धड़कन बिगड़ सकती है
पोटेशियम की कमी और हाई बीपी की वजह से दिल की धड़कन बिगड़ सकती हैं। कार्डियक अरेस्ट का खतरा बढ़ जाता है।
हार्मोन पर प्रभाव पड़ता है
अगर आप अधिक मुलेठी का सेवन करते हैं, तो अभी छोड़ दें। मुलेठी के सेवन कोर्टिसोल हार्मोन को ठीक से टूटने नहीं देता, जिससे सिरदर्द, चक्कर आना और महिलाओं में पीरियड्स गड़बड़ होने की समस्या देखने को मिलती हैं।
गले की खराश में मुलेठी क्यों फायदेमंद हैं?
अपोलो की रिपोर्ट के अनुसार, मुलेठी एक प्राकृतिक एक्सपेक्टोरेंट है, यानी यह कफ को कम करने और खांसी से राहत दिलाने में मदद करती है। जो कि यह सूजन-रोधी गुण भी होते हैं, जो कि गले की जलन को शांत करती है।
गले की खराश से कैसे बचें?
- फ्लू के टीके समय पर जरुर लगवाएं।
- साबुन-पानी या सैनिटाइजर से बार-बार हाथ धोएं।
- खाना, पीने की चीजें या बर्तन शेयर न करें।
- सर्दी-जुकाम वाले लोगों से दूरी बनाएं।
- खुद बीमार होने के बाद दूसरों के संपर्क में आने से बचें, जिससे संक्रमण न फैले।
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