राहुल गांधी पर प्रेग्नेंट पत्रकार से बदसलूकी का आरोप, अस्पताल में भर्ती ऋचा पाराशर
दिल्ली में एक विरोध प्रदर्शन की कवरेज के दौरान, राहुल गांधी पर एक गर्भवती महिला पत्रकार के साथ गलत व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगे हैं. बीजेपी का दावा है कि राहुल गांधी ने महिला पत्रकार को धक्का दिया, जिससे वह जमीन पर गिर गईं और उन्हें चोटें आईं. पत्रकार ऋचा पाराशर ने भी आरोप लगाया है कि राहुल गांधी ने उनके कंधे को पकड़ा और जोर से खींचा, जिसके बाद वह गिर गईं. इस घटना के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. बीजेपी नेता पत्रकार का हाल जानने अस्पताल पहुंचे और इस पूरे मामले को लेकर राहुल गांधी पर सवाल भी उठाए. हालांकि, कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि पत्रकार झूठ बोल रही हैं. देखें ये रिपोर्ट...
मोदी सरकार का व्यापारियों को दिवाली गिफ्ट, त्योहार तक टाला UPI पर MDR चार्ज का फैसला
MDR Charge on UPI: मोदी सरकार ने व्यापारियों को बड़ा दिवाली गिफ्ट दिया है. UPI से भुगतान करने वाले दुकानदारों और कारोबारियों को फिलहाल मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) चार्ज से राहत मिलेगी. नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने चुनिंदा दुकानदारों को किए जाने वाले UPI पेमेंट पर यह चार्ज लागू करने का फैसला टाल दिया है. अब इसे दिवाली के तुरंत बाद लागू करने की तैयारी है. हालांकि, नई तारीख को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है.
NPCI ने मंगलवार को एलान करते हुए कहा कि UPI और सर्विसेज स्टीयरिंग कमिटी ने आज फैसला किया कि त्योहारों के मौसम को ध्यान में रखते हुए, चुनिंदा पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) UPI ट्रांज़ैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) दिवाली के ठीक बाद लागू किया जाएगा, जिसकी तारीख की जानकारी अलग से दी जाएगी.
UPI MDR on Select Merchant Transactions Shall be Implemented Post Diwali
— NPCI (@NPCI_NPCI) October 13, 2026
Press Release Link: https://t.co/5KMjOP0tHd pic.twitter.com/pD8IKfN6sR
क्या था पूरा फैसला?
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत 2,000 रुपये से ज्यादा के कुछ UPI पेमेंट पर 0.4 फीसदी MDR चार्ज लगाने की बात थी. यह शुल्क ग्राहकों के बजाय दुकानदारों यानी मर्चेंट को देना होता. उदाहरण के तौर पर, अगर कोई ग्राहक दुकान से 4,000 रुपये का सामान खरीदता है और UPI से भुगतान करता है, तो उसे 4,000 रुपये ही चुकाने होते. प्रस्तावित व्यवस्था में इस ट्रांजैक्शन पर लगने वाला MDR शुल्क दुकानदार को वहन करना पड़ता.
क्यों टाला फैसला?
NPCI ने 13 अक्टूबर को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में फैसले को टालने की जानकारी दी. यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब कारोबारी संगठन त्योहारी सीजन को देखते हुए MDR लागू करने की समयसीमा आगे बढ़ाने की मांग कर रहे थे.
व्यापारियों को क्या होगा फायदा?
फैसले के टलने से संबंधित दुकानदारों को फिलहाल अतिरिक्त शुल्क का बोझ नहीं उठाना पड़ेगा. हालांकि, MDR लागू होने की नई तारीख और इससे जुड़े अंतिम नियमों की जानकारी सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि किन मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर यह शुल्क लगेगा.
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