Responsive Scrollable Menu

सऊदी पर खतरनाक भविष्यवाणी, 5 लेयर का कवच कैसे फोड़ रहे हूती, क्या रियाद में घुस जाएंगे अंसारुल्लाह?

एक ऐसी जंग जहां आसमान से आ रहे 15 से 20 हजार डॉलर के के एक सस्ते प्लास्टिक और फाइबर क्लास ड्रोन को गिराने के लिए जमीन से 40 लाख डॉलर  यानी करीब 33 करोड़ की मिसाइल दागनी पड़ती है। अगर वह मिसाइल चूक गई तो नुकसान अरबों डॉलर की रिफाइनरी का और अगर मिसाइल ड्रोन से टकरा गई तो भी आर्थिक चोट उसी पर पड़ती है जिसने मिसाइल दागी है। यह 21वीं सदी का सबसे बड़ा सैन्य विरोधाभास है। एक तरफ दुनिया का आठवां सबसे बड़ा सैन्य बजट वाला देश पश्चिमी तकनीक के सबसे घातक हथियार एफ15 ऐसे लड़ाकू विमान और पेट्रियट थॉट की मिसाइल शील्ड से लैस है। दूसरी तरफ यमन की पथरीली गुफाओं में बैठा एक विद्रोही गुट जिसके पास ना कोई पारंपरिक वायु सेना है ना कोई एयरक्राफ्ट कैरियर है लेकिन उसके पास है 2000 किलोमीटर तक मार करने वाली बैलेस्टिक मिसाइलें। समुद्र में जहाजों का शिकार करने वाले ड्रोन और छापामार युद्ध की घातक रणनीति।  
एक तरफ यमन के अंसारुल्लाह हूती लड़ाके सीधे रियाद के एयरपोर्ट्स और तेल प्रतिष्ठानों पर मिसाइलों की बमबारी कर रहे हैं। दूसरी तरफ वाशिंगटन से मदद मांगना सऊदी शहजादे के लिए अपने ही हाथों में बारूद का गोला थामने जैसा साबित हो रहा है। इंटरनेशनल थिंक टैंक क्वीनसी इंस्टट्यूट के वरिष्ठ विश्लेषक त्रिता पारसी ने बीबीसी को दिए अपने एक हालिया बयान में इस बात की पूरी कड़वी सच्चाई उजागर कर कर रख दी जिसे सुनने के बाद हर कोई हैरान है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि सऊदी अरब इस वक्त पूरी तरीके से बुरे विकल्पों के जाल में फंसा हुआ है। यानी कोई भी विकल्प चुनना उसके लिए खतरे से खाली नहीं। अगर सऊदी अरब भूतियों के विनाशकारी हमलों से बचने के लिए अमेरिका से सैन्य सहायता मांगेगा तो वाइट हाउस के पास इसके बदले एक बहुत बड़ी शर्त भी तैयार रखी है। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन सऊदी अरब की मदद तो तभी करेगा जब रियाद अपनी सीमाओं और एयर स्पेस का इस्तेमाल अमेरिकी वायुसेना को ईरान पर सीधे हमले करने के लिए देगा।

इसे भी पढ़ें: Riyadh हवाई अड्डे पर हमले में मारे गए भारतीय के अंतिम संस्कार में पहुंचे Ambassador Vipul

यही रियाद का सबसे बड़ा खौफनाक धर्म संकट भी है। क्योंकि अगर प्रिंस सलमान अमीरकी लड़ाकू विमानों को अपने एयर स्पेस का इस्तेमाल करने की इजाजत दे देंगे तो इसका सीधा मतलब होगा ईरान के साथ खोली जंग लेना। तेहरान तुरंत अपनी बैलस्टिक मिसाइलों का रुख रिहाद और अरामको की रिफाइनरियों की तरफ मोड़ देगा। वहीं दूसरी तरफ यमन में हूतियों का रुख इस कदर आक्रामक हो चुका है कि वे अब तेहरान की भी नहीं सुनने वाले। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के मुताबिक कई मौकों पर ईरान की सलाह को भी नजरअंदाज करते हुए हूतियों ने अपने अभियानों को अंजाम दिया है। उनका एकमात्र लक्ष्य अब अपने ऊपर लगे सभी ब्लॉकेट को तोड़ना है। त्रेता पारसी ने साफ शब्दों में कहा कि सऊदी अरब इस वक्त एक ऐसे कगार पर खड़ा हुआ है जहां उसके पास सिर्फ और सिर्फ बुरे विकल्प ही बचे हैं। सऊदी अरब औरतियों के बीच सालों से चला आ रहा सीज फायर तब टूटा था जब सऊदी ने कुछ महीने पहले सनाई एयरपोर्ट पर बमबार्डिंग शुरू की। लेकिन इस भयानक तबाही की असली जड़ है डोनाल्ड ट्रंप और इसराइल की ईरान के खिलाफ शुरू की गई वो बेवजह की जंग जिसने पूरे मिडिल ईस्ट को आग के हवाले कर दिया। 

इसे भी पढ़ें: Houthi Attack On Riyadh Airport | मिड-ईस्ट में भीषण जंग का असर! रियाद एयरपोर्ट 17 अक्टूबर तक बंद, हूथी हमलों के आगे कैसे फेल हुआ सऊदी डिफेंस सिस्टम?


सऊदी अरब कितना भी अमीर हो वो सस्ते ड्रोंस के खिलाफ लगातार करोड़ों डॉलर की इंटरसेप्टर मिसाइलें दाग कर लंबे समय तक अपनी अर्थव्यवस्था को तनाव में नहीं रख सकता है। हथियारों की गुणवत्ता, मारक क्षमता, तकनीक और विनाशकारी ताकत के मामले में सऊदी अरब निर्विवादित रूप से हुतियों से मीलों आगे है। लेकिन युद्ध के मैदान में सिर्फ हथियारों की कीमत मायने नहीं रखती है बल्कि उनका इस्तेमाल मायने रखता है। हुतियों ने यह साबित कर दिया कि एक गैर राज्य समूह मोबाइल लॉन्चर, सस्ते ड्रोंस और भूमिगत सुरंगों के सहारे दुनिया की सबसे आधुनिक सेनाओं को भी रणनीतिक गतिरोध में फंसाया जा सकता है। सऊदी अरब हवाई हमलों से हुदी के लॉन्च पैड को नष्ट कर सकता है। लेकिन जब एक ईरान से आने वाली सप्लाई लाइन पूरी तरह से नहीं कट जाती है और जमीन पर राजनीतिक समाधान नहीं निकलता है तब तक केवल बमबारी से इस खतरे को खत्म नहीं किया जा सकता है। 

Continue reading on the app

भारत-पाकिस्तान के मुस्लिमों को ट्रंप ने फंसा दिया, कर दी अजीब हरकत!

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अचानक इस्लाम और मुस्लिमों पर जुबानी हमले तेज कर दिए हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने अचानक मुस्लिमों के खिलाफ बयानबाजी की झड़ियां लगा दी हैं। किसी को समझ नहीं आ रहा कि डोनाल्ड ट्रंप चाहते क्या हैं। डोनाल्ड ट्रंप की वजह से ही आज शिया और सुन्नी देश आपस में लड़ रहे हैं। हुती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर 10 साल में सबसे बड़ा हमला कर दिया है। यहां तक कि डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सेना में काम कर चुके एक मुस्लिम सैनिक को गोली मारकर उसे मौत की सजा देने और उसके लाइव प्रसारण के आदेश तक दे दिए हैं। डोनाल्ड ट्रंप की इन हरकतों की वजह से सबसे ज्यादा दुविधा में पाकिस्तान और भारत के कुछ कट्टरपंथी हैं। पाकिस्तान और भारत के यह लोग समझ ही नहीं पा रहे कि डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ करें या डोनाल्ड ट्रंप को भला-बुरा कहें। दरअसल डॉनल्ड ट्रंप सरकार की नीतियों के चलते इस वक्त भारत और अमेरिका के संबंध भी बेहद खराब हैं। 

इसे भी पढ़ें: Donald Trump के संघर्षविराम दावे के बाद भी Russia ने ऊर्जा ठिकानों को बनाया निशाना: जेलेंस्की


डोनाल्ड ट्रंप लगातार भारत और पीएम मोदी को टारगेट करते रहते हैं। यह चीज भारत के कुछ कट्टरपंथियों और लगभग पूरे पाकिस्तान को पसंद आती है। लेकिन जैसे ही यह लोग भारत को परेशान करने वाले डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ की तैयारियां शुरू करते हैं, उससे पहले ही डोनाल्ड ट्रंप सीधे इस्लाम पर बयानबाजी शुरू कर देते हैं। ऐसे में डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ की जगह यह लोग डोनाल्ड ट्रंप को गालियां देनी शुरू कर देते हैं। डोनाल्ड ट्रंप से समर्थन मिलने के बाद हाल ही में अमेरिका के बिजनेसमैन एलेन मस्क ने भारत के खिलाफ एक नेगेटिव कैंपेन शुरू कर दिया। यह देखकर पाकिस्तान और भारत के कुछ कट्टरपंथी जश्न मनाने लगे। लेकिन उसके अगले ही दिन डोनाल्ड ट्रंप ने मुस्लिमों को लेकर एक ऐसा बयान दे दिया जिसने पूरी दुनिया में बवाल मचा दिया।  बयान में डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के लोगों को पागल कहा है। ट्रंप ने कहा है कि वहां के लोग अमेरिकियों को देखने के बाद नारे लगाते हैं कि हम तुम सबको मार डालेंगे। इनके पीछे 20 लोग खड़े होकर नारे लगाते हैं कि सिर्फ अल्लाह की तारीफ हो। ट्रंप ने कहा कि यह सभी लोग बेवकूफ हैं। 

इसे भी पढ़ें: Trump On France Protests| दिल्ली में लाठी नहीं चली, फ्रांस में क्यों आग लगी?


दरअसल अमेरिका में मिड टर्म चुनाव होने वाले हैं। 3 नवंबर को वोटिंग है। इसी कड़ी में डॉनल्ड ट्रंप ने अमेरिकी शहर मिशिगन में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार अब्दुल अल सैयद को कट्टर जिहादी बोल दिया है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अब्दुल कट्टरपंथी होने के साथ-साथ एक वामपंथी भी है। वो यहूदियों से नफरत करता है। डॉन्ड ट्रंप ने कहा कि मेरे हिसाब से वह एक कट्टर जिहादी है। मैं नहीं चाहता कि मिशिगन जैसे शहर से कोई कट्टर जिहादी सांसद जीते।  ट्रंप से ऐसे बयान सुनकर मुस्लिम दुविधा में फंस जाते हैं। वो समझ ही नहीं पाते कि डॉनल्ड ट्रंप की तारीफ करें या उन्हें गालियां दें। 

Continue reading on the app

  Sports

टीम है या दुनिया के लंबे तेज गेंदबाजों का ठिकाना, जानिए किसकी सबसे ज्यादा है हाईट?

क्रिकेट में लंबे कद वाले खिलाड़ी का एडवांटेज होता है. खासकर तब और ज्यादा जब वो गेंदबाज हो. हम यहां उस टीम की बात करने जा रहे हैं, जिसमें एक नहीं 5 लंबे गेंदबाज शामिल हैं. Tue, 13 Oct 2026 14:29:42 +0530

  Videos
See all

Mamata Banerjee News। West Bengal। Kolkata। CEC पर ममता की ‘यलगार’, CM शुभेंदु की पुलिस भी तैयार! #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-13T09:10:13+00:00

Supreme Court On Rahul Gandhi Live : Gyanesh Kumar पर राहुल गांधी को SC से झटका ! | Breaking News #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-13T09:11:15+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers