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AI की रेस में भारत! Sarvam AI ने OCR में Google-ChatGPT को पछाड़कर मचाया तहलका

भारतीय स्टार्टअप Sarvam AI दुनिया के बड़े टेक नामों को मात देता दिख रहा है।  Vision और Bulbul नाम के इसके दो नए AI टूल्स ने OCR और टेक्स्ट-टू-स्पीच जैसे क्षेत्रों में ऐसी परफॉर्मेंस दिखाई है कि गूगल जेमिनी, चैटजीपीटी और क्लाउड जैसे मॉडल्स से इसकी तुलना होने लगी है।

बता दें कि Sarvam AI के को-फाउंडर प्रत्यूष कुमार ने 5 फरवरी को जानकारी दी थी कि Sarvam Vision ने olmOCR-Bench नाम के अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क में सभी प्रमुख AI मॉडल्स को पीछे छोड़ दिया है। यह बेंचमार्क किसी AI की ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन क्षमता को परखता है, यानी स्कैन डॉक्यूमेंट, हैंडराइटिंग, जटिल फॉन्ट और लेआउट को समझने की योग्यता।

मौजूद जानकारी के अनुसार, Sarvam Vision ने olmOCR-Bench में 84.3 प्रतिशत सटीकता दर्ज की, जबकि OmniDocBench v1.5 में इसका स्कोर 93.28 प्रतिशत रहा। इस दौरान इस मॉडल ने तकनीकी टेबल, गणितीय फॉर्मूले और जटिल दस्तावेज़ संरचनाओं में खास तौर पर बेहतर प्रदर्शन किया है। गौरतलब है कि यह मॉडल खासतौर पर भारतीय भाषाओं और लिपियों पर प्रशिक्षित है, जिसकी वजह से देवनागरी और अन्य क्षेत्रीय स्क्रिप्ट्स में इसकी पकड़ अधिक मज़बूत है।

यही वजह है कि Sarvam Vision भारतीय दस्तावेज़ों, फॉर्म्स और मिश्रित भाषा वाले कंटेंट को बेहतर ढंग से प्रोसेस कर पा रहा है। यह भारतीय कंपनियों के लिए एक किफायती और देशी विकल्प भी बन सकता है, खासकर डॉक्यूमेंट प्रोसेसिंग जैसे कामों में।

इसी तरह Bulbul V3 टेक्स्ट-टू-स्पीच मॉडल ने भी ध्यान खींचा है। बताया जा रहा है कि भारतीय आवाज़ों और उच्चारण के मामले में Bulbul V3 ने ElevenLabs जैसे वैश्विक लीडर को भी बेंचमार्क्स में पीछे छोड़ा है।

हालांकि यहां एक अहम बात समझना ज़रूरी है। Sarvam AI ने चैटजीपीटी और जेमिनी को हर मामले में नहीं पछाड़ा है। यह बढ़त खास और सीमित उपयोगों तक है। चैटजीपीटी और जेमिनी जैसे मॉडल जनरल-पर्पज़ हैं, जो कोडिंग, पढ़ाई, मेडिकल इमेज एनालिसिस या जटिल बातचीत जैसे कई काम कर सकते हैं। Sarvam AI फिलहाल इन क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धा नहीं करता।

दरअसल Sarvam Vision जैसे मॉडल आकार में भी छोटे हैं। इसके लगभग 3 बिलियन पैरामीटर्स हैं, जबकि गूगल जेमिनी जैसे मॉडल्स के पैरामीटर्स की संख्या ट्रिलियन में मानी जाती है। बड़े मॉडल्स के लिए भारी कंप्यूटिंग पावर और हजारों GPUs की जरूरत होती है, जो अभी भारत में सीमित है।

इसके बावजूद Sarvam AI की यह उपलब्धि अहम मानी जा रही है। यह दिखाता है कि भारतीय स्टार्टअप्स में तकनीकी क्षमता की कोई कमी नहीं है। चुनौती मुख्य रूप से इंफ्रास्ट्रक्चर और कंप्यूट संसाधनों की है। Vision और Bulbul इस बात का प्रमाण हैं कि सही फोकस और स्थानीय जरूरतों की समझ के साथ भारत भी विश्वस्तरीय AI समाधान विकसित कर सकता है।

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FD होल्डर की मौत के बाद पैसा किसे मिलेगा? बच्चे-पोते या नॉमिनी, जानिए नियम

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BCCI की नई लिस्ट जारी: Shubman Gill को मिला प्रमोशन, Mohammed Shami का पत्ता कटा

बीसीसीआई ने सोमवार को 2025–26 सत्र के लिए केंद्रीय अनुबंधों की घोषणा कर दी, लेकिन इस बार कई ऐसे नाम बाहर रह गए जिन्होंने पिछली बार जगह बनाई थी। बता दें कि इस सूची में मोहम्मद शमी, ईशान किशन, रजत पाटीदार, सरफराज खान और मुकेश कुमार को शामिल नहीं किया गया, जिससे चयन नीति को लेकर चर्चा तेज हो गई।

मौजूद जानकारी के अनुसार, बोर्ड ने इस बार 30 पुरुष और 21 महिला खिलाड़ियों को सालाना अनुबंध दिए हैं, जिन्हें ग्रुप A, B और C में बांटा गया है। गौरतलब है कि इस बार A+ कैटेगरी को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है, जिससे अनुबंध संरचना में बड़ा बदलाव देखने को मिला। यह कैटेगरी पहले उन खिलाड़ियों के लिए होती थी जो तीनों फॉर्मेट में नियमित रूप से चयनित रहते थे।

इस फैसले का सीधा असर सीनियर खिलाड़ियों पर भी दिखा। विराट कोहली और रोहित शर्मा को ग्रुप B में रखा गया है। यह बदलाव काफी हद तक अपेक्षित था क्योंकि कोहली टेस्ट और टी20 से संन्यास ले चुके हैं, जबकि रोहित पहले ही टी20 क्रिकेट को अलविदा कह चुके हैं। मौजूदा नियमों के तहत प्रदर्शन और खेले गए मैचों की संख्या को आधार बनाया जाता है, ऐसे में दोनों अब शीर्ष ग्रुप के मानकों पर खरे नहीं उतरते।

वहीं, पहली बार शुभमन गिल को शीर्ष ग्रुप A में जगह मिली है। दो फॉर्मेट में टीम की कप्तानी कर रहे गिल को जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा के साथ इस श्रेणी में रखा गया है। हालांकि बीसीसीआई ने आधिकारिक रूप से अनुबंध राशि सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन पहले ग्रुप A का मूल्य करीब पांच करोड़ रुपये सालाना माना जाता था, जबकि ग्रुप B और C क्रमशः तीन करोड़ और एक करोड़ रुपये के आसपास रहे हैं।

A+ कैटेगरी को हटाने के पीछे भी एक अहम वजह सामने आई है। मौजूदा समय में जसप्रीत बुमराह ही ऐसे खिलाड़ी हैं जो तीनों फॉर्मेट में भारत की पहली पसंद बने हुए हैं। यही कारण है कि बोर्ड ने अलग से A+ ग्रुप बनाए रखने की जरूरत नहीं समझी। पहले इस कैटेगरी में कोहली, रोहित, जडेजा और बुमराह जैसे दिग्गज शामिल रहे हैं।

पुरुषों की सूची को इस बार 34 से घटाकर 30 खिलाड़ियों तक सीमित किया गया है। मोहम्मद शमी का बाहर होना खास तौर पर ध्यान खींचता है, क्योंकि इसे चयनकर्ताओं की भविष्य की योजनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं ईशान किशन, मुकेश कुमार और सरफराज खान को इसलिए अनुबंध नहीं मिला क्योंकि मूल्यांकन अवधि में वे एक भी अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेल सके। किशन की टी20 टीम में वापसी जरूर हुई है, लेकिन वह नए सत्र के अंतर्गत आती है।

इस सूची में एक नया नाम साई सुदर्शन का भी जुड़ा है, जो पुरुषों की सीनियर कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट में इकलौते नए चेहरे बने हैं। महिलाओं की बात करें तो हरमनप्रीत कौर, स्मृति मंधाना और दीप्ति शर्मा ने ग्रुप A में अपनी जगह बरकरार रखी है। वहीं जेमिमा रोड्रिग्स को उनके शानदार विश्व कप प्रदर्शन के बाद प्रमोशन मिला है, जो उनके करियर के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
Tue, 10 Feb 2026 21:53:41 +0530

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