Gandhinagar Civic Polls में BJP का दबदबा बरकरार, Amit Shah के गढ़ की 44 में से 38 सीटों पर कब्जा
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने गांधीनगर नगर निगम (GMC) पर अपना कब्ज़ा बनाए रखा है और निकाय चुनावों में 44 में से 38 सीटें जीती हैं। कांग्रेस को पांच सीटें मिलीं, जबकि एक निर्दलीय उम्मीदवार ने एक सीट जीती। आम आदमी पार्टी (AAP), जिसने 32 उम्मीदवार उतारे थे, एक भी सीट नहीं जीत पाई। 11 अक्टूबर को डाले गए वोटों की गिनती के बाद मंगलवार, 13 अक्टूबर को नतीजे घोषित किए गए।
इसे भी पढ़ें: कर्नाटक में BJP का दावा 25 Congress MLA पाला बदलने को तैयार DK Shivakumar ने किया पलटवार
चुनाव GMC के 11 वार्डों की सभी 44 सीटों (हर वार्ड में 4 सीटें) के लिए हुए, जिसमें 130 उम्मीदवार मैदान में थे। BJP और कांग्रेस ने सभी 44 सीटों पर चुनाव लड़ा, जबकि AAP ने 32 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। बीजेपी ने राज्य की राजधानी में अपना दबदबा बनाए रखा और 44 सदस्यों वाली नगर निकाय में 38 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। पार्टी ने 8 वार्डों में क्लीन स्वीप किया, यानी हर वार्ड की सभी 4 सीटें जीतीं; इसके अलावा दो अन्य वार्डों में भी तीन-तीन सीटें जीतीं। वार्ड 6 में पार्टी कांग्रेस से चारों सीटें हार गई।
बीजेपी के प्रमुख विजेताओं में वार्ड 1 से शिल्पबेन कानूजी ठाकोर और गौरव सुरेशभाई पटेल; वार्ड 3 से मितलबेन हार्दिकभाई खिमसुरिया, सोनालीबेन उरेनकुमार पटेल, अंकित अश्विनभाई बारोट और उमेशभाई रमेशचंद्र झा; और वार्ड 5 से हेमाबेन मंथनकुमार भट्ट, ध्वनि धवल शाह, कन्हैयालाल गंडाभाई देसाई और किंजलकुमार दशरथभाई पटेल शामिल थे। अक्टूबर 2021 में हुए पिछले GMC चुनावों में, बीजेपी ने 44 में से 41 सीटें जीती थीं। पार्टी ने नगर निगम पर अपना नियंत्रण बनाए रखा है, हालांकि पिछली बार के मुकाबले उसकी सीटों की संख्या कम हुई है।
इसे भी पढ़ें: JNU मामले में FIR पर बोले Congress MP Bimol Akoijam, अब अदालत में साबित होगी सच्चाई
कांग्रेस पांच सीटों के साथ दूसरे नंबर पर रही। वार्ड-वार नतीजों में पार्टी का सबसे अच्छा प्रदर्शन वार्ड 6 में रहा, जहां उसने सभी चार सीटें जीतीं और हर मुकाबले में बीजेपी उम्मीदवारों को हराया। कांग्रेस उम्मीदवार हंसाबेन ललितकुमार निनामा और मेघनाबेन राजूभाई देसाई ने क्रमशः सीट 1 और 2 जीतीं। मेहुलकुमार अरविंदभाई राठौड़ और कर्मजीतसिंह वीरेंद्रसिंह वाघेला ने सीट 3 और 4 हासिल कीं। पार्टी ने कॉरपोरेशन के 11 वार्डों की सभी 44 सीटों पर चुनाव लड़ा था। 2021 के चुनावों में कांग्रेस ने तीन सीटें जीती थीं, यानी हालिया चुनावों में उसकी सीटों की संख्या बढ़कर पांच हो गई।
धर्मांतरण का दबाव धार्मिक मान्यताओं का अपमान नहीं, Bombay High Court ने रद्द की FIR
बंबई उच्च न्यायालय ने एक दंपति पर ईसाई धर्म अपनाने के लिए दबाव डालने के आरोप में चार लोगों के खिलाफ दर्ज मामला रद्द कर दिया और कहा कि किसी व्यक्ति पर धर्मांतरण करने का दबाव डालना किसी वर्ग की धार्मिक मान्यताओं का अपमान करने के समान नहीं है। उच्च न्यायालय की नागपुर पीठ के न्यायमूर्ति एम. डब्ल्यू. चांदवानी ने कहा कि आरोपी अपने धर्म का प्रचार कर रहे थे, लेकिन उन्होंने देश के किसी भी वर्ग के नागरिकों की धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाई थी। अभियोजन पक्ष का दावा था कि आरोपियों ने शिकायतकर्ता और उसकी पत्नी से कहा था कि यदि वे हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपना लेते हैं, तो उन्हें हर महीने पैसे दिए जाएंगे, उनके बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाया जाएगा और उनके लिए एक घर भी बनवाया जाएगा।
आरोपियों ने कहा कि उनका उद्देश्य भारत के किसी भी वर्ग के नागरिकों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था और उन्होंने किसी धर्म का अपमान भी नहीं किया था। उच्च न्यायालय ने कहा, आरोपी केवल अपने धर्म का प्रचार कर रहे थे। इसका मतलब यह नहीं है कि ऐसा करके उन्होंने किसी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई।
अदालत ने छह अक्टूबर के अपने आदेश में कहा कि अधिक से अधिक आरोपियों पर यह आरोप लगाया जा सकता है कि उन्होंने शिकायतकर्ता और उसकी पत्नी पर हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपनाने का दबाव डाला था, लेकिन इससे उनकी धार्मिक मान्यताओं को ठेस नहीं पहुंची थी। अदालत ने इस बात पर भी ध्यान दिया कि कथित घटना वर्ष 2025 में हुई थी। उस समय महाराष्ट्र में प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने पर रोक लगाने वाला कोई कानून नहीं था।
अदालत ने कहा कि महाराष्ट्र ने धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा और गैरकानूनी धर्मांतरण पर रोक लगाने के लिए कानून बनाया है, जो 28 अगस्त 2026 से लागू हुआ। उच्च न्यायालय ने अमरावती निवासी आरोपियों जोसेफ खुड़ावंत, उनके बेटे विक्टर खुड़ावंत, बहू एल्विना खुड़ावंत और सामाजिक कार्यकर्ता अनंत मानकर के खिलाफ प्राथमिकी और आरोपपत्र रद्द कर दिया। आरोपियों ने जनवरी में अमरावती में दर्ज प्राथमिकी और इस मामले में दाखिल आरोपपत्र को रद्द करने की मांग की थी।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi






