Delhi Police ने Jantar Mantar Road को प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाया
(कुणाल दत्त) नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर दशकों तक जंतर-मंतर रोड दिल्ली में विरोध प्रदर्शन की आवाज का प्रमुख केंद्र रही और जोरदार प्रदर्शनों से लेकर शांतिपूर्ण आंदोलनों तक का पर्याय बन गई। इस सड़क का नाम 18वीं सदी की खगोलीय वेधशाला के नाम पर पड़ा, जिसका इतिहास भी बेहद दिलचस्प है। भारत में प्रदर्शनों के प्रमुख स्थलों में गिनी जाने वाली जंतर-मंतर रोड मध्य दिल्ली के एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक वेधशाला तक जाती है।
सड़क के दोनों ओर ब्रिटिश काल के कई बंगले हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) इस ऐतिहासिक वेधशाला का संरक्षण करता है। दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने 11 अक्टूबर को जारी एक स्थायी आदेश के तहत जंतर-मंतर रोड को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटा दिया और बड़े प्रदर्शनों के लिए मध्य दिल्ली के रामलीला मैदान, उत्तर दिल्ली के बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी मैदान के रूप में तीन नए स्थल घोषित किए।
इंडिया गेट के लॉन के पास स्थित बोट क्लब में प्रदर्शनों पर पाबंदियां लगाए जाने के बाद 1993 तक जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शनों के वैकल्पिक स्थल के रूप में उभर चुका था। इस सड़क और यहां स्थित प्रदर्शन स्थल का नाम खगोलीय वेधशाला के नाम पर पड़ा, जिसका निर्माण जयपुर के सवाई महाराजा जय सिंह द्वितीय ने 1724 में कराया था। तीन शताब्दियों से अधिक समय से यह वेधशाला भारत की स्थापत्य विरासत और इंजीनियरिंग कौशल की मिसाल के रूप में खड़ी है।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अनुसार, इसके विशाल परिसर में कई प्रमुख खगोलीय यंत्र हैं। इनमें सम्राट यंत्र शामिल है, जो पृथ्वी की धुरी के अनुरूप बनाए गए आधार वाला विशाल त्रिकोणीय धूपघड़ी यंत्र है। जयप्रकाश यंत्र में दो अर्धगोलाकार संरचनाएं हैं, जिनसे सूर्य और तारों की स्थिति का पता लगाया जाता है।
राम यंत्र में दो गोलाकार इमारतें हैं, जिनसे क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर कोण मापे जाते हैं। वहीं, मिश्र यंत्र ऐसा संयुक्त यंत्र है, जो विभिन्न महाद्वीपों में समय बताने और सूर्य की कर्क राशि में प्रवेश की स्थिति का पता लगाने में मदद करता है। एएसआई ने पहले कहा था, ‘‘जयपुर के संस्थापक और खगोल विज्ञान में गहरी रुचि रखने वाले सवाई जय सिंह द्वितीय ने दिल्ली, जयपुर, उज्जैन, वाराणसी और मथुरा में इन विशाल यंत्रों को तैयार करने से पहले पूर्वी और पश्चिमी, दोनों खगोलीय प्रणालियों का अध्ययन किया था।
अधिक सटीकता के लिए उन्होंने नाजुक धातुओं के बजाय ठोस चिनाई वाली संरचनाओं को चुना। दिल्ली की वेधशाला ईंटों के मलबे और चूने के पलस्तर से बनी है। समय-समय पर सावधानीपूर्वक इसकी मरम्मत की गई है, लेकिन इसका मूल स्वरूप बरकरार है।’’ वेधशाला की प्रत्येक संरचना भारत की समृद्ध वैज्ञानिक, खगोलीय और गणितीय प्रतिभा की विरासत की गवाही देती है।
दिल्ली का यह ऐतिहासिक स्थल शहर के बीचोंबीच एक विशाल परिसर में स्थित है। इसके एक ओर संसद मार्ग है। सूत्रों ने पहले बताया था कि शनिवार को मध्य दिल्ली में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम के कारण यह इलाका लगभग किले में तब्दील हो गया था और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन स्थल आम लोगों के लिए बंद था, लेकिन ऐतिहासिक वेधशाला को ‘‘आधिकारिक तौर’’ पर पर्यटकों के लिए खुला रखा गया था।
इस ऐतिहासिक सड़क पर स्थित प्रमुख इमारतों में सात, जंतर-मंतर रोड का बंगला भी शामिल है। दिल्ली के बीचोंबीच स्थित ब्रिटिश काल का यह आकर्षक बंगला कोई सामान्य पता नहीं है। पहले यह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) का मुख्यालय रह चुका है और वर्तमान में यहां एक पुराने ट्रस्ट द्वारा संचालित पुस्तकालय भी है।
जंतर-मंतर रोड पर स्थित दो मंजिला इस इमारत की वास्तुकला विशिष्ट है। पिछले कई दशकों के दौरान इस सड़क पर हुए अनगिनत सार्वजनिक विरोध प्रदर्शनों और लंबे धरनों की यह मूक गवाह रही है।
दिल्ली पुलिस ने INDIA ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन को लेकर चार FIR दर्ज कीं, BNSS की धारा 163 के कथित उल्लंघन का हवाला दिया
राष्ट्रीय राजधानी में चुनाव आयोग और मतदाता सूची के मुद्दों को लेकर विपक्ष के उग्र प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सोमवार (12 अक्टूबर) को INDIA गठबंधन द्वारा निकाले गए 'लोकतंत्र के लिए मार्च' के सिलसिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत लागू पाबंदियों और अन्य कानूनी प्रावधानों के उल्लंघन के आरोप में चार अलग-अलग FIR दर्ज की गई हैं। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, कुल चार FIR दर्ज की गई हैं। इनमें से दो तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन में, एक मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में और एक बाराखंभा रोड पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई हैं।
BNSS के कथित उल्लंघन पर FIR दर्ज
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पुलिस सूत्रों ने बताया कि इनमें से एक मामला कनॉट प्लेस में BNSS की धारा 163 के कथित उल्लंघन से जुड़ा है। ये FIR 12 अक्टूबर को राष्ट्रीय राजधानी में INDIA ब्लॉक द्वारा किए गए प्रदर्शन से संबंधित हैं। इन मामलों और हर FIR में लगाए गए खास आरोपों के बारे में अभी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।
INDIA ब्लॉक के नेताओं ने 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया
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INDIA ब्लॉक ने 12 अक्टूबर को नई दिल्ली में चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची के 'विशेष गहन संशोधन' (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर "लोकतंत्र के लिए मार्च" (March for Democracy) निकाला। राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी समेत विपक्ष के नेताओं ने कार्यकर्ताओं और नागरिक समाज के सदस्यों के साथ मिलकर सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च किया। प्रदर्शनकारियों ने भगवान दास रोड के पास एक बैरिकेड तो पार कर लिया, लेकिन उन्हें दूसरे बैरिकेड पर रोक दिया गया। इसके बाद विपक्षी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया के कुछ पहलुओं को चुनौती देते हुए और कथित अनियमितताओं पर चिंता जताते हुए एक संयुक्त याचिका सौंपी। विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की भी मांग की है।
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13 अक्टूबर के लिए INDIA ब्लॉक का कार्यक्रम
विपक्ष 13 अक्टूबर को भी अपना अभियान जारी रखेगा। दोपहर में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी और उसके बाद शाम 4 बजे नई दिल्ली में 5, सुनहरी बाग रोड स्थित राहुल गांधी के आवास पर 'हाई टी' (चाय-नाश्ते) का आयोजन किया जाएगा। गांधी ने इस बैठक के लिए INDIA ब्लॉक के सांसदों, सिविल सोसाइटी के सदस्यों और छात्र संगठनों को बुलाया है। उम्मीद है कि बातचीत में चुनाव में कथित गड़बड़ियों और SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्ष के अगले कदमों पर चर्चा होगी। ये बैठकें सोमवार को हुए मार्च और सुप्रीम कोर्ट में संयुक्त याचिका सौंपे जाने के बाद हो रही हैं, क्योंकि विपक्षी नेता इस मुद्दे पर एकजुट रुख बनाए रखना चाहते हैं।
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