दिल्ली पुलिस ने INDIA ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन को लेकर चार FIR दर्ज कीं, BNSS की धारा 163 के कथित उल्लंघन का हवाला दिया
राष्ट्रीय राजधानी में चुनाव आयोग और मतदाता सूची के मुद्दों को लेकर विपक्ष के उग्र प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सोमवार (12 अक्टूबर) को INDIA गठबंधन द्वारा निकाले गए 'लोकतंत्र के लिए मार्च' के सिलसिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत लागू पाबंदियों और अन्य कानूनी प्रावधानों के उल्लंघन के आरोप में चार अलग-अलग FIR दर्ज की गई हैं। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, कुल चार FIR दर्ज की गई हैं। इनमें से दो तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन में, एक मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में और एक बाराखंभा रोड पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई हैं।
BNSS के कथित उल्लंघन पर FIR दर्ज
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पुलिस सूत्रों ने बताया कि इनमें से एक मामला कनॉट प्लेस में BNSS की धारा 163 के कथित उल्लंघन से जुड़ा है। ये FIR 12 अक्टूबर को राष्ट्रीय राजधानी में INDIA ब्लॉक द्वारा किए गए प्रदर्शन से संबंधित हैं। इन मामलों और हर FIR में लगाए गए खास आरोपों के बारे में अभी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।
INDIA ब्लॉक के नेताओं ने 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया
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INDIA ब्लॉक ने 12 अक्टूबर को नई दिल्ली में चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची के 'विशेष गहन संशोधन' (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर "लोकतंत्र के लिए मार्च" (March for Democracy) निकाला। राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी समेत विपक्ष के नेताओं ने कार्यकर्ताओं और नागरिक समाज के सदस्यों के साथ मिलकर सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च किया। प्रदर्शनकारियों ने भगवान दास रोड के पास एक बैरिकेड तो पार कर लिया, लेकिन उन्हें दूसरे बैरिकेड पर रोक दिया गया। इसके बाद विपक्षी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया के कुछ पहलुओं को चुनौती देते हुए और कथित अनियमितताओं पर चिंता जताते हुए एक संयुक्त याचिका सौंपी। विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की भी मांग की है।
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13 अक्टूबर के लिए INDIA ब्लॉक का कार्यक्रम
विपक्ष 13 अक्टूबर को भी अपना अभियान जारी रखेगा। दोपहर में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी और उसके बाद शाम 4 बजे नई दिल्ली में 5, सुनहरी बाग रोड स्थित राहुल गांधी के आवास पर 'हाई टी' (चाय-नाश्ते) का आयोजन किया जाएगा। गांधी ने इस बैठक के लिए INDIA ब्लॉक के सांसदों, सिविल सोसाइटी के सदस्यों और छात्र संगठनों को बुलाया है। उम्मीद है कि बातचीत में चुनाव में कथित गड़बड़ियों और SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्ष के अगले कदमों पर चर्चा होगी। ये बैठकें सोमवार को हुए मार्च और सुप्रीम कोर्ट में संयुक्त याचिका सौंपे जाने के बाद हो रही हैं, क्योंकि विपक्षी नेता इस मुद्दे पर एकजुट रुख बनाए रखना चाहते हैं।
Ballia murder case: रोहित पांडेय हत्याकांड में चार दोषियों को उम्रकैद, 1.85 लाख जुर्माना
बलिया जिले की एक अदालत ने एक युवक की हत्या के करीब दो साल पुराने मामले में चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। एक विधि अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव सिंह ने बताया कि 20 जुलाई 2024 को पूर्वाह्न करीब 10 बजे राजेश कुमार पांडेय अपने भाई रोहित पांडेय (20) के साथ सब्जी खरीदने गया था और लौटते समय बांसडीह कोतवाली परिसर के पास पहले से घात लगाए बैठे आरोपियों ने उन पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया।
सिंह ने बताया कि इस हमले में दोनों भाई घायल हो गए। घटना के बाद आसपास के ग्रामीणों ने दोनों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। वहां से रोहित को गंभीर हालत में जिला अस्पताल भेज दिया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
उन्होंने बताया कि राजेश कुमार पांडेय की शिकायत पर बांसडीह कोतवाली में रोहित यादव, शेखर यादव, धर्मेंद्र उर्फ बागी यादव, अंकित यादव, जवाहर गोंड उर्फ लक्ष्मण, निशांत सिंह और ओम प्रकाश उर्फ प्रकाश यादव सहित कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और आयुध अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने जांच के बाद रोहित यादव, शेखर यादव, धर्मेंद्र उर्फ बागी यादव, अंकित यादव, जवाहर गोंड उर्फ लक्ष्मण और ओम प्रकाश उर्फ प्रकाश यादव के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अंकित यादव और धर्मेंद्र यादव ने स्वयं के किशोर होने का हवाला देते हुए आवेदन दिया जिस पर विचार करने के बाद अदालत ने इस साल 30 अप्रैल को दोनों के मामले किशोर न्याय बोर्ड को भेज दिए।
शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि जिला न्यायाधीश अनिल कुमार झा की अदालत ने सभी पक्षों की दलील सुनने के बाद सोमवार को मामले की सुनवाई पूरी। अदालत ने रोहित यादव, शेखर यादव, जवाहर गोंड और ओम प्रकाश को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई तथा प्रत्येक दोषी पर 1.85 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।
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