उज्जैन की भैरवगढ़ जेल में छाया नवरात्रि का रंग, बंदियों ने रखा उपवास, आरती के बाद करते हैं गरबा
शारदीय नवरात्रि की धूम देश भर में देखने को मिल रही है। हर जगह माता दुर्गा के पंडाल सजाए गए हैं और गरबे का आयोजन भी हो रहा है। इसी बीच उज्जैन की केंद्रीय भैरवगढ़ जेल में नवरात्रि का अनूठा आयोजन देखने को मिल रहा है। यहां सलाखों के पीछे सजा काट रहे बंदी माता की भक्ति में लीन नजर आ रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक जेल में 647 महिला और पुरुष बंदी ऐसे हैं, जिन्होंने 9 दिन का व्रत रखा है। इनके लिए यहां माता की स्थापना भी की गई। सुबह होते ही पूजा पाठ का दौर शुरू हो जाता है। जैसे ही शाम होती है पूरा परिसर गरबा और डांडिया की धुन से गूंज उठता है।
भक्ति में डूबे दिखते हैं बंदी
भैरवगढ़ जेल परिसर में 2043 बंदी हैं, जिनमें से 1951 पुरुष और 92 महिला बंदी हैं। यहां तीन बच्चे भी रहते हैं। नवरात्रि के दौरान होने वाली पूजा, आरती और गरबा में ये सभी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं। इस तरह से इन्हें चारदीवारी के भीतर धार्मिक आस्था से जुड़ने का मौका मिलता है। इस तरह से सामूहिक एकता का माहौल भी बना रहता है।
गरबा की धुन पर थिरकते बंदी
जेल में आयोजित किए गए नवरात्रि उत्सव में कैदी बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। जैसे ही शाम 6.30 बजे होने वाली आरती के बाद गरबा शुरू होता है। सभी बंदी इकट्ठा हो जाते हैं। इस दौरान 25 बंदी गरबा में हिस्सा लेते हैं। यहां सबसे ज्यादा आकर्षित करने वाली बात ये है कि पुरुष बंदी महिलाओं की वेशभूषा में गरबा करते हैं। पारंपरिक परंपरा से प्रेरित होकर पुरुष बंदियों द्वारा ये गरबा किया जाता है। इस दौरान बंदी खुद ही बैंड बजाते हैं, गीत गाते हैं और गरबा करते हैं। इस तरह से यहां रोज उत्साह और भक्ति का रंग नजर आता है।
बंदियों ने रखा उपवास
जेल में 647 बंदी नवरात्रि का उपवास कर रहे हैं। इनमें से 603 पुरुष और 44 महिला बंदी है। सभी ने 9 दिनों का उपवास रखा है। जेल अधीक्षक मनोज कुमार साहू के मुताबिक खंड अ और खंड ब में माता दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई है। यहां सुबह 6 बजे से पूजा पाठ शुरू हो जाती है। जेल में माता पद्मावती का मंदिर भी है, जहां निर्धारित समय में बंदी दर्शन करने पहुंचते हैं।
फलाहार की अलग व्यवस्था
जेल परिसर में बड़ी संख्या में बंदी उपवास रख रहे हैं। इसको देखते हुए जेल प्रशासन की ओर से विशेष खानपान की व्यवस्था की गई है। उन्हें मूंगफली के दाने, चिप्स, साबूदाने की खिचड़ी फलाहार के रूप में दी जाती है। सुबह चाय के समय 200 ग्राम दूध और दो केले भी दिए जाते है।
MP News: अग्निवीरों को पुलिस-जेल और वन रक्षक भर्ती में 20% आरक्षण, GAD ने जारी किए ये निर्देश, कैबिनेट में हुआ था फैसला
मध्य प्रदेश में वर्दीधारी सेवाओं में अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण देने के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी कर दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों, संभागायुक्तों, जिला कलेक्टरों और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप आरक्षण देने के निर्देश दिए हैं।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी भर्ती में अग्निवीर श्रेणी के पर्याप्त पात्र उम्मीदवार उपलब्ध नहीं होते हैं, तो उन रिक्त पदों को नियमानुसार अन्य योग्य उम्मीदवारों के माध्यम से मेरिट के आधार पर भरा जाएगा। इस व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के लिए सभी संबंधित विभागों को अपने विभागीय भर्ती नियमों में आवश्यक संशोधन करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
बता दें कि 29 सितंबर 2026 को मोहन कैबिनेट बैठक में पुलिस आरक्षक, विशेष सशस्त्र बल, जेल प्रहरी, वन रक्षक और आबकारी आरक्षक जैसी वर्दीधारी सेवाओं में अग्निवीरों को 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का बड़ा फैसला किया गया था। इसके तहत गृह, जेल, वन और आबकारी विभाग में कोटा तय किया गया था।
विभिन्न विभागों में आरक्षण का वर्गीकरण
गृह विभाग (आरक्षक – सामान्य ड्यूटी)
- अग्निवीर: 20%
- होमगार्ड: 10%
- भूतपूर्व सैनिक: 5%
गृह विभाग (आरक्षक – वि.स.बल)
- अग्निवीर: 20%
- होमगार्ड: 10%
- भूतपूर्व सैनिक: 5%
जेल विभाग (जेल प्रहरी)
- अग्निवीर: 20%
- होमगार्ड: 15%
- भूतपूर्व सैनिक: 5%
वन विभाग (वन रक्षक)
- अग्निवीर: 20%
- होमगार्ड: 15%
- भूतपूर्व सैनिक: 5%
वाणिज्यिक कर विभाग (आबकारी आरक्षक)
- अग्निवीर: 20%
- होमगार्ड: 10%
- भूतपूर्व सैनिक: 5%
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