ओम बिरला को हटाने के लिए विपक्ष ने लोकसभा सचिवालय को भेजा नोटिस, थरूर ने कहा- पार्टी का करेंगे समर्थन
नई दिल्ली, 10 फरवरी (आईएएनएस)। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को हटाने को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। कांग्रेस ने लोकसभा सचिवालय को नोटिस दे दिया है। कांग्रेस सांसदों का आरोप है कि लोकसभा अध्यक्ष अपने पद पर सही से काम नहीं कर रहे हैं।
AI से बने कंटेंट पर 20 फरवरी से लेबल लगाना:डीपफेक वीडियो-फोटो 3 घंटे में हटाने होंगे, सरकार का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को आदेश
सोशल प्लेटफॉर्म्स जैसे X (ट्विटर), यू-ट्यूब, स्नैपचैट और फेसबुक को अब अपने प्लेटफॉर्म पर शेयर किए जाने वाले AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) कंटेंट पर लेबल लगाना होगा। इसके लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने आज 10 फरवरी को प्लेटफॉर्म्स को आदेश जारी किया है। मंत्रालय ने 22 अक्टूबर को IT रूल्स 2021 में कुछ बदलाव करने के लिए ड्राफ्ट जारी किया था, जो 20 फरवरी से नए नियम के रूप में लागू हो जाएंगे। ये डीपफेक और AI से बने कंटेंट को लेबल करने और ट्रेस करने के लिए है। मतलब, ये साफ-साफ मार्क होगा कि कंटेंट असली नहीं, AI वाला है। इससे मिसइनफॉर्मेशन और चुनावी धांधली जैसी प्रॉब्लम्स पर लगाम लगेगी। मिनिस्ट्री कह रही है कि इंटरनेट को ओपन, सेफ, ट्रस्टेड और अकाउंटेबल रखने के लिए ये जरूरी है। हर AI कंटेंट पर ऑडियो-वीडियो लेबल लगाना होगा नई रूल 3(3) के तहत, जो भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म AI कंटेंट जैसी 'सिंथेटिकली जेनरेटेड इंफॉर्मेशन' क्रिएट करने देगा, उसे हर ऐसे कंटेंट पर प्रॉमिनेंट लेबल लगाना होगा। परमानेंट यूनिक मेटाडेटा/आइडेंटिफायर एम्बेड भी करना पड़ेगा। ये लेबल विजुअल में कम से कम 10% एरिया कवर करेगा, या ऑडियो में पहले 10% टाइम में सुनाई देगा। मेटाडेटा को कोई चेंज, हाइड या डिलीट नहीं कर पाएगा। प्लेटफॉर्म्स को टेक्निकल तरीके अपनाने पड़ेंगे ताकि अपलोड होने से पहले ही चेक हो जाए कि ये AI वाला है या नहीं। नए IT नियमों में ये 3 बदलाव भी जरूरी यूजर्स और इंडस्ट्री पर क्या असर पड़ेगा? यूजर्स के लिए अच्छा- अब फेक कंटेंट आसानी से पहचान सकेंगे, मिसइनफॉर्मेशन कम होगी। लेकिन क्रिएटर्स को एक्स्ट्रा स्टेप्स करने पड़ेंगे, जैसे लेबल लगाना। इंडस्ट्री के लिए चैलेंज ये होगा कि उन्हें मेटाडेटा और वेरिफिकेशन के लिए टेक इन्वेस्टमेंट करना होगा, जो ऑपरेशंस को थोड़ा महंगा कर सकता है। लेकिन ओवरऑल, ये AI मिसयूज रोकने में मददगार साबित होगा। MeitY ने इन नियमों पर क्या कहा? MeitY ने साफ कहा कि ये स्टेप 'ओपन, सेफ, ट्रस्टेड और अकाउंटेबल इंटरनेट' बनाने के लिए है, जो जनरेटिव AI से आने वाली मिसइनफॉर्मेशन, इम्पर्सनेशन और इलेक्शन मैनिपुलेशन जैसी रिस्क्स को हैंडल करेगा। इससे इंटरनेट ज्यादा भरोसेमंद बनेगा। --------------------------- ये खबर भी पढ़ें… X ने अश्लील AI कंटेंट पर सरकार को जवाब सौंपा:आईटी मंत्रालय जांच कर रहा, महिलाओं की आपत्तिजनक तस्वीरें क्रिएट कर शेयर करने का आरोप दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी इलॉन मस्क के AI चैटबॉट ग्रोक (Grok) के जरिए महिलाओं और बच्चों की अश्लील तस्वीरें बनाने के मामले में भारत सरकार को अपना जवाब सौंप दिया है। आईटी मंत्रालय ने 2 दिसंबर को मस्क की कंपनी को बुधवार शाम 5 बजे तक का समय दिया था। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, कंपनी ने एक्शन टेकन रिपोर्ट दाखिल कर दी है, जिसकी मंत्रालय जांच कर रहा है। सरकार ने चेतावनी दी थी कि अगर AI टूल्स के गलत इस्तेमाल पर कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो X को भारतीय कानूनों के तहत मिल रही कानूनी सुरक्षा खत्म कर दी जाएगी। पूरी खबर पढ़ें…
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