हल्की खांसी भी बन सकती है फेफड़ों के कैंसर का कारण, आयुष मंत्रालय ने बताए लक्षण
नई दिल्ली, 10 फरवरी (आईएएनएस)। डायबिटीज और थायराइड इस वक्त तेजी से बढ़ती बीमारियों में से एक हैं, जहां हर 10 में से 7 लोग डायबिटीज और थायराइड से पीड़ित हैं और कुछ को पता नहीं है कि वे इन बीमारियों से ग्रस्त हैं। डायबिटीज और थायराइड के बाद देशभर में फेफड़ों का कैंसर तेजी से बढ़ रहा है।
आईसीएमआर की रिपोर्ट की मानें तो साल 2025 में 81,219 पुरुष और 30,109 महिलाओं में नए कैंसर के मामले दर्ज किए गए हैं। आयुष मंत्रालय लगातार लोगों के बीच फेफड़ों के कैंसर के प्रति जागरूकता फैला रहा है।
अब आयुष मंत्रालय ने फेफड़ों के कैंसर के प्रति जागरुकता को लेकर पोस्ट शेयर किया है और बीमारी से जुड़े लक्षण और क्योर करने के तरीकों पर बात की है। आयुष मंत्रालय ने पोस्ट में बताया कि हल्की खांसी और सामान्य श्वसन संबंधी बीमारियां भी कभी-कभार कैंसर का रूप ले सकती हैं। फेफड़ों के कैंसर के लक्षण अक्सर हल्के होते हैं या सामान्य श्वसन संबंधी बीमारियों से मिलते-जुलते होते हैं, जिससे निदान में देरी हो सकती है। लगातार खांसी, थकान, सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द या बिना किसी स्पष्ट कारण के वजन कम होना जैसे लक्षणों को पहचानना अत्यंत आवश्यक है।
आयुष मंत्रालय ने साफ किया कि फेफड़ों के कैंसर के कई कारण हो सकते हैं और इसमें सिर्फ तंबाकू और धूम्रपान ही शामिल नहीं है, इसमें परोक्ष धूम्रपान, वायु प्रदूषण और रसायनों या एस्बेस्टस से जुड़े व्यावसायिक उद्योग भी खतरे पैदा करते हैं। अगर लक्षणों को सही समय पर पहचान कर डॉक्टर से सलाह और इलाज ले लिया जाए तो कई लोगों की जान बच सकती है।
अब जानते हैं कि फेफड़ों का कैंसर क्या है। सामान्य रूप से फेफड़ों की कोशिकाएं विभाजित होकर अलग सेल्स या कोशिकाएं बनाती हैं, और ये बहुत ही सामान्य प्रक्रिया होती है, लेकिन कई बार टूटकर नई बनने वाली कोशिकाओं में अनियमित परिवर्तन देखे जाते हैं, जो ट्यूमर का रूप ले लेती है और अंग को ठीक से काम नहीं करने देगी। फेफड़ों में मुख्यत: दो प्रकार के कैंसर होते हैं।
पहला है नॉन-स्मॉल सेल लंग कैंसर और दूसरा स्मॉल सेल लंग कैंसर। भारत में नॉन-स्मॉल सेल लंग कैंसर के केस ज्यादा देखने को मिलते हैं और सही समय पर इसका इलाज किया जा सकता है, लेकिन स्मॉल सेल लंग कैंसर शरीर के हर हिस्से में तेजी से फैलता है और ये नॉन-स्मॉल सेल लंग कैंसर की तुलना में ज्यादा खतरनाक होता है।
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पीएस/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
सर्जियो गोर की रिसेप्शन पार्टी में शामिल हुए पीयूष गोयल, बोले- भारत-अमेरिका साझेदारी नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगी
नई दिल्ली, 10 फरवरी (आईएएनएस)। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में अपने आवास पर एक रिसेप्शन पार्टी रखी। इस पार्टी में भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल भी शामिल हुए। केंद्रीय मंत्री गोयल ने गोर के साथ मुलाकात की तस्वीरें साझा की।
पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, भारत में अमेरिकी दूतावास में सर्जियो गोर के वेलकम रिसेप्शन में शामिल होकर बहुत खुशी हुई। मुझे विश्वास है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के साथ भारत-अमेरिका साझेदारी नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगी।
इस रिसेप्शन में भारत के दोस्तों, डिप्लोमैटिक समुदाय के सदस्यों, बिजनेस लीडर्स और अमेरिकी साझेदार शामिल हुए। केंद्रीय मंत्री एस जयशंकर और पीयूष गोयल के साथ 75 से ज्यादा अन्य राजदूत भी मौजूद थे।
सर्जियो गोर ने एक्स पर लिखा, आज रात भारत के प्यारे दोस्तों, डिप्लोमैटिक कम्युनिटी, बिजनेस लीडर्स और अमेरिका के पार्टनर्स के साथ घर पर एक शानदार रिसेप्शन रखा। हमारे देशों के नए ट्रेड फ्रेमवर्क और गहरे होते रणनीतिक संबंधों के बीच, असली जादू इन व्यक्तिगत पलों में होता है, जहां भरोसा, विचार और साझा भविष्य आकार लेते हैं। भारत और अमेरिका के बीच अनगिनत संभावनाओं के लिए!
गोर ने रिसेप्शन में शामिल होने के लिए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, एस जयशंकर और इसमें शामिल होने वाले 75 से ज्यादा राजदूतों का खास धन्यवाद किया। रिसेप्शन के दौरान अमेरिकी राजदूत गोर ने कहा कि व्हाइट हाउस में ट्रंप सरकार भारत पर ध्यान दे रही है। उन्होंने दोनों देशों के बीच अंतरिम व्यापार समझौते के लिए पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच मजबूत संबंधों को धन्यवाद दिया।
गोर ने कहा, मैं यहां एक महीने से थोड़ा ज्यादा समय से हूं और हमने काम शुरू कर दिया है। व्हाइट हाउस भारत पर ध्यान दे रहा है। हमारे राष्ट्रपति भारत पर ध्यान दे रहे हैं, और प्रेसिडेंट ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी की दोस्ती की वजह से हम आखिरकार ट्रेड डील कर पाए।
--आईएएनएस
केके/एएस
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