Jayant Chaudhary ने Delhi में जारी प्रदर्शनों पर उठाया सवाल, पुलिस सुरक्षा का किया बचाव
राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने सोमवार को दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शनों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति के सामने अपनी बात रख दी हैं, तो विरोध जारी रखने का क्या औचित्य है? उन्होंने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और जनता की सुरक्षा के लिए अधिकारियों द्वारा उठाए गए सुरक्षा कदमों का बचाव किया। हाथरस में पत्रकारों से बातचीत में चौधरी ने कर्तव्य निभाने के लिए पुलिस की सराहना की।
उन्होंने कहा कि वह पिछले कई दिनों से राष्ट्रीय राजधानी में भारी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती देख रहे हैं। दिल्ली में युवाओं के नेतृत्व में जारी प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘लोकतंत्र में विरोध करने का एक तरीका होता है। जब विपक्षी दल पहले ही राष्ट्रपति से मिलकर अपनी समस्या बता चुके हैं, तो सड़कों पर डटे रहना कितना सही है?’’ इससे पहले, आगरा जिले के फतेहपुर सीकरी विधानसभा क्षेत्र में रालोद की ‘स्वाभिमान रैली’ को संबोधित करते हुए चौधरी ने समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव का नाम लिए बिना उन पर परोक्ष रूप से निशाना साधा।
उन्होंने कहा, ‘‘कुछ लोगों ने मुझ पर हमले किए, लेकिन कई तीर मुझ तक नहीं पहुंचे। वे मेरी कीमत आंकने की कोशिश कर रहे थे। जो लोग मुझे एक ‘चवन्नी’ के बराबर भी नहीं समझते, उनसे मैं कहना चाहता हूं कि मैं तो ब्रज की धूल के बराबर भी नहीं हूं।
राजस्थान में कथित पुलिस ज्यादती के खिलाफ कॉजपा 10 दिन में करेगी बड़ा आंदोलन
कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने राजस्थान में छात्र एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर नजरबंद करने, हिरासत में लेने और पुलिस द्वारा मारपीट किए जाने के विरोध में अगले 10 दिन के भीतर बड़े आंदोलन की घोषणा की है। ‘कॉजपा’ के राष्ट्रीय प्रवक्ता दीपक बालियान ने सोमवार को जयपुर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि राजस्थान में पुलिस ने पार्टी कार्यकर्ताओं को दिल्ली में आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए कार्रवाई की और उनके परिवारों को भी परेशान किया। बालियान ने आरोप लगाया कि अलवर जिले के कठूमर क्षेत्र में उन्हें चार दिन तक घर में नजरबंद रखा गया और उनके घर पर चार थानों की पुलिस तैनात की गई।
पार्टी सदस्य गीगराज जोरली ने आरोप लगाया कि 10 अक्टूबर को दिल्ली में आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जाते समय पुलिस ने उन्हें वाहन में ही हिरासत में ले लिया। उन्होंने अपने साथी सुरेंद्र को भी कथित तौर पर अवैध हिरासत में रखे जाने का आरोप लगाया। उन्होंने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के अधिकार पर सवाल उठाते हुए पुलिस कार्रवाई की जवाबदेही तय करने की मांग की।
‘कॉजपा’ सदस्य शशिकांत ने आरोप लगाया कि आठ अक्टूबर को उन्हें और उनके साथी सूरज मीणा को जयपुर के गांधी नगर थाने में हिरासत में लेकर पीटा गया। उन्होंने पुलिस पर मोबाइल फोन छीनने और कानूनी सहायता लेने से रोकने का भी आरोप लगाया। संवाददाता सम्मेलन में डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) के प्रतिनिधियों रितांश और अन्वी ने भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया।
वक्ताओं ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के अधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा की जानी चाहिए। ‘कॉजपा’ ने छात्रों, महिलाओं, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ कथित पुलिस ज्यादतियों के विरोध में अगले 10 दिन के भीतर राजस्थान में बड़ा आंदोलन करने की घोषणा की। संगठन ने नागरिक संगठनों, छात्र संगठनों और सामाजिक समूहों से इसमें शामिल होने की अपील की।
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