राजस्थान में कथित पुलिस ज्यादती के खिलाफ कॉजपा 10 दिन में करेगी बड़ा आंदोलन
कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने राजस्थान में छात्र एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर नजरबंद करने, हिरासत में लेने और पुलिस द्वारा मारपीट किए जाने के विरोध में अगले 10 दिन के भीतर बड़े आंदोलन की घोषणा की है। ‘कॉजपा’ के राष्ट्रीय प्रवक्ता दीपक बालियान ने सोमवार को जयपुर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि राजस्थान में पुलिस ने पार्टी कार्यकर्ताओं को दिल्ली में आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने के लिए कार्रवाई की और उनके परिवारों को भी परेशान किया। बालियान ने आरोप लगाया कि अलवर जिले के कठूमर क्षेत्र में उन्हें चार दिन तक घर में नजरबंद रखा गया और उनके घर पर चार थानों की पुलिस तैनात की गई।
पार्टी सदस्य गीगराज जोरली ने आरोप लगाया कि 10 अक्टूबर को दिल्ली में आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जाते समय पुलिस ने उन्हें वाहन में ही हिरासत में ले लिया। उन्होंने अपने साथी सुरेंद्र को भी कथित तौर पर अवैध हिरासत में रखे जाने का आरोप लगाया। उन्होंने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के अधिकार पर सवाल उठाते हुए पुलिस कार्रवाई की जवाबदेही तय करने की मांग की।
‘कॉजपा’ सदस्य शशिकांत ने आरोप लगाया कि आठ अक्टूबर को उन्हें और उनके साथी सूरज मीणा को जयपुर के गांधी नगर थाने में हिरासत में लेकर पीटा गया। उन्होंने पुलिस पर मोबाइल फोन छीनने और कानूनी सहायता लेने से रोकने का भी आरोप लगाया। संवाददाता सम्मेलन में डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफआई) के प्रतिनिधियों रितांश और अन्वी ने भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया।
वक्ताओं ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के अधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा की जानी चाहिए। ‘कॉजपा’ ने छात्रों, महिलाओं, पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ कथित पुलिस ज्यादतियों के विरोध में अगले 10 दिन के भीतर राजस्थान में बड़ा आंदोलन करने की घोषणा की। संगठन ने नागरिक संगठनों, छात्र संगठनों और सामाजिक समूहों से इसमें शामिल होने की अपील की।
MP Voter List: मतदाता बनने के लिए उमड़े युवा, Form 6 के मिले 4 लाख से अधिक आवेदन
मध्यप्रदेश में एक अक्टूबर से अब तक मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 के 4,06,338 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें 18 से 19 वर्ष आयु वर्ग के लोगों के 1,92,851 आवेदन शामिल हैं। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा ने सोमवार को यह जानकारी दी।
झा ने यहां जारी एक बयान में कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार, बूथ स्तर के अधिकारी (बीएलओ) प्रदेशभर में आवेदन एकत्र कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने की सुविधा के लिए मध्यप्रदेश के विभिन्न स्थानों पर शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। फॉर्म-6 भारतीय नागरिकों के लिए मतदाता सूची में नए मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने का निर्धारित आवेदन पत्र है।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, आवेदक की आयु निर्धारित अर्हता तिथि पर कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए और वह संबंधित निर्वाचन क्षेत्र का सामान्य निवासी होना चाहिए। आयोग के मुताबिक, फॉर्म-6 ऑनलाइन मतदाता सेवा पोर्टल के माध्यम से या ऑफलाइन संबंधित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अथवा बूथ स्तर के अधिकारी के पास जमा किया जा सकता है। इस बीच, उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि उसने नए फॉर्म-6 को न तो मंजूरी दी है और न ही खारिज किया है।
बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से संबंधित मामले की सुनवाई के दौरान इस मुद्दे पर फैसला नहीं किया गया था। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने एसआईआर से संबंधित याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। निर्वाचन आयोग ने 26 सितंबर को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में संकेत दिया था कि उच्चतम न्यायालय ने बिहार में एसआईआर से संबंधित मई 2026 के फैसले में फॉर्म-6 के घोषणा पत्र को बरकरार रखा है।
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