झारखंड में कफन ओढ़कर जमीन पर लेटे पूर्व विधायक अमित मंडल, पेंशन और पत्रकार उत्पीड़न पर हेमंत सरकार को घेरा
Godda BJP Protest: झारखंड के गोड्डा जिले अंतर्गत बसंतराय प्रखंड कार्यालय परिसर में उस वक्त भारी हलचल मच गई, जब भारतीय जनता पार्टी के पूर्व विधायक अमित मंडल अपने समर्थकों के साथ कफन ओढ़कर जमीन पर लेट गए. सरकार की जनविरोधी नीतियों और स्थानीय प्रशासन की मनमानी के खिलाफ उनका यह अनोखा अंदाज पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया. अमित मंडल ने हेमंत सरकार पर बुजुर्गों, विधवा महिलाओं और दिव्यांग जनों के अधिकारों का गला घोंटने का सीधा आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि महीनों से लाचार लोग अपनी पेंशन के चंद रुपयों के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हुक्मरानों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही. इसी बेरुखी के विरोध में उन्हें यह कड़ा कदम उठाना पड़ा.
पेंशन के लिए दर-दर भटक रहे बेबस बुजुर्ग
प्रखंड परिसर में धरने के दौरान पूर्व विधायक ने प्रशासनिक व्यवस्था पर तीखे सवाल दागे. उन्होंने कहा कि समाज का सबसे कमजोर तबका अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए सरकारी पेंशन पर निर्भर रहता है. हेमंत सोरेन की सरकार में इन गरीबों को अपने ही हक के पैसे पाने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है. हर महीने प्रखंड कार्यालय में लंबी कतारें लगती हैं, मगर अधिकारियों के पास कोई संतोषजनक जवाब नहीं होता. सरकारी उदासीनता की वजह से हजारों परिवार गंभीर आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं. अमित मंडल ने स्पष्ट किया कि जब तक हर एक जरूरतमंद के खाते में रुकी हुई पेंशन की पाई-पाई नहीं पहुंच जाती, तब तक उनका यह आंदोलन किसी भी सूरत में रुकने वाला नहीं है.
अवैध बालू कारोबार और पत्रकार को धमकी का मामला गरमाया
धरने के दौरान अमित मंडल ने केवल पेंशन का ही सवाल नहीं उठाया, बल्कि इलाके में फल-फूल रहे अवैध बालू कारोबार को लेकर भी स्थानीय तंत्र को कटघरे में खड़ा किया. उन्होंने आरोप लगाया कि सफेदपोशों और अफसरों की मिलीभगत से नदियों का सीना छलनी कर प्राकृतिक संपदा लूटी जा रही है. वहीं जब एक स्थानीय पत्रकार ने इस काले धंधे की हकीकत जनता के सामने लाने की कोशिश की, तो उसे खुलेआम धमकियां दी जाने लगीं. लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर इस तरह का हमला पूरी तरह अस्वीकार्य है. उन्होंने प्रशासन से सवाल किया कि आखिर सच लिखने वाले पत्रकारों को डराने वालों पर अब तक मुकदमा क्यों नहीं हुआ. अमित मंडल ने दो टूक चेतावनी दी कि जब तक धमकी देने वाले आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं होती, तब तक उनका सत्याग्रह यूं ही चलता रहेगा.
Indian Railway: यात्रियों को अब मिलेगा कम्फर्टर, रेलवे ने इस ट्रेन में कंबल की जगह शुरू की नई सुविधा
Indian Railway: त्योहारी मौसम की शुरुआत के साथ ही भारतीय रेलवे अपने यात्रियों के सफर को सुगम, सुरक्षित और यादगार बनाने के लिए कई बड़े कदम उठा रहा है. दुर्गा पूजा के इस पावन अवसर पर पूर्वी रेलवे ने लंबी दूरी का सफर तय करने वाले मुसाफिरों के लिए एक बेहद खास और मनमोहक सौगात पेश की है. रेलवे की इस नई पहल से ट्रेनों में मिलने वाली सुविधाओं का स्तर अब सीधे फाइव स्टार होटल जैसा महसूस होने लगा है. खासकर देश की सबसे प्रतिष्ठित ट्रेनों में शुमार हावड़ा से नई दिल्ली के बीच दौड़ने वाली राजधानी एक्सप्रेस में यात्रा करने वाले मुसाफिरों को अब सफर के दौरान एक शाही और नया अहसास होने जा रहा है.
पुराने भारी कंबलों से अब मिला छुटकारा
आमतौर पर भारतीय रेल में सफर के दौरान दिए जाने वाले बिस्तर को लेकर यात्रियों के मन में साफ सफाई से जुड़ी कई चिंताएं रहती हैं. सालों से ट्रेनों में वही काले, भूरे या नीले रंग के भारी कंबल और सफेद चादरें दी जाती रही हैं, जिन्हें लेकर कई बार यात्रियों की शिकायतें भी सामने आती हैं. इसी बात को ध्यान में रखते हुए पूर्वी रेलवे ने एक बड़ा बदलाव किया है. ग्यारह अक्टूबर दो हजार छब्बीस से हावड़ा नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस के प्रथम वातानुकूलित यानी फर्स्ट एसी डिब्बों में सफर करने वाले यात्रियों को अब पुराने और पारंपरिक कंबलों की जगह एकदम नए, एक्सक्लूसिव प्रीमियम फ्लोरल कमफर्टर दिए जा रहे हैं. ये नए कमफर्टर न केवल देखने में बेहद आकर्षक और सुंदर हैं, बल्कि छूने में भी काफी हल्के और बेहद आरामदायक हैं. इनके मनमोहक रंग और खूबसूरत डिजाइन को देखकर डिब्बे के भीतर का पूरा माहौल ही बदल जाता है.
A TOUCH OF FLORAL LUXURY, A GIFT OF COMFORT!
— Eastern Railway (@EasternRailway) October 11, 2026
This Durga Puja, Eastern Railway adds a special touch of elegance to your journey! ???? Passengers travelling in 1st AC of the Howrah–New Delhi Rajdhani Express will enjoy exclusive premium floral comforters, replacing standard… pic.twitter.com/3qKY6PkOxT
साफ सफाई और धुलाई के कड़े नियम
कोरोना काल के बाद से ही ट्रेनों में यात्रा के दौरान लोग स्वच्छता और सेहत को लेकर काफी सतर्क रहने लगे हैं. यात्रियों की सेहत, सुविधा और सुरक्षा को सबसे ऊपर रखते हुए रेलवे प्रशासन ने इन नए फ्लोरल कमफर्टर्स के रख रखाव के लिए बेहद सख्त नियम बनाए हैं. रेलवे ने यह साफ किया है कि ट्रेन का प्रत्येक राउंड ट्रिप यानी एक पूरा चक्कर पूरा होने के बाद इन सभी प्रीमियम फ्लोरल कमफर्टर्स की धुलाई और गहन सैनिटाइजेशन किया जाएगा. इसका सीधा सा मतलब यह है कि जब भी कोई नया यात्री अपनी सीट पर बैठेगा, तो उसे पूरी तरह से धुला हुआ, सुगंधित, साफ सुथरा और कीटाणुरहित बेडरोल मिलेगा. तकिया कवर, चादर और इस नए रंग बिरंगे कंबल की स्वच्छता को लेकर रेलवे अब किसी भी तरह की लापरवाही बरतने के मूड में नहीं है.
अन्य ट्रेनों में भी लागू करने की तैयारी
रेलवे का यह नया प्रयोग सिर्फ एक ट्रेन तक ही सीमित रहने वाला नहीं है. त्योहारों के दौरान यात्रियों से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर रेलवे इस व्यवस्था को आगे भी जारी रखने और धीरे धीरे अन्य प्रमुख राजधानी, दुरंतो और तेजस जैसी प्रीमियम ट्रेनों में भी लागू करने पर गंभीरता से विचार कर रहा है. भारतीय रेलवे की यह सोच बताती है कि अब मुसाफिरों को केवल उनके गंतव्य तक पहुंचाना ही मकसद नहीं है, बल्कि उस पूरे सफर को एक सुखद और यादगार अनुभव में बदलना प्राथमिकता बन चुका है. अभी तक अधिकतर ट्रेनों में सादी सफेद चादरों के साथ गहरे रंग के भारी कंबल मिलते रहे हैं, लेकिन हल्के और रंगीन फ्लोरल प्रिंट वाले कमफर्टर निश्चित रूप से हर उम्र के यात्रियों का दिल जीत लेंगे.
त्योहारी सफर अब बनेगा और भी यादगार
दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ के दौरान ट्रेनों में भारी भीड़ उमड़ती है, ऐसे समय में अक्सर सुविधाओं में कमी देखने को मिलती है. लेकिन रेलवे ने इस बार यह साबित कर दिया है कि भारी भीड़भाड़ के बावजूद यात्रियों की व्यक्तिगत स्वच्छता, सेहत और आराम के साथ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा. अगर आप भी इस दुर्गा पूजा या त्योहारी छुट्टियों के दौरान अपने परिवार के साथ दिल्ली से हावड़ा या हावड़ा से दिल्ली का सफर तय करने की योजना बना रहे हैं, तो हावड़ा नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस का फर्स्ट एसी आपके लिए सबसे बेहतरीन विकल्प बन सकता है. रेलवे का यह आधुनिक और नया प्रयास भारतीय रेल को यात्री सुविधाओं के मामले में एक नए मुकाम पर ले जाता है, जहां हर सफर खुशगवार और सुकून भरा बन जाता है.
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