UP Assembly Election: Asaduddin Owaisi ने CM Yogi और अखिलेश को दी नई सीटों से लड़ने की चुनौती
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने सोमवार को कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संभल से और समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव को गोरखपुर से आगामी विधानसभा चुनाव लड़ना चाहिए। ओवैसी ने सोमवार को लखनऊ में पत्रकारों से कहा, ‘‘आज अयोध्या में सबसे बड़ा मुद्दा राम मंदिर के लिए एकत्र किए गए दान में हेराफेरी का है, जो हजारों करोड़ रुपये का है। जो आरोपी अभी जेल में हैं, वे जमानत पाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि जिन्होंने असल में चोरी की है, वे आजाद घूम रहे हैं।’’ उन्होंने अयोध्या से चुनाव लड़ने को लेकर योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव के बीच बयानबाजी की ओर भी इशारा करते हुए कहा कि वहां ‘नूरा कुश्ती’ जारी है।
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं। ओवैसी ने कहा, ‘‘मैंने कहा कि योगी आदित्यनाथ को संभल से चुनाव लड़ना चाहिए। उन्हें संभल जाकर कहना चाहिए कि ‘हमने आपकी मस्जिद गिराई थी, इसलिए मुझे वोट दें’।
और, ‘इंशा अल्लाह’ वहां की जनता उन्हें हरा देगी।’’ एआईएमआईएम प्रमुख ने कहा, ‘‘वहीं, अखिलेश यादव को गोरखपुर जाकर चुनाव लड़ना चाहिए और घोषणा करनी चाहिए कि ‘मैंने’ उस व्यक्ति को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है, जिसके पिता ने झारखंड में विधायकों को तोड़कर ‘इंडिया’ गठबंधन के उम्मीदवार को हराया था’।’’ उनका इशारा हाल में सपा की ओर से राज्यसभा सदस्य बने धनराज परिमल नाथवानी की ओर था, जिनके पिता परिमल नाथवानी इस साल जून में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के समर्थन से बतौर निर्दलीय उम्मीदवार झारखंड से राज्यसभा सदस्य बने थे। सितंबर में कांग्रेस में शामिल होने से पहले उत्तर प्रदेश में एआईएमआईएम के प्रमुख नेता रहे आसिम वकार ने भी इस पर अपनी बात रखी। उन्होंने पूछा कि ओवैसी खुद लखनऊ से चुनाव लड़ने के बजाय कांग्रेस और सपा नेताओं के लिए चुनाव क्षेत्रों का सुझाव क्यों दे रहे हैं।
वकार ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘इससे मुकाबला दिलचस्प हो जाएगा, है ना?’’ लखनऊ लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व रक्षा मंत्री और वरिष्ठ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता राजनाथ सिंह करते हैं। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने रविवार को अयोध्या विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की चुनौती पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जवाब देते हुए कहा कि पार्टी के उम्मीदवार पवन पांडेय ही भाजपा सरकार का अहंकार तोड़ने के लिए काफी हैं। सपा प्रमुख की यह टिप्पणी आदित्यनाथ द्वारा आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अयोध्या से नामांकन दाखिल करने की यादव की चुनौती को स्वीकार करने के एक दिन बाद आई है।
योगी आदित्यनाथ वर्तमान में उप्र विधानसभा में गोरखपुर शहर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।
Bijapur में 35 लाख के 6 इनामी Maoists ने किया सरेंडर, पुनर्वास नीति से हुए प्रभावित
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में तीन महिलाओं समेत छह माओवादियों ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। इन माओवादियों पर कुल 35 लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि एक अन्य घटना में सुरक्षाबलों ने पड़ोसी सुकमा जिले में माओवादियों के एक ठिकाने से हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक बरामद किए हैं। बीजापुर जिले के पुलिस अधीक्षक उमेश प्रसाद गुप्ता ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले छह माओवादियों में से चार पड़ोसी राज्य ओडिशा में सक्रिय थे। गुप्ता ने कहा कि ये माओवादी छत्तीसगढ़ सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति तथा बीजापुर में लागू की जा रही पुनर्वास पहलों से प्रभावित थे।
उन्होंने बताया कि माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने के कई कारण बताए हैं। इनमें सुरक्षाबलों का बढ़ता प्रभाव, प्रतिबंधित संगठन का कमजोर होता संगठनात्मक ढांचा, संगठन की हिंसक और जनविरोधी विचारधारा से मोहभंग, पूर्व माओवादियों का सफल पुनर्वास और आदिवासी क्षेत्रों में तेजी से हो रहा विकास शामिल हैं। अधिकारी ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वालों में रानी सोढ़ी उर्फ संध्या (30), उनके पति संतोष कुडियम उर्फ सुक्कु (27) और पांडो पोडियम उर्फ सस्मिता (28) शामिल हैं।
ये तीनों ओडिशा राज्य इकाई की कंपनी नंबर आठ में प्लाटून पार्टी कमेटी सदस्य (पीपीसीएम) के रूप में सक्रिय थे। इन सभी पर आठ-आठ लाख रुपये का इनाम घोषित था। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ इकाई की कंपनी नंबर दो में पीपीसीएम के रूप में सक्रिय रहे कोसा माडवी (30) पर भी आठ लाख रुपये का इनाम था।
वहीं, ओडिशा राज्य इकाई में पार्टी सदस्य रहे देवे माडकम उर्फ जन्नी (22) पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि बीजापुर के गंगालूर इलाके में पार्टी सदस्य के रूप में सक्रिय रहे लालू ताती (25) पर एक लाख रुपये का इनाम था। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादी बस्तर क्षेत्र के अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं।
उन पर छत्तीसगढ़ और ओडिशा में सुरक्षाबलों पर हुए कई हमलों में शामिल होने का आरोप है। पुलिस ने बताया कि पुनर्वास नीति के तहत उन्हें नयी जिंदगी शुरू करने और समाज में फिर से घुलने-मिलने में मदद के लिए आर्थिक सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण, आवास और शिक्षा की सुविधा दी जाएगी। इसके अलावा, उन्हें अपना काम शुरू करने या नौकरी पाने में भी मदद की जाएगी।
पुलिस ने बताया कि एक अन्य घटना में सुरक्षाबलों ने सोमवार को सुकमा जिले के किस्टाराम क्षेत्र के पालाचलमा जंगल से माओवादियों द्वारा पहले छिपाकर रखे गए हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक बरामद किए। अधिकारियों के अनुसार, पूर्व में आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर जिला पुलिस, जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) और बस्तर फाइटर्स के संयुक्त दल ने क्षेत्र में अभियान शुरू किया था। पुलिस ने बताया कि सोमवार सुबह तलाशी के दौरान दल को माओवादियों द्वारा पहले छिपाकर रखे गए हथियारों और अन्य सामान का जखीरा मिला।
बरामद सामान में दो .303 राइफल, एक सिंगल-शॉट बंदूक, चार बैरल ग्रेनेड लॉन्चर (बीजीएल), तीन 12-बोर राइफल, दो भरमार बंदूक और अन्य सामान शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि इस साल 31 मार्च को छत्तीसगढ़ को हथियारबंद माओवादियों की मौजूदगी से मुक्त घोषित किए जाने के बाद से सुरक्षाबलों ने माओवादियों द्वारा छिपाए गए हथियारों, गोला-बारूद, विस्फोटकों और अन्य सामान का पता लगाने के लिए सुकमा समेत बस्तर क्षेत्र के सात जिलों में तलाशी अभियान तेज कर दिया है।
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