हर एक महिला की जीवन का सबसे अच्छा पल प्रेग्नेंसी के दौरान होता है। प्रत्येक महिला का मां बनने का सपना जरुर देखती है। लेकिन प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं को कई तरह की परेशनियों से भी गुजरना पड़ता है। प्रेग्नेंसी के दौरान मूड स्विंग्स से लेकर वजन बढ़ने और बॉडी पेन तक, कई सारी परेशानियां सामने आती हैं। इन सभी तकलीफों के बाद वे रोजाना अपना काम जरुर करती हैं। आजकल ज्यादातर महिलाएं वर्किंग हैं,तो ऐसे में उन्हें ऑफिस तो जाना ही पड़ता है। कुछ महिलाएं ऐसी है जो ऑफिस और घर के काम के लिए कहीं जाने पर ड्राइविंग करती हैं। हालांकि, जैसे-जैसे प्रेग्नेंसी आखिरी महीने में पहुंची है, तो लोगों के मन में डर बना रहता है कि प्रेग्रेंसी के लास्ट मंथ में कार चलाना सेफ है या नहीं। आइए आपको इस लेख में बताते हैं कि प्रेग्नेंसी के आखिरी महीने में ड्राइविंग करना सेफ है या नहीं।
क्या प्रेग्नेंसी के आखिरी महीने में ड्राइव करना सेफ है?
गायनेकोलॉजिस्ट बताते हैं कि प्रेग्नेसी के लास्ट मंथ में कार ड्राइव करना सेफ नहीं माना जाता है। क्योंकि इस समय शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। इस दौरान पेट काफी हैवी हो जाता है, चलने-फिरने और उठने-बैठने में परेशानी बढ़ जाती है।
इन चीजों का बढ़ सकता है खतरा
अगर आप ड्राइविंग करेंगी तो जल्दी थकान आना, पेट में खिंचाव, अचानक दर्द या कभी भी लेबर पेन शुरु होने का खतरा ज्यादा रहता है। ऐसे में ड्राइव करना रिस्क भरा हो सकता है। डॉक्टर ने बताया है कि यदि आप किसी वजह से ड्राइव करना बहुत जरुरी होता है, तो आपको कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए।
- छोटी दूरी पर ही ड्राइव करें।
-सीट को थोड़ा पीछे रखें ताकि पेट पर दबाव न पड़े।
- ध्यान रखें कि सीट बेल्ट को सही तरीके से लगाएं।
- अकेले ड्राइव करने से बचें।
- किसी भी तरह की परेशानी आए तो तुरंत डॉक्टर के पास जरुर जाएं। क्योंकि एक छोटी-सी लापरवाही बड़ी परेशानी बन सकती हैं।
क्या प्रेग्नेंसी के शुरुआती महीनों में ड्राइव कर सकते हैं?
डॉक्टर ने बताया है कि प्रेग्नेंसी की शुरुआत के महीनों में ड्राइव करना सेफ माना जाता है। हालांकि तब भी सावधानी जरुरी है।
ड्राइव करते समय इन बातों का ध्यान रखें
- जब आप ड्राइव करें तो सीट बेल्ट हमेशा लगाएं।
- लैप बेल्ट पेट के नीचे रहे।
- शोल्डर बेल्ट कंधे के ऊपर से जाए।
- सीट और पेट के बीच थोड़ा गैप रखें।
- लंबी ड्राइव करने से बचें।
- यदि आप थकान, चक्कर या कमजोरी लगे ड्राइव बिल्कुल भी न करें।
हाई-रिस्क प्रेग्रेंसी में क्या करें
यदि आपकी प्रेग्नेंसी हाई-रिस्क है, जैसे
- ब्लड प्रेशर की समस्या
- डायबिटीज
- पहले से कोई कॉम्पिकेशन
इन सभी कंडीशनों के बाद डॉक्टर करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बहुत जरुरी है। दरअसल, हर महिला की कंडीशन अलग होती है इसलिए किसी के कहने पर ड्राइव बिल्कुल न करें। तो आप प्रेग्नेंसी के आखिरी महीने में ड्राइव करती हैं तो यह जोखिम हो सकता है।
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फिट रहने के लिए हर किसी को वर्कआउट करने की सलाह दी जाती है, लेकिन अगर आपको थायरॉइड हो तो ऐसे में वर्कआउट करना काफी चैलेंजिंग हो जाता है, क्योंकि एक्सरसाइज करने का मन तो करता है, लेकिन शरीर साथ नहीं देता। वर्कआउट करते हुए जल्दी थकान महसूस होती है या फिर कभी चक्कर-सा महसूस होता है, जिसकी वजह से सही तरह से एक्सरसाइज करना संभव ही नहीं हो पाता है।
अमूमन लोग एनर्जी के लिए वर्कआउट से पहले कॉफी या रेडीमेड प्री-वर्कआउट ड्रिंक का सेवन करते हैं। लेकिन अगर आपको थायरॉइड है तो ऐसे में इससे शरीर पर उल्टा असर पड़ सकता है। थायरॉइड में जरा-सी लापरवाही थकान, सूजन और वजन बढ़ने की वजह बन सकती है। इसलिए, आपको सही प्री-वर्कआउट चुनने की जरूरत होती है। तो चलिए आज इस लेख में हम इस बारे में विस्तार से जानेंगे-
भीगा हुआ बादाम और किशमिश
वर्कआउट से करीबन आधे घंटे पहले आप 4-5 भीगे बादाम और 4-5 किशमिश ले सकती हैं। बादाम से हेल्दी फैट और हल्का प्रोटीन मिलता है, जबकि किशमिश से नेचुरल एनर्जी देती है। जिससे आपको थकान कम होती है। थायरॉइड में इसे एक अच्छा प्री-वर्कआउट माना जाता है, क्योंकि इसमें कोई स्टिमुलेंट नहीं होता है और ब्लड शुगर धीरे-धीरे बढ़ती है।
केला और दालचीनी
केले को एक बेहतरीन प्री-वर्कआउट के रूप में देखा जाता है। आप आधा केला या फिर एक छोटा केला लें और ऊपर से एक चुटकी दालचीनी डालकर खा लें। इससे आपको तुरंत एनर्जी मिलेगी और मसल्स में क्रैम्प कम होंगे। साथ ही, वर्कआउट में ताकत बनी रहती है।
भुना चना और थोड़ा गुड़
वर्कआउट से पहले आप एक मुट्ठी भुना चने के साथ छोटा सा गुड़ का टुकड़ा भी ले सकती हैं। इससे आपको अच्छी एनर्जी और प्रोटीन मिलता है। साथ ही, वर्कआउट के दौरान स्टैमिना बना रहता है और भूख कंट्रोल होती है। थायरॉइड में इसे सेफ माना जाता है, क्योंकि इसमें प्रोसेस्ड शुगर नहीं होती है और लंबे समय तक एनर्जी बनी रहती है। यह आपके मेटाबॉलिज्म को सपोर्ट भी करता है।
नारियल पानी
अगर आप चाहें तो वर्कआउट से करीबन 20 मिनट पहले एक गिलास सादा नारियल पानी भी ले सकते हैं। इससे शरीर हाइड्रेट रहता है और कमजोरी और चक्कर की शिकायत नहीं होती है। नारियल पानी इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस रखने में मदद करता है।
- मिताली जैन
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