'PM मोदी सच्चे दोस्त...', अमेरिका से लौटने के बाद बोले नेतन्याहू, इजरायली प्रधानमंत्री ने दुनिया को दिया ये संकेत
Israeli PM Benjamin Netanyahu: हाल ही में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की. इसके बाद अब भारत के साथ अपने देश के गहरे संबंधों को लेकर पीएम नेतन्याहू ने एक बहुत बड़ा बयान दिया है. ईरान के साथ जारी खिंचाव और क्षेत्रीय अस्थिरता के दौर में नेतन्याहू ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर सराहना की है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी उनके सबसे बेहतरीन और सच्चे दोस्तों में से एक हैं. नेतन्याहू ने यह भी माना कि वैश्विक स्तर पर भारत से इजरायल को जो समर्थन और प्यार मिल रहा है, वह वास्तव में बहुत लाजवाब है. उनके इस बयान से दोनों देशों के मजबूत और अटूट रिश्तों की झलक एक बार फिर दुनिया के सामने आ गई है.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इजरायल के अकेले पड़ने का दावा खारिज
सोमवार को इजरायल की विदेश नीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर अपने विचार व्यक्त करते हुए बेंजामिन नेतन्याहू ने उन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें कहा जा रहा था कि इजरायल दुनिया में अकेला पड़ गया है. उन्होंने कहा कि जो लोग यह सोचते हैं कि इजरायल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग थलग पड़ चुका है, वे पूरी तरह गलत हैं. नेतन्याहू ने जोर देकर कहा कि उनका देश दुनिया के नए और मजबूत साझेदारों के साथ अपने संबंधों को लगातार नया रूप दे रहा है. इस पूरी प्रक्रिया में भारत सबसे प्रमुख और महत्वपूर्ण देशों की सूची में शामिल है. उन्होंने आगे कहा कि आज के समय में अधिक मजबूत साझेदारियां बनाना बहुत जरूरी है और इसीलिए इजरायल भारत के साथ अपने रणनीतिक रिश्तों में भारी निवेश कर रहा है.
पिछले कुछ सालों में नई ऊंचाइयों पर पहुंचे द्विपक्षीय संबंध
भारत और इजरायल के रिश्ते पिछले एक दशक में बहुत तेजी से बदले हैं और बेहद मजबूत हुए हैं. विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के दौर में दोनों देशों का आपसी सहयोग काफी बढ़ गया है. रक्षा के क्षेत्र से लेकर व्यापार, आधुनिक तकनीक, कृषि, साइबर सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग तक, हर मोर्चे पर दोनों देशों ने मिलकर काम किया है. इजरायल की उच्च तकनीक और भारत के विशाल बाजार तथा प्रतिभा ने इस साझेदारी को एक नया आयाम दिया है. दोनों देशों के बीच समय समय पर हुई उच्च स्तरीय वार्ताओं ने इन संबंधों को और ज्यादा प्रासंगिक और मजबूत बनाया है.
2018 की ऐतिहासिक भारत यात्रा और नई साझेदारी
दोनों नेताओं के बीच की इस खास दोस्ती की बुनियाद साल 2018 में और मजबूत हुई थी, जब इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत का ऐतिहासिक दौरा किया था. उस दौरान भारत और इजरायल के बीच 9 प्रमुख और महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए थे. उन समझौतों ने कृषि, जल प्रबंधन और रक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग की नई राह खोली थी. उसी यात्रा के दौरान दोनों शीर्ष नेताओं ने भारत और इजरायल के आपसी संबंधों को 'विशेष साझेदारी' का दर्जा दिया था. उस दौरे के बाद से ही दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और व्यापारिक रिश्ते बहुत तेजी से आगे बढ़े हैं.
2026 में रिश्तों को मिला नया रणनीतिक स्तर
हाल ही में दोनों देशों के संबंधों ने विकास का एक और नया दौर देखा है. इस साल दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को एक नए स्तर पर पहुंचाते हुए इसे 'शांति, नवाचार और समृद्धि के लिए विशेष रणनीतिक साझेदारी' का आधिकारिक दर्जा दिया है. इसी क्रम में फरवरी 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल का एक बहुत ही महत्वपूर्ण दौरा किया था. इस यात्रा के दौरान दोनों देशों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई, रक्षा उत्पादन, क्रिटिकल मिनरल, आपसी व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और श्रम जैसे कई नए और अत्याधुनिक क्षेत्रों में मिलकर काम करने पर सहमति जताई थी.
भारत को बताया दुनिया की बड़ी महाशक्ति
यह पहली बार नहीं है जब बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत की तारीफ की हो. वह इससे पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत को दुनिया की एक बड़ी और उभरती हुई महाशक्ति बता चुके हैं. नेतन्याहू का मानना है कि भारत न केवल एशिया में बल्कि पूरी दुनिया में एक बेहद महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार के रूप में उभरा है. भारत की वैश्विक नीतियों और तटस्थ रुख ने इसे हर देश के लिए एक भरोसेमंद साथी बना दिया है. ईरान के साथ जारी संकट के समय नेतन्याहू का यह बयान दर्शाता है कि इजरायल भारत के साथ अपने इस ऐतिहासिक और भरोसेमंद रिश्ते को कितनी ज्यादा अहमियत देता है. आने वाले समय में यह दोस्ती दोनों देशों के विकास और सुरक्षा के लिए और भी ज्यादा असरदार साबित होने वाली है.
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पाकिस्तान में ही ऐसा हो सकता है भाई! अपने ही देश की लीग में विदेशी खिलाड़ी बनकर उतरेगा ये खिलाड़ी, जानें क्या है अतरंगी मामला
PSL 2026: पाकिस्तान क्रिकेट में कुछ भी हो सकता है, जिसका एक और उदाहरण सामने आ रहा है. पाकिस्तान का एक स्टार खिलाड़ी अब उन्हीं की घरेलू टी-20 लीग पीएसएल में विदेशी खिलाड़ी के तौर पर खेलने वाला है. अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर वो गेंदबाज कौन है और ऐसा आखिर क्यों होगा? तो आइए इस आर्टिकल में हम आपको इसके पीछे की वजह के बारे में बताते हैं. साथ ही जानते हैं कि इस खिलाड़ी को ब्रिटिश नागरिकता कैसे मिली?
क्या है पूरा मामला?
पाकिस्तान का जो खिलाड़ी पीएसएल 2027 में विदेशी खिलाड़ी के तौर पर खेलने वाला है, वो कोई और नहीं उन्हीं के पूर्व स्टार तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर हैं. बात कुछ ऐसी है कि मोहम्मद आमिर को ब्रिटिश नागरिकता मिल चुकी है, जिसके बाद अब उन्होंने ये साफ कर दिया है कि वह पाकिस्तान सुपर लीग 2027 की नीलामी में एक विदेशी खिलाड़ी के तौर पर खुद को रजिस्टर करेंगे. बता दें, आमिर को इसी साल की शुरुआत में ब्रिटिश नागरिकता मिली थी. उनकी पत्नी नरजिस खान ब्रिटिश नागरिक हैं.
आपको बता दें, मोहम्मद आमिर की पत्नी नरजिस खान ब्रिटिश नागरिक हैं. वहीं, मोहम्मद आमिर ने कई साल पहले ब्रिटिश नागरिक बनने का आवेदन दिया था और इस साल की शुरुआत में उन्हें ब्रिटिश नागरिकता मिल गई. मोहम्मद आमिर ने पिछले साल इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया था और वो फ्रेंचाइजी क्रिकेट खेल रहे हैं. ब्रिटिश नागरिकता मिलने से अब वह इंग्लैंड की लीग द हंड्रेड में एक घरेलू खिलाड़ी के रूप में खेल रहे थे. इससे पहले टी20 ब्लास्ट टूर्नामेंट के लिए भी उन्हें नॉटिंघमशर ने एक घरेलू क्रिकेटर के तौर पर साइन किया गया था. ऐसे में अब आमिर PSL 2027 की नीलामी में विदेशी खिलाड़ी के तौर पर शामिल होंगे.
Mohammad Amir on his franchise cricket future ????#Cricket #MohammedAmir #PSL #TheHundred pic.twitter.com/gqNEPgHYi1
— CREX (@Crex_live) August 3, 2026
मोहम्मद आमिर के आंकड़े
मोहम्मद आमिर की गिनती पाकिस्तान के खतरनाक गेंदबाजों में होती है. आमिर ने चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में भारत के खिलाफ मोहम्मद कमाल का प्रदर्शन किया था और अपनी टीम को ट्रॉफी जिताने में अहम भूमिका निभाई थी. आमिर ने 6 ओवर में 16 रन देकर रोहित शर्मा, विराट कोहली और शिखर धवन के रूप में 3 बड़े विकेट लिए. 2010 लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने 6/84 का शानदार प्रदर्शन किया. यह उनके टेस्ट करियर का सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन है. मेलबर्न टेस्ट 2010 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी इस गेंदबाज ने महज 18 साल की उम्र में 5 विकेट लिए थे. टी20 वर्ल्ड कप 2024 में भारत के खिलाफ आमिर ने 4 ओवर में 23 रन देकर 2 विकेट लिए. पाकिस्तान मैच नहीं जीत सका, लेकिन उनकी गेंदबाजी की खूब तारीफ हुई.
आंकड़ों की बात करें, तो पाकिस्तान के लिए 36 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें 30.47 के औसत से 119 विकेट झटके हैं. उन्होंने 61 मैच में 29.62 के औसत से 81 विकेट झटके हैं. इसके अलावा उन्होंने 62 T20I मैच खेले, जिसमें 21.94 के औसत से 71 विकेट झटके.
PSL में कैसे हैं मोहम्मद आमिर के आंकड़े?
मोहम्मद आमिर की गिनती पाकिस्तान सुपर लीग के सबसे सफल गेंदबाजों में शुमार हैं. मोहम्मद आमिर ने 2016 से 2026 के बीच उन्होंने 94 मैच खेले हैं, जिसकी 93 पारियों में उन्होंने 27.09 के औसत से 98 विकेट झटके हैं. उन्होंने 3 बार फोर विकेट हॉल लिया है. ऐसे में अब पाकिस्तान सुपर लीग 2026 की नीलामी में जब आमिर विदेशी गेंदबाज के तौर पर शामिल होंगे, तो कोई भी फ्रेंचाइजी उन्हें अपने साथ जोड़ना चाहेगी, क्योंकि उनके रहने से पेस अटैक काफी मजबूत हो जाता है.
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