US Shooting | मैरीलैंड के हाई स्कूल में गोलीबारी से हड़कंप, परिसर में 'लॉकडाउन' और एक संदिग्ध हिरासत में
अमेरिका के मैरीलैंड राज्य स्थित एक हाई स्कूल में सोमवार दोपहर हुई गोलीबारी की घटना ने हड़कंप मचा दिया। वाशिंगटन डीसी के उपनगर रॉकविले स्थित थॉमस एस. वूटन हाई स्कूल में एक व्यक्ति को गोली मार दी गई, जिसके बाद पूरे स्कूल परिसर को 'लॉकडाउन' कर दिया गया। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है। पुलिस ने यह जानकारी दी। स्कूल परिसर में ‘लॉकडाउन’ की स्थिति हैं जहां से कोई बाहर भी नहीं निकल सकता। मॉन्टगोमरी काउंटी पुलिस ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में बताया कि गोलीबारी के संबंध में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है।
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रॉकविले सिटी पुलिस ने सोशल मीडिया पर पोस्ट में कहा कि आमजन को अब कोई खतरा नहीं है। पुलिस ने बताया कि वाशिंगटन डीसी के उपनगर रॉकविले में थॉमस एस वूटन हाई स्कूल में गोलीबारी की सूचना मिलने पर अपराह्न दो बजकर 15 मिनट पर अधिकारियों को मौके पर भेजा गया। स्कूल की प्रशासक तबिथा डेविस ने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ से कहा, ‘‘स्कूल अब भी बंद है। पुलिस यहां मौजूद है और सभी बच्चे कक्षाओं में हैं।’’ रॉकविले, मॉन्टगोमरी काउंटी का मुख्यालय है।
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स्कूल में 'लॉकडाउन' की स्थिति
गोलीबारी के तुरंत बाद प्रोटोकॉल के तहत स्कूल को पूरी तरह बंद (Lockdown) कर दिया गया। स्कूल प्रशासक तबिथा डेविस ने जानकारी दी कि पुलिस की मौजूदगी के बीच सभी छात्र अपनी कक्षाओं में सुरक्षित हैं और फिलहाल किसी को भी परिसर से बाहर जाने या अंदर आने की अनुमति नहीं है।
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पूर्वी अफ्रीकी देश केन्या इस समय पिछले कई दशकों के सबसे भीषण सूखे का सामना कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र (UN) और विभिन्न राहत संगठनों द्वारा जारी ताजा रिपोर्टों के अनुसार, देश के उत्तर-पूर्वी इलाकों में सूखे की स्थिति भयावह हो गई है, जिससे 20 लाख से अधिक लोग गंभीर भुखमरी का शिकार हैं। केन्या के राष्ट्रीय सूखा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, देश के करीब 10 जिले इस समय सूखे से जूझ रहे हैं। सोमालिया से सटे केन्या के उत्तर-पूर्वी मंडेरा जिले में स्थिति “चेतावनी” स्तर पर पहुंच गई है।
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इसका मतलब है कि पानी की गंभीर कमी के कारण पशुओं की मौत हो रही है और बच्चे कुपोषण का शिकार हो रहे हैं। जनवरी के अंत में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा था कि यही परेशानी सोमालिया, तंजानिया और यहां तक कि युगांडा तक फैल रही है, जहां लोग इसी तरह के मौसम और पानी की गंभीर कमी से जूझ रहे हैं। हाल के हफ्तों में सोमाली सीमा के पास सूखाग्रस्त इलाकों से झकझोर देने वाली तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें मवेशियों को बेहद कमजोर और कुपोषित हालत में देखा जा सकता है।
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यह इलाका जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से जूझ रहा है। हाल के वर्षों में कुछ क्षेत्रों में बारिश के मौसम की अवधि छोटी हो गई है, जिससे सूखे की स्थिति पैदा हो रही है। संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार, अक्टूबर से दिसंबर के बीच का बारिश का मौसम अब तक के सबसे सूखे मौसमों में से एक रहा।
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