कैंची धाम में दर्शन के साथ एडवेंचर का रोमांच:शिप्रा नदी पर बनेगा ओम आकार का कांच का पुल; व्यू पॉइंट के साथ डिजाइन तैयार
विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम में श्रद्धालु जल्द ही कांच के पुल से एडवेंचर को एन्जॉय करते हुए बाबा नीब करौली महाराज के दर्शन कर सकेंगे। लोक निर्माण विभाग (PWD) की ओर से ‘ओम’ आकार के ग्लास ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए एंटी-स्लिप सतह, व्यू-पॉइंट समेत अन्य आधुनिक खूबियों वाला डिजाइन तैयार कर लिया गया है। नैनीताल जिले के भवाली स्थित कैंची धाम में मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत बन रहा यह पुल श्रद्धालुओं को बाबा के दर्शन के साथ-साथ शिप्रा घाटी का अद्भुत अनुभव भी कराएगा। यह ग्लास ब्रिज स्टेट ऑफ द आर्ट थीम पर तैयार किया जा रहा है। ‘ओम’ आकार के कारण इसे ‘ओम ब्रिज’ नाम दिया गया है। इसकी कुल लंबाई 36 मीटर और चौड़ाई 2 मीटर होगी। विभाग के अनुसार, ब्रिज के दाहिने एबटमेंट का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि बाएं हिस्से और फैब्रिकेशन का काम जारी है। धाम में उमड़ने वाली भारी भीड़ और जाम की समस्या को देखते हुए इसे जून 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। क्या है स्टेट ऑफ द आर्ट थीम कैंची धाम में बनने वाला ओम ग्लास ब्रिज पारंपरिक निर्माण पद्धति से अलग, आधुनिक और नवीन तकनीक के आधार पर तैयार किया जा रहा है। इसमें हाई-स्ट्रेंथ सेफ्टी ग्लास का उपयोग होगा, जो बहु-स्तरीय होने के कारण भारी वजन और झटकों को आसानी से सहन कर सकेगा। ब्रिज का डिजाइन और इंजीनियरिंग भी खास होगी, ओम के आकार में तैयार इस संरचना में संतुलन, मजबूती और सौंदर्य तीनों का विशेष ध्यान रखा गया है। सुरक्षा के लिहाज से एंटी-स्लिप ग्लास, मजबूत रेलिंग और तय क्षमता के अनुसार ही श्रद्धालुओं की आवाजाही की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही पर्यटन अनुभव को बेहतर बनाने के लिए ऐसी तकनीक अपनाई जा रही है, जिससे पुल से नीचे शिप्रा घाटी साफ दिखाई दे, फोटो-व्यू पॉइंट मिलें और श्रद्धालुओं को रोमांचक लेकिन पूरी तरह सुरक्षित अनुभव हो। पूरे ढांचे को इस तरह डिजाइन किया गया है कि इसका रखरखाव कम हो और यह मौसम व भारी भीड़ दोनों की चुनौती को लंबे समय तक झेल सके। कांच के फर्श से दिखेंगी शिप्रा नदी की वादियां ब्रिज में विशेष पारदर्शी ग्लास लगाया जाएगा। श्रद्धालु जब पुल से गुजरेंगे तो उनके पैरों के नीचे शिप्रा नदी और आसपास की घाटियां साफ दिखाई देंगी। कैंची धाम में सड़क और मंदिर को जोड़ने वाला मौजूदा पुल दशकों पुराना है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए उसके बगल में नया ग्लास ब्रिज बनाया जा रहा है, जिससे आवाजाही सुरक्षित और सुगम हो सके। स्वदेश दर्शन योजना से बनेगा मॉडल पर्यटन स्थल डीएम नैनीताल ललित मोहन रयाल ने बताया कि ग्लास ब्रिज के साथ-साथ ‘स्वदेश दर्शन 2.0’ योजना के तहत धाम परिसर का सर्वांगीण विकास किया जा रहा है। ₹1759.50 लाख की योजना में ध्यान केंद्र, जन-सुविधा केंद्र और आधुनिक मार्गों का निर्माण शामिल है। कार्य पूर्ण होने पर कैंची धाम आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक मॉडल धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा। 340 पाइलों वाली मल्टीलेवल पार्किंग का काम भी तेज धाम में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए ₹4081.39 लाख की पुनरीक्षित लागत से कई बड़े कार्य चल रहे हैं। इनमें (G+3) मंजिला मल्टीलेवल कार पार्किंग प्रमुख है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, पार्किंग के लिए सभी 340 पाइलों और 89 कॉलमों का कार्य पूरा हो चुका है। वर्तमान में ग्राउंड फ्लोर स्लैब का काम जारी है। पूरी परियोजना की भौतिक प्रगति लगभग 45 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। क्या होती है (G+3) मंजिला मल्टीलेवल कार पार्किंग (G+3) का अर्थ है ग्राउंड फ्लोर के साथ तीन अतिरिक्त मंज़िलें, यानी कुल चार मंज़िला पार्किंग। ऐसी पार्किंग कम जमीन में अधिक वाहनों को व्यवस्थित रूप से खड़ा करने के लिए बनाई जाती है। इसमें रैंप या लिफ्ट, सीसीटीवी, पर्याप्त लाइटिंग, अग्नि सुरक्षा और वेंटिलेशन की व्यवस्था होती है। धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर यह सड़क किनारे पार्किंग की समस्या कम कर ट्रैफिक को सुचारु बनाती है। 1960 में शिप्रा नदी किनारे स्थापित हुआ था धाम कैंची धाम उत्तराखंड के नैनीताल जिले में भवाली के पास स्थित है। बाबा नीब करौली महाराज ने 1960 के दशक में शिप्रा नदी के किनारे इस आश्रम और हनुमान मंदिर की स्थापना की थी। यह स्थान अपनी आध्यात्मिक शांति और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें : नैनीताल का कैंची धाम बन रहा युवाओं की पहली पसंद: सर्वे के मुताबिक श्रद्धालुओं में 70% सिर्फ युवा; मार्क जुकरबर्ग-विराट कोहली भी टेक चुके माथा उत्तराखंड के नैनीताल में स्थित विश्वविख्यात बाबा नीम करोली महाराज का कैंची धाम एक बार फिर सुर्खियों में है। देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बन चुके इस मंदिर में अब युवाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। (पढ़ें पूरी खबर)
King Charles has “profound concern” over Andrew-Epstein allegations | BBC News
Buckingham Palace says King Charles has made clear his “profound concern” at allegations about the conduct of his brother Andrew Mountbatten-Windsor and that he stands ready to support the police if approached. The British police have said they are assessing suggestions that the former Prince shared confidential information with Jeffrey Epstein, during his time as the UK’s trade envoy. Mr Mountbatten-Windsor has previously apologised for his ties with Epstein but has denied wrongdoing. Prince William, on.a visit to Saudi Arabia, has also said he is “deeply concerned” by the continuing allegations emerging from the release of the Epstein files. Reeta Chakrabarti presents BBC News at Ten reporting by Daniela Relph. Subscribe here: http://bit.ly/1rbfUog For more news, analysis and features visit: www.bbc.com/news #BBCNews
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