जेटवर्क, टोन्बो इमेजिंग, बोनफीगलियोली समेत ये 6 IPO खुलेंगे इस हफ्ते, ₹10 हजार करोड़ से ज्यादा का फंड बजट
IPOs To Open This Week: वीकेंड के बाद ये हफ्ता भी स्टॉक मार्केट के लिए काफी बिजी रहने वाला है. इस हफ्ते मेन बोर्ड पर सब्सक्रिप्शन के लिए 6 IPOs खुलेंगे और ये कंपनियां मिलकर ₹10,000 करोड़ से ज्यादा जुटाएंगी. 2026 के पहले 9 महीनों में, 96 कंपनियों ने IPOs के जरिए ₹1.13 लाख करोड़ से ज्यादा जुटाए हैं. अब जेटवर्क मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस, टोनबो इमेजिंग इंडिया, बोनफिग्लिओली ट्रांसमिशन, फ्यूजन CX, HD फायर प्रोटेक्ट, और सहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज इस लिस्ट में शामिल हो रही हैं. आइए हर कंपनी के बिजनेस, फंड कहां इन्वेस्ट किए जाएंगे और IPO की तारीखों के बारे में जानते हैं.
जेटवर्क मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस IPO
टेक्नोलॉजी लेड ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म जेटवर्क मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस इस लाइनअप के सबसे बड़े इश्यू में से एक है. कंपनी का लक्ष्य लगभग ₹5,000 करोड़ जुटाना है, जिसमें ₹2,830 करोड़ का फ्रेश इश्यू भी शामिल है. IPO 15 अक्टूबर को खुलेगा और 19 अक्टूबर को बंद होगा. अलॉटमेंट 21 अक्टूबर को फाइनल होने की उम्मीद है, जबकि BSE और NSE पर लिस्टिंग 23 अक्टूबर को होने की संभावना है.
2017 में बनी यह कंपनी इंडस्ट्रियल और कंज्यूमर कंपनियों को कस्टमाइज्ड और बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन के लिए मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर्स के ग्लोबल नेटवर्क से जोड़ती है. इसके क्लाइंट्स में स्टार्टअप्स से लेकर यूटिलिटीज, रिन्यूएबल्स, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, AI इंफ्रास्ट्रक्चर, एयरोस्पेस, स्पेस-डिफेंस, ऑयल एंड गैस, और इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन जैसे सेक्टर्स की स्थापित कंपनियां शामिल हैं. IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कर्ज चुकाने या प्रीपे करने, एक्विजिशन के जरिए ग्रोथ तेज करने, और आम कॉर्पोरेट कामों को पूरा के लिए किया जाएगा.
बोनफीगलियोली ट्रांसमिशन IPO
बोनफिग्लिओली ट्रांसमिशन अपनी इटली की पेरेंट कंपनी, बोनफिग्लिओली S.p.A. के ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए लगभग ₹2,500 करोड़ जुटाने की तैयारी कर रही है. इस IPO में कोई नया इश्यू शामिल नहीं है, जिसका मतलब है कि कंपनी को कोई कमाई नहीं होगी. OFS का मतलब है कि मौजूदा शेयरहोल्डर अपने शेयर बेचते हैं और कमाई उन्हें मिलती है. कंपनी मैकेनिकल और इलेक्ट्रोमैकेनिकल पावर ट्रांसमिशन और इंडस्ट्रियल ड्राइव सॉल्यूशन देती है, जिसमें हाई-प्रिसिजन गियरबॉक्स और ड्राइव सिस्टम शामिल हैं. IPO 15 अक्टूबर को खुलेगा और 19 अक्टूबर को बंद होगा.
टोन्बो इमेजिंग इंडिया IPO
टोनबो इमेजिंग इंडिया OFS के जरिए लगभग ₹850 करोड़ जुटाएगी, जिसमें 12.2 मिलियन इक्विटी शेयर शामिल हैं. IPO 15 अक्टूबर से 19 अक्टूबर तक चलेगा. 2012 में बनी और बेंगलुरु में हेडक्वार्टर वाली यह कंपनी एक डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स OEM है जो इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल और इंफ्रारेड इमेजिंग सिस्टम, AI-बेस्ड सीकर्स और थर्मल वेपन साइट्स बनाती है. यह मिलिट्री और सरकारी एजेंसियों को एडवांस्ड इमेजिंग टेक्नोलॉजी सप्लाई करती है. कंपनी के बारे में बताया जाता है कि यह कंपनी मिलिट्री और सरकारी यूजर्स के लिए थर्मल इमेजिंग सिस्टम की भारत की सबसे बड़ी मैन्युफैक्चरर और एक्सपोर्टर है, जो वॉल्यूम के हिसाब से देश के थर्मल इमेजिंग एक्सपोर्ट का 94% हिस्सा है.
फ्यूजन CX IPO
फ्यूजन CX, जो कस्टमर एक्सपीरियंस और AI डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज़ देती है, ने अपने ₹702 करोड़ के IPO के लिए ₹275 से ₹289 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है. ऊपरी प्राइस बैंड पर, कंपनी की वैल्यूएशन लगभग ₹4,172 करोड़ है. यह इश्यू 14 अक्टूबर को खुलेगा और 16 अक्टूबर को बंद होगा, और BSE-NSE पर इसकी लिस्टिंग 22 अक्टूबर को होने की उम्मीद है. इसमें ₹500 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹202 करोड़ का OFS शामिल हैं.
फ्रेश इश्यू से मिले ₹275.70 करोड़ का इस्तेमाल कर्ज चुकाने या प्रीपे करने में किया जाएगा. ₹61.15 करोड़ इसकी स्टेप-डाउन सब्सिडियरी, ओमाइंड टेक्नोलॉजीज इंक. और ओमाइंड टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड में इन्वेस्ट किए जाएंगे, ताकि इसके IT टूल्स, आर्या और माइंडवॉइस को अपग्रेड किया जा सके. बाकी पैसे का इस्तेमाल एक्विजिशन, स्ट्रैटेजिक इनिशिएटिव और जनरल कॉर्पोरेट कामों को पूरा करने के लिए किया जाएगा.
HD फायर प्रोटेक्ट IPO
HD फायर प्रोटेक्ट जो फायर प्रोटेक्शन इक्विपमेंट और सिस्टम की मैन्युफैक्चरर और सप्लायर है, अपना ₹712.31 करोड़ का IPO 13 अक्टूबर को खोल रही है. यह इश्यू 15 अक्टूबर को बंद होगा, जिसका प्राइस बैंड ₹258 से ₹271 प्रति शेयर है. यह पूरी तरह से 2.63 करोड़ शेयरों का OFS है, जिसका मतलब है कि कंपनी को कोई भी कमाई नहीं होगी और कमाई बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को जाएगी. अप्रैल 1997 में बनी महाराष्ट्र की यह कंपनी पानी, फोम और गैस-बेस्ड आग बुझाने के इक्विपमेंट बनाती है. इसके पोर्टफोलियो में स्प्रिंकलर, अलार्म वाल्व, डेल्यूज सिस्टम, फोम इक्विपमेंट, मॉनिटर, नोजल, कस्टम-इंजीनियर्ड सिस्टम और गैस सप्रेशन सिस्टम शामिल हैं.
सहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज IPO
सहजानंद मेडिकल टेक्नोलॉजीज 2.76 करोड़ शेयरों के OFS के जरिए करीब ₹1,500 करोड़ जुटाने की योजना में है. IPO 15 अक्टूबर को खुलकर 19 अक्टूबर को बंद होगा. अलॉटमेंट 21 अक्टूबर तक फाइनल होने की उम्मीद है और BSE-NSE पर लिस्टिंग 23 अक्टूबर को संभावित है. 2001 में धीरजलाल कोटडिया ने इसकी स्थापना की थी. यह मेडिकल डिवाइस कंपनी वैस्कुलर और स्ट्रक्चरल हार्ट इंटरवेंशन डिवाइसेज की रिसर्च, डेवलपमेंट, मैन्युफैक्चरिंग और मार्केटिंग करती है. इसके पोर्टफोलियो में क्लास III और क्लास C/D मेडिकल डिवाइस शामिल हैं. कंपनी का दावा है कि उसका Infinnium ड्रग-एल्यूटिंग स्टेंट बायोडिग्रेडेबल पॉलिमर वाला दुनिया का पहला ऐसा स्टेंट था जिसे CE सर्टिफिकेशन मिला.
ये भी पढ़ें- दुनिया में बदल रहे व्यापार और निवेश के समीकरण, भारत के सामने खुलेंगे नए आर्थिक अवसर
Disclaimer: यह जानकारी अलग-अलग एनालिस्ट और ब्रोकरेज फर्मों की राय पर आधारित है. इसे निवेश की सलाह न माना जाए. शेयर बाजार में निवेश जोखिम भरा होता है, इसलिए निवेश करने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें.
दिल्ली-NCR में दिवाली पर पटाखे जलाने की मिलेगी अनुमति? सुप्रीम कोर्ट ने CAQM से मांगा रुख, 15 अक्टूबर को अगली सुनवाई
दिवाली से पहले दिल्ली-NCR में पटाखे जलाने को लेकर एक बार फिर कानूनी चर्चा तेज हो गई है. सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इस मामले पर सुनवाई करते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) से अपना रुख स्पष्ट करने को कहा है. अदालत ने फिलहाल पटाखों पर प्रतिबंध को लेकर कोई नया आदेश नहीं दिया है. अब इस मामले में अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को होगी. ऐसे में सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट के अगले कदम पर टिकी हैं कि इस साल दिवाली पर पटाखों के इस्तेमाल को लेकर कोई सीमित राहत मिलेगी या प्रतिबंध पहले की तरह जारी रहेगा.
पटाखों पर अंतिम फैसला अभी बाकी
सुनवाई के दौरान पटाखा कारोबारियों की ओर से प्रतिबंध के मुद्दे पर अपनी दलीलें रखी गईं. कारोबारियों का पक्ष था कि इस मामले में ऐसा रास्ता निकाला जाना चाहिए, जिससे पर्यावरण की सुरक्षा के साथ-साथ पटाखा कारोबार से जुड़े लोगों के हितों पर भी विचार हो सके. हालांकि, सोमवार को हुई सुनवाई में अदालत ने प्रतिबंध में कोई नई छूट नहीं दी. सुप्रीम कोर्ट ने CAQM से इस विषय पर विचार कर अपना रुख सामने रखने को कहा है. अगली सुनवाई में आयोग की राय महत्वपूर्ण हो सकती है.
CJI सूर्यकांत ने जागरूकता और संतुलन पर दिया जोर
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई के दौरान इस बात पर जोर दिया कि पटाखों के मामले में कोई भी फैसला सोच-समझकर लिया जाना चाहिए. अदालत की चर्चा में केवल प्रतिबंध लगाने के बजाय लोगों को जागरूक करने के विकल्प पर भी विचार किया गया. इस दौरान लोगों को पटाखों से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी देने, कम प्रदूषण फैलाने वाले विकल्पों को बढ़ावा देने और पटाखे जलाने के लिए सीमित समय निर्धारित करने जैसे उपायों पर चर्चा हुई. अदालत ने संकेत दिया कि इस विषय में धार्मिक भावनाओं और पर्यावरण संबंधी चिंताओं, दोनों को ध्यान में रखना जरूरी है.
स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर का मुद्दा उठा
सुनवाई के दौरान जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने पटाखों से होने वाले प्रदूषण के स्वास्थ्य पर प्रभाव से जुड़े पहलू पर ध्यान दिलाया. इस बात पर विचार करने की जरूरत सामने आई कि सीमित समय में पटाखे जलाने से वायु गुणवत्ता पर कितना असर पड़ सकता है. वहीं, वरिष्ठ अधिवक्ता अपराजिता सिंह ने पटाखों के इस्तेमाल को लेकर स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं उठाईं. उन्होंने बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों पर प्रदूषण के संभावित प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि केवल समय सीमा निर्धारित कर देने से समस्या का समाधान सुनिश्चित नहीं हो जाता. उन्होंने इस मुद्दे पर CAQM की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया. दूसरी ओर, पटाखा कारोबारियों की ओर से ऐसा समाधान तलाशने की मांग की गई, जिसमें प्रदूषण नियंत्रण के उपायों के साथ उनके कारोबार से जुड़े हितों पर भी विचार किया जा सके.
ये भी पढे़ं: दिल्ली के जंतर-मंतर पर अब नहीं कर पाएंगे धरना प्रदर्शन, आंदोलन के लिए रामलीला मैदान समेत तीन स्थान तय
पहले भी प्रतिबंध और शर्तों पर हो चुका है विचार
दिल्ली-NCR में पटाखों के इस्तेमाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहले भी कई बार आदेश दे चुका है. दिसंबर 2024 में अदालत ने अगले आदेश तक पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया था. अप्रैल 2025 में भी प्रतिबंध में ढील देने से इनकार किया गया था. वहीं, अक्टूबर 2025 में दिवाली के दौरान निर्धारित शर्तों के तहत प्रमाणित ग्रीन पटाखों की बिक्री और इस्तेमाल की अनुमति दी गई थी. इन आदेशों के बाद इस साल भी पटाखों को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार किया जा रहा है. दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण एक गंभीर चिंता बना हुआ है और त्योहार के दौरान पटाखों के इस्तेमाल का मुद्दा पर्यावरण तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है.
15 अक्टूबर की सुनवाई पर टिकी निगाहें
अब सुप्रीम कोर्ट में 15 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण होगी. CAQM के रुख और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर अदालत आगे की स्थिति पर विचार कर सकती है. फिलहाल दिवाली पर पटाखे जलाने को लेकर किसी नई राहत की घोषणा नहीं हुई है. ऐसे में लोगों और कारोबारियों को अगले आदेश का इंतजार करना होगा. अगली सुनवाई से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि दिल्ली-NCR में पटाखों के इस्तेमाल के लिए कोई सीमित अनुमति दी जाएगी या प्रदूषण नियंत्रण के मद्देनजर प्रतिबंध जारी रहेगा.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation








.jpg)
