3rd T20 में Abhishek Sharma के 69 रन, भारत ने West Indies को 14 रन से हराया
भारत के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने यहां तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भारत की 14 रन से जीत के बाद कहा कि वेस्टइंडीज ने उनके लिए रणनीति बनाई थी लेकिन उन्होंने उसका तोड़ ढूंढ लिया है और इसलिए वह बेहतर प्रदर्शन करने में सफल रहे। अभिषेक ने 30 गेंद पर 69 रन बनाए। उनकी इस शानदार पारी, ईशान किशन (37) के साथ दूसरे विकेट के लिए 108 रन की साझेदारी और अर्शदीप सिंह (44 रन देकर तीन विकेट) की शानदार गेंदबाजी की मदद से भारत ने पांच मैचों की श्रृंखला में 2-1 की बढ़त हासिल कर ली। अभिषेक ने कहा कि वेस्टइंडीज ने ऑफ स्पिनर रोस्टन चेज से गेंदबाजी की शुरुआत करवाकर और ऑफ साइड में अधिक क्षेत्ररक्षक लगाकर उन्हें रन बनाने के अधिक विकल्प तलाशने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने मैच के बाद पत्रकारों से कहा, ‘‘मैं यह नहीं कहूंगा कि उन्होंने जानबूझकर ऐसा किया लेकिन मुझे लगता है कि उन्होंने मेरे लिए रणनीति तैयार की थी। ऑफ स्पिनर मेरे सामने था और यह उसके और मेरे बीच की जंग थी। उसने इस श्रृंखला में अच्छी गेंदबाजी की है और इसलिए मैंने पहले ओवर में उसे सम्मान दिया। यह रणनीति मेरे लिए भी कारगर साबित हुई।’’ अभिषेक ने कहा, ‘‘मैं पावरप्ले में कुछ रन बनाना चाहता था।
अगर उन्होंने मेरे लिए रणनीति तैयार की थी तो मैं उससे बेहतर प्रदर्शन करना चाहता था।’’ वेस्टइंडीज ने भारत को 223 रन पर आउट कर दिया था लेकिन इसके जवाब में उसकी टीम सात विकेट पर 209 रन नहीं बनी पाई। अभिषेक ने कहा, ‘‘वेस्टइंडीज एक ऐसी टीम है जिसके खिलाफ आप कभी यह नहीं कह सकते कि मैच अब हमारे पक्ष में है। यह बात हमारे दिमाग में थी। हमने पिछले मैच में देखा था कि उसने किस तरह से परिस्थितियों का फायदा उठाया था।
हम जानते थे कि अगर उसका कोई बल्लेबाज टिक जाता है तो वह अपनी टीम को लक्ष्य तक पहुंचा सकता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब हमारे विकेट गिर रहे थे तब भी हमारे मन में यही बात थी। हम यही सोच रहे थे कि हम इसके बाद निर्मम रवैया अपनाएंगे और उन्हें वापसी का कोई मौका नहीं देंगे।’’ गेंदबाजों के खिलाफ तैयारी के महत्व को दोहराते हुए अभिषेक ने कहा कि उनकी भूमिका पावरप्ले का अधिक से अधिक फायदा उठाना है।
उन्होंने कहा, ‘‘तैयारी बहुत महत्व रखती है। अगर मुझे पावरप्ले का फायदा उठाना है तो इसके लिए तैयारी काफी मायने रखती है। मैं विपक्षी टीम और गेंदबाजों को ध्यान में रखकर तैयारी करता हूं। मैं इस बात पर विशेष ध्यान देता हूं कि कौन सा गेंदबाज मेरे खिलाफ क्या रणनीति बनाएगा और मुझे उसके खिलाफ अपनी रणनीति को कैसे अंजाम देना है।
दिल्ली में प्रदर्शन पर वर्ल्ड मीडिया:NYT बोला- राजधानी किले में तब्दील, विरोध को दबाना मुश्किल, अल-जजीरा ने लिखा- सरकार के लिए सबसे गंभीर चुनौती
भारत में SIR को लेकर विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इस मामले को दुनियाभर के मीडिया संस्थानों को प्रमुखता से कवर किया गया है। NYT - सरकार के लिए सत्ता बनाए रखने के तरीके कमजोर पड़े अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स लिखता है कि भारत में एक समय कमजोर पड़ चुका विपक्ष अब फिर सक्रिय होता दिखाई दे रहा है। विपक्षी दल युवाओं के आंदोलन से बनी राजनीतिक जगह का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। शनिवार को दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की राजधानी एक किले में तब्दील हो गई। भारतीय अधिकारियों ने जरूरत से ज्यादा ताकत का इस्तेमाल किया, तो देश के युवाओं ने भी उतने ताकतवर तरीके से इसका विरोध किया। मोदी समर्थक पहले विरोधियों के प्रदर्शन को कमजोर बताकर या 'देशद्रोही' कहकर उनका विरोध कम करने की कोशिश करते रहे हैं। लेकिन इस आंदोलन में समाज के अलग-अलग वर्गों के लोग शामिल हैं। इससे प्रदर्शनकारियों को उसी तरीके से निशाना बनाना सरकार के लिए मुश्किल हो रहा है। वॉशिंगटन पोस्ट - मोदी और चुनाव आयोग के खिलाफ गुस्सा बढ़ा अमेरिकी अखबार वॉशिंगटन पोस्ट ने लिखा कि भारत में युवाओं के विरोध-प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ गुस्सा बढ़ रहा है। वोटर लिस्ट में बदलाव के विरोध में आंदोलन कर रहे युवाओं ने दिल्ली में प्रदर्शन का ऐलान किया था, लेकिन पुलिस ने जंतर-मंतर पहुंचने से पहले ही कई नेताओं, विपक्षी सांसदों और छात्र कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने दिल्ली में सुरक्षा बढ़ाई, जगह-जगह बैरिकेडिंग की और वाहनों की जांच की। यह आंदोलन ऐसे समय तेज हुआ है, जब इससे पहले पेपर लीक के मुद्दे पर हुए युवा प्रदर्शनों के बाद जुलाई में शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा था। CNN- सरकार ही नहीं आंदोलन CJP के लिए भी बड़ी परीक्षा अमेरिकी अखबार CNN लिखता है कि कई हफ्तों तक धरने और मार्च चलने के बाद जुलाई में धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया था। यह मोदी सरकार के लिए एक राजनीतिक झटका था। विपक्षी दल भी सरकार को इस तरह का झटका नहीं दे पाए थे।अब मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ हो रहा प्रदर्शन CJP के लिए एक परीक्षा है। पार्टी यह देखना चाहती है कि क्या शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के लिए अपनाई गई उसकी सफल रणनीति को देश की चुनाव व्यवस्था जैसे बड़े मुद्दे पर भी दोहराया जा सकता है। साउथ चाइना पोस्ट- वोटर लिस्ट से 13 करोड़ नाम हटे, भारत में चुनाव प्रक्रिया पर सवाल हॉन्गकॉन्ग के अखबार साउथ चाइना पोस्ट ने लिखा वोटर लिस्ट में करीब 13 करोड़ नाम हटाए जाने की खबर के बाद विरोध तेज हुआ है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वोटर लिस्ट में बदलाव से भाजपा को फायदा पहुंच सकता है। शनिवार को दिल्ली में प्रदर्शन रोकने के लिए हजारों पुलिस और पैरामिलिट्री जवान तैनात किए गए, कई मेट्रो स्टेशन और बाजार बंद रहे और 2,000 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया। रिपोर्ट ने इस विरोध को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए अब तक की गंभीर राजनीतिक चुनौतियों में से एक बताया है। अल जजीरा - PM मोदी के लिए अब तक की सबसे गंभीर चुनौती अल जजीरा ने विरोध प्रदर्शन को लेकर लिखा है कि ये PM मोदी और उनकी सरकार के लिए अब तक की सबसे गंभीर चुनौतियों में से एक हैं। पिछले हफ्ते इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के बाद विरोध और तेज हो गया। रिपोर्ट में बताया गया था कि दो चुनाव आयुक्तों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के वोटर लिस्ट में किए गए बदलावों पर सवाल उठाए थे। इन बदलावों के चलते वोटर लिस्ट से करीब 13 करोड़ नाम हटा दिए गए थे। भाजपा का कहना है कि चुनावों में उसकी सफलता मोदी की लोकप्रियता और भारत की आर्थिक तरक्की को दिखाती है। पार्टी ने विपक्ष पर गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया है। ---------------------------- यह खबर भी पढ़ें… CJP का दिल्ली पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम: कहा- प्रदर्शन की इजाजत नहीं मिली तो फिर आंदोलन करेंगे कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उसने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तारीख नहीं मिली तो फिर आंदोलन करेंगे। पूरी खबर पढ़ें…
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