एयरपोर्ट पर सस्ता चाय-नाश्ता, देश के हर हवाईअड्डे पर खुलेगा ‘उड़ान यात्रा कैफे’, जानें कब से होगा शुरू
उत्तर प्रदेश के विकास को लगेंगे 'पंख': नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का काम फिनिशिंग लाइन पर,जल्द शुरू होगा ट्रायल
नॉएडा : उत्तर प्रदेश के ड्रीम प्रोजेक्ट 'नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट' का इंतजार अब खत्म होने वाला है। प्रदेश के मुख्य सचिव ने हाल ही में एयरपोर्ट साइट का दौरा कर निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने रनवे, टर्मिनल बिल्डिंग और एटीसी टावर के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। सरकार का लक्ष्य है कि इस वैश्विक स्तर के एयरपोर्ट को तय समय सीमा के भीतर शुरू कर दिया जाए, ताकि दिल्ली-एनसीआर के साथ-साथ पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को इसका लाभ मिल सके।
रनवे और एटीसी टावर का काम लगभग पूरा
मुख्य सचिव के निरीक्षण के दौरान यह बात सामने आई कि एयरपोर्ट के पहले रनवे का निर्माण कार्य करीब-करीब पूरा हो चुका है। इसके साथ ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर भी अपनी अंतिम शक्ल ले चुका है। उपकरणों की टेस्टिंग और तकनीकी फिटिंग का काम तेजी से चल रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि उड़ान संचालन के लिए जरूरी तकनीकी ढांचा तैयार है और अब नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के मानकों के अनुरूप अंतिम जांच की जा रही है।
टर्मिनल बिल्डिंग में दिख रही है आधुनिकता की झलक
एयरपोर्ट की टर्मिनल बिल्डिंग का ढांचा बनकर तैयार है और अब फिनिशिंग व इंटीरियर का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने यात्री सुविधाओं, चेक-इन काउंटर्स और सुरक्षा जांच क्षेत्रों का बारीकी से जायजा लिया।
इस एयरपोर्ट को दुनिया के सबसे आधुनिक और डिजिटल एयरपोर्ट्स में से एक बनाने की तैयारी है, जहाँ यात्रियों को पेपरलेस एंट्री और अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।
कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक हब पर विशेष जोर
मुख्य सचिव ने समीक्षा बैठक में इस बात पर जोर दिया कि एयरपोर्ट को सड़क और रेल नेटवर्क से जोड़ने का काम भी साथ-साथ पूरा किया जाए। यमुना एक्सप्रेसवे से एयरपोर्ट तक सीधे सड़क संपर्क और प्रस्तावित पॉड टैक्सी प्रोजेक्ट की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
इस एयरपोर्ट के शुरू होने से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यह क्षेत्र एक बड़े लॉजिस्टिक और औद्योगिक हब के रूप में भी उभरेगा, जिससे लाखों रोजगार पैदा होंगे।
तय समय पर कमर्शियल ऑपरेशन शुरू करने का लक्ष्य
निरीक्षण के बाद मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था को निर्देश दिया कि गुणवत्ता से समझौता किए बिना काम की गति को और बढ़ाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता इस एयरपोर्ट से कमर्शियल उड़ानों को जल्द से जल्द शुरू करने की है।
एयरपोर्ट के पहले चरण के शुरू होते ही यहाँ सालाना करीब 1.2 करोड़ यात्रियों के आवागमन की क्षमता होगी, जो भविष्य में और बढ़ाई जाएगी।
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