Tilak Varma Run Out: क्या आउट नहीं थे तिलक वर्मा? रनआउट पर क्यों मचा बवाल, जानें पूरा मामला
Tilak Varma Run Out Controversy: भारत-वेस्टइंडीज तीसरे टी20 में तिलक वर्मा के रन आउट होने पर विवाद छिड़ गया। जानें क्या हुआ था, क्रिकेट के नियम क्या कहते हैं और इस घटना की तुलना एमएस धोनी के 2011 वाले फैसले से क्यों हो रही है।
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मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना आंदोलन तेज करते हुए विपक्षी दल सोमवार को उच्चतम न्यायालय तक मार्च करेंगे। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत से मुलाकात का समय मांगा था ताकि उनके समक्ष कथित ‘‘वोट चोरी’’ का मुद्दा उठाया जा सके। हालांकि, न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी से यह कहते हुए मुलाकात से इनकार कर दिया कि इस तरह के मुद्दे पहले ही उच्चतम न्यायालय के समक्ष विचाराधीन हैं।
कांग्रेस के दो शीर्ष नेताओं खरगे और गांधी ने प्रधान न्यायाधीश को पत्र लिखकर सोमवार शाम चार से पांच बजे के बीच मुलाकात का समय मांगा था। विपक्षी नेता उन्हें एक ज्ञापन सौंपना चाहते हैं। प्रधान न्यायाधीश के मुलाकात से इनकार के बाद भी विपक्षी नेता उच्चतम न्यायालय तक मार्च करेंगे।
कांग्रेस ने इस विरोध प्रदर्शन को ‘‘चलो दिल्ली-लोकतंत्र के लिए मार्च’’ नाम दिया है। पार्टी के अनुसार, प्रदर्शनकारी दोपहर डेढ़ बजे कनॉट प्लेस-बाराखंभा रोड चौराहे पर एकत्र होंगे। इस मार्च में खरगे, राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, तृणमूल नेता ममता बनर्जी और इंडिया गठबंधन के घटक दलों के नेता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और युवाओं के भाग लेने की संभावना है।
राहुल गांधी ने रविवार को कहा था कि विपक्षी दलों, नागरिक संगठनों के प्रतिनिधि और युवा सोमवार को उच्चतम न्यायालय तक मार्च करेंगे और ‘‘वोट चोरी’’ पर रोक लगाने, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तथा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया रोकने की मांग करेंगे। उन्होंने शनिवार के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए सड़कों पर उतरे युवाओं के साथ पुलिसकर्मियों और भाजपा के ‘‘गुंडों’’ ने मारपीट की। शनिवार को प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं समेत 7,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया था।
प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोकने के लिए मेट्रो और ट्रेन सेवाओं पर पाबंदियां लगाई गई थीं तथा दिल्ली के कुछ हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई थीं। विपक्षी दल बीते मंगलवार से प्रधानमंत्री और भाजपा पर ‘‘वोट चोरी’’ के जरिये चुनावों में ‘‘धांधली’’ का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त को तत्काल हटाया जाए।
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