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Kashmir Valley में बादल फटने से महिला की मौत, सैकड़ों लोग सुरक्षित बाहर निकाले गए

(फोटो के साथ) श्रीनगर, तीन अगस्त कश्मीर घाटी में सोमवार को कई स्थानों पर बादल फटने की घटनाओं के बाद अचानक आई बाढ़ में एक महिला की मौत हो गई, जबकि सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि कुपवाड़ा जिले के लोलाब क्षेत्र में 52 वर्षीय नसीमा बेगम उफनते नाले पर बनी एक पुलिया को पार करने का प्रयास कर रही थीं, तभी बादल फटने से आई अचानक बाढ़ में वह बह गईं।

उन्होंने बताया कि बाद में शाहाबाद के निकट नाले के निचले हिस्से से उनका शव बरामद किया गया। अधिकारियों के अनुसार कुपवाड़ा के बिमला वाली मूरी क्षेत्र में अचानक आई बाढ़ के कारण एक मस्जिद और पैदल यात्रियों के लिए बना एक पुल भी क्षतिग्रस्त हो गया। उन्होंने बताया कि अनंतनाग जिले के पर्यटन स्थल पहलगाम, शोपियां के हीरपोरा तथा बांदीपोरा जिले के दर्दपोरा में भी बादल फटने की घटनाएं हुईं, जिससे कुछ पुलों और सड़कों को नुकसान पहुंचा है।

अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण शोपियां और पहलगाम में पर्यटकों सहित सैकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि शोपियां में 80 लोगों को सुरक्षित निकाला गया, जबकि पहलगाम में लगभग 200 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिले राजौरी सहित कई हिस्सों में सोमवार को हुई भारी बारिश के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात रोक दिया गया।

वहीं, राजौरी प्रशासन ने बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए परामर्श जारी किया है। यातायात पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि उधमपुर जिले के समरोली क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-44) का एक हिस्सा अत्यधिक कीचड़युक्त और फिसलन भरा हो गया, जिसके चलते शाम करीब पांच बजे दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही रोक दी गई। उन्होंने बताया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने प्रभावित स्थल पर कर्मियों और मशीनरी को भेज दिया है तथा राजमार्ग को जल्द से जल्द यातायात योग्य बनाने के लिए बहाली का कार्य जारी है।

अधिकारियों ने बताया कि कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाले एकमात्र इस प्रमुख राजमार्ग के बंद होने से दोनों ओर सैकड़ों वाहन फंस गए। यातायात पुलिस ने यात्रियों को सलाह दी है कि सड़क को सुरक्षित घोषित किए जाने तक एनएच-44 पर यात्रा करने से बचें। राजौरी में कोटरंका क्षेत्र के शाहपुर गांव में भारी बारिश के कारण हुए भू-स्खलन से एक अस्थायी मकान को भारी नुकसान पहुंचा।

हालांकि, उसमें रहने वाले लोग सुरक्षित बच गए। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार दोपहर से राजौरी के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश हो रही है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए परामर्श जारी कर नदियों और नालों के जलस्तर में अचानक वृद्धि की आशंका के मद्देनजर सतर्क रहने को कहा है।

प्रशासन द्वारा चिन्हित संवेदनशील क्षेत्रों में मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के आसपास का इलाका, नबान मोहल्ला (नदी किनारे स्थित मकान), तारिक पुल क्षेत्र, विधायक आवास कॉलोनी, नौशेरा कस्बे के निचले इलाके, नौशेरा का बेला क्षेत्र तथा नदी किनारे और बाढ़ मार्गों के आसपास स्थित अन्य रिहायशी इलाके शामिल हैं। इसके अलावा पीरी, कोटरंका, दरहाल तथा राजौरी और नौशेरा के निचले हिस्सों में स्थित गांवों को भी संवेदनशील क्षेत्र माना गया है। प्रशासन ने इन क्षेत्रों के निवासियों से जलस्तर बढ़ने का इंतजार किए बिना बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं, दिव्यांग व्यक्तियों तथा आवश्यक सामान को स्वेच्छा से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की अपील की है।

परामर्श में लोगों से कम समय के नोटिस पर संभावित निकासी के लिए तैयार रहने तथा पुलिस, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), नागरिक सुरक्षा, राजस्व विभाग और अन्य आपातकालीन राहत दलों के साथ सहयोग करने को भी कहा गया है। लोगों को नदियों, नालों, पुलों और बाढ़ संभावित मार्गों के आसपास नहीं जाने की चेतावनी दी गई है। अधिकारियों ने कहा कि बाढ़, भू-स्खलन, तटबंध टूटने या किसी व्यक्ति के फंसे होने की सूचना तत्काल राजौरी के जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (डीईओसी) को दी जानी चाहिए, जो चौबीसों घंटे कार्यरत है।

जिला प्रशासन ने कहा कि वह स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और लोगों से घबराने, अफवाहें फैलाने तथा उन पर विश्वास करने से बचने तथा केवल आधिकारिक परामर्श का पालन करने की अपील की है। अधिकारियों ने बताया कि रामबन, रियासी और पुंछ जिलों में भी भारी बारिश हुई, हालांकि वहां किसी नुकसान या तत्काल बाढ़ के खतरे की सूचना नहीं है। मौसम विभाग ने मंगलवार तक जम्मू संभाग के कुछ जिलों में भारी बारिश और कुछ समय के लिए तेज वर्षा होने का पूर्वानुमान जताया है।

मौसम विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘‘अगले पांच दिनों के दौरान मूसलाधार बारिश और कुछ समय के लिए अत्यधिक तीव्र वर्षा के कारण संवेदनशील स्थानों पर अचानक बाढ़ और भू-स्खलन की घटनाएं हो सकती हैं।

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Atul Meena SOG गिरफ्तार: जेईएन पेपर लीक मामले में जल संसाधन विभाग का सहायक अभियंता काबू

जयपुर, तीन अगस्त राजस्थान पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) ने कनिष्ठ अभियंता (जेईएन) संयुक्त भर्ती परीक्षा-2020 के प्रश्न पत्र लीक मामले में जल संसाधन विभाग के एक सहायक अभियंता को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान कोटा में जल संसाधन विभाग में तैनात 31 वर्षीय अतुल मीणा के रूप में हुई है।

उन्होंने बताया कि मीणा पर परीक्षा का हल किया हुआ प्रश्नपत्र 25 लाख रुपये में खरीदने का आरोप है। अधिकारी ने बताया कि इस मामले में वर्ष 2020 में सांगानेर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसके बाद भर्ती परीक्षा रद्द कर दी गई थी। इसके बाद 12 सितंबर 2021 को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई, लेकिन जांच में पता चला कि पुनर्परीक्षा का प्रश्नपत्र भी परीक्षा से पहले ही लीक हो गया था।

बंसल ने बताया कि इस मामले में एसओजी ने 19 जनवरी 2026 को नया मुकदमा दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की थी। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी हर्षवर्धन कुमार मीणा ने स्वीकार किया कि उसने परीक्षा से पहले अतुल मीणा सहित कई अभ्यर्थियों को लीक प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया था। जांच में सामने आया कि अतुल मीणा ने मुख्य आरोपी के एक करीबी सहयोगी के माध्यम से सौदा तय किया और परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र हासिल कर लिया।

अधिकारियों के अनुसार, अतुल मीणा इससे पहले करीब एक दर्जन अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल हुआ था लेकिन किसी में सफल नहीं हो सका था। आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे पांच अगस्त तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। एसओजी उससे पूछताछ कर अन्य लाभार्थियों, प्रश्न पत्र लीक नेटवर्क और पूरे गिरोह के बारे में जानकारी जुटा रही है।

बंसल ने बताया कि मामले की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

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कौन हैं अरिहा पंगमबम? जिन्होंने एरोबिक जिम्नास्टिक्स एशियाई चैंपियनशिप में गोल्ड जीतकर रचा इतिहास, पहली भारतीय बनीं

who is Ariha Pangambam: मणिपुर की अरिहा पंगमबम ने एशियन एयरोबिक जिम्नास्टिक चैंपियनशिप में इतिहास रचते हुए भारत के लिए पहला ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीता. 22 वर्षीया अरिहा ने महिला व्यक्तिगत स्पर्धा में 19.100 का शानदार स्कोर बनाकर शीर्ष स्थान हासिल किया. 2022 और 2024 में चौथे स्थान पर रहने के बाद यह उपलब्धि उनकी वर्षों की मेहनत का परिणाम है. Fri, 7 Aug 2026 20:54:57 +0530

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