Atul Meena SOG गिरफ्तार: जेईएन पेपर लीक मामले में जल संसाधन विभाग का सहायक अभियंता काबू
जयपुर, तीन अगस्त राजस्थान पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) ने कनिष्ठ अभियंता (जेईएन) संयुक्त भर्ती परीक्षा-2020 के प्रश्न पत्र लीक मामले में जल संसाधन विभाग के एक सहायक अभियंता को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान कोटा में जल संसाधन विभाग में तैनात 31 वर्षीय अतुल मीणा के रूप में हुई है।
उन्होंने बताया कि मीणा पर परीक्षा का हल किया हुआ प्रश्नपत्र 25 लाख रुपये में खरीदने का आरोप है। अधिकारी ने बताया कि इस मामले में वर्ष 2020 में सांगानेर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसके बाद भर्ती परीक्षा रद्द कर दी गई थी। इसके बाद 12 सितंबर 2021 को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई, लेकिन जांच में पता चला कि पुनर्परीक्षा का प्रश्नपत्र भी परीक्षा से पहले ही लीक हो गया था।
बंसल ने बताया कि इस मामले में एसओजी ने 19 जनवरी 2026 को नया मुकदमा दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की थी। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी हर्षवर्धन कुमार मीणा ने स्वीकार किया कि उसने परीक्षा से पहले अतुल मीणा सहित कई अभ्यर्थियों को लीक प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया था। जांच में सामने आया कि अतुल मीणा ने मुख्य आरोपी के एक करीबी सहयोगी के माध्यम से सौदा तय किया और परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र हासिल कर लिया।
अधिकारियों के अनुसार, अतुल मीणा इससे पहले करीब एक दर्जन अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल हुआ था लेकिन किसी में सफल नहीं हो सका था। आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे पांच अगस्त तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। एसओजी उससे पूछताछ कर अन्य लाभार्थियों, प्रश्न पत्र लीक नेटवर्क और पूरे गिरोह के बारे में जानकारी जुटा रही है।
बंसल ने बताया कि मामले की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
जैशे-मोहम्मद के तीसरे संदिग्ध Jaish-e-Mohammed operative Aditya Singh को पश्चिम बंगाल में किया गिरफ्तार
कोलकाता, तीन अगस्त पश्चिम बंगाल पुलिस ने सोमवार को जैश-ए-मोहम्मद के कथित गुर्गे हमीम मंडल के एक कथित सहयोगी को सोमवार को गिरफ्तार किया और राज्य में मंत्रियों, उनके रिश्तेदारों तथा अन्य रसूखदार लोगों को निशाना बनाने वाले पाकिस्तान से जुड़े ‘हनीट्रैप’ नेटवर्क का खुलासा किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। हावड़ा के बेलिलियस रोड से आदित्य सिंह की गिरफ्तारी के साथ इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है।
अधिकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल पुलिस के विशेष कार्यबल (एसटीएफ) ने यह कार्रवाई मंडल और उसके कथित सहयोगी अर्पिता सरकार से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर की। मंडल को 30 जुलाई को बर्धमान शहर स्थित उसके किराए के फ्लैट से गिरफ्तार किया गया था, जबकि सरकार को पिछले शुक्रवार को झारखंड के साहिबगंज से पकड़ा गया था। एसटीएफ के एक अधिकारी ने कहा, “आदित्य सिंह की गिरफ्तारी जांच के दौरान मिली गुप्त जानकारियों के आधार पर की गई है।
अब हमारा ध्यान इस कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने पर है। इस मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।” जांचकर्ताओं को संदेह है कि आदित्य एक ऑनलाइन गेमिंग मंच के जरिए मंडल के संपर्क में आया और बाद में इस कथित साजिश में शामिल हो गया। एसटीएफ के एक अधिकारी के अनुसार, मंडल ने कथित तौर पर सिंह को शहरी विकास राज्य मंत्री उमेश राय और उनके बेटे पर नजर रखने का काम सौंपा था।
अधिकारी ने कहा, सिंह पर संदेह है कि उसने मंत्री और उनके बेटे के बारे में जानकारी जुटाई और उसे मंडल के साथ साझा की। हम इसकी जांच कर रहे हैं कि क्या वे मंत्री को निशाना बनाने की साजिश बना रहे थे। उन्होंने बताया कि सिंह ने राय की गतिविधियों की तस्वीरें खींची थीं और उन्हें मंडल तक पहुंचाया था।
राय ने हाल में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि एक व्यक्ति ने उन्हें फोन करके पाकिस्तानी एजेंसी से संबंध होने का दावा करते हुए रंगदारी मांगी थी और उनके बेटे के अपहरण की धमकी दी थी। मंत्री ने पुलिस को यह भी बताया था कि कॉल करने वाले व्यक्ति ने उन्हें भाजपा कार्यालय की तस्वीरें भेजी थीं और परिसर पर हमले की चेतावनी दी थी। जांच आगे बढ़ने के दौरान जांचकर्ताओं को एक ऐसे सीमा पार ‘हनीट्रैप’ मॉड्यूल का पता चला, जिसके पाकिस्तान में मौजूद गैंगस्टर शहजाद भट्टी के सिंडिकेट और कथित आतंकी सहयोगियों से जुड़े होने का संदेह है।
एसटीएफ अधिकारी ने कहा कि इस नेटवर्क का उद्देश्य पश्चिम बंगाल के प्रभावशाली लोगों को फंसाने के लिए इच्छुक मॉडल और सोशल मीडिया पर सक्रिय युवा महिलाओं को शामिल करना था। उन्होंने यह भी कहा कि जांचकर्ता उन खुफिया सूचनाओं की जांच कर रहे हैं, जिनमें संकेत दिया गया है कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी समेत कम से कम छह मंत्री और उनके परिवार के सदस्यों को संभावित निशाने के रूप में चिन्हित किया गया था। जांच में पाकिस्तान के गैंगस्टर शहजाद भट्टी का करीबी सहयोगी आबिद जाट भी जांच के दायरे में आ गया है।
अधिकारी ने कहा कि जांचकर्ता यह भी जांच कर रहे हैं कि क्या आरोपी स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले किसी आतंकवादी गतिविधि की साजिश कर रहे थे और वे कथित नेटवर्क से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति की पहचान करने के लिए काम कर रहे हैं।
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