Nagpur में IPO घोटाला: UP STF ने वांछित आरोपी अनुराग अरविंद श्रीवास्तव को दबोचा
लखनऊ, तीन अगस्त उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष कार्यबल (एसटीएफ) ने करोड़ों रुपये के फर्जी आईपीओ निवेश घोटाले में वांछित आरोपी को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। एसटीएफ की ओर से जारी बयान के अनुसार, आरोपी की पहचान अनुराग अरविंद श्रीवास्तव के रूप में हुई है और वह लखनऊ साइबर क्राइम थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज मामले में वांछित था।
एसटीएफ के मुताबिक, आरोपी को 31 जुलाई को नागपुर जिले के मानकापुर थाना क्षेत्र स्थित उसके आवास से गिरफ्तार किया गया। एसटीएफ ने बताया कि छापेमारी के दौरान उसके पास से एक लैपटॉप, आईफोन, टाटा नेक्सन कार, तीन कंपनियों की फर्जी मुहरें, 139 दस्तावेज, छह खाली चेकबुक, 3.17 करोड़ रुपये का बिना हस्ताक्षर वाला चेक, 2.50 करोड़ रुपये के दो अन्य बिना हस्ताक्षर वाले चेक, एक रद्द चेक और दो सिम कार्ड बरामद किए गए। पुलिस मामले में आरोपी से पूछताछ कर रही है और घोटाले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
Lucknow में पत्नी की हत्या कर गोमती नदी में शव फेंकने वाला पति और उसकी प्रेमिका गिरफ्तार
लखनऊ, तीन अगस्त लखनऊ में पत्नी की हत्या करके शव गोमती नदी में फेंकने के आरोप में एक व्यक्ति और उसकी कथित प्रेमिका को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की पहचान उमेंद्र प्रताप सिंह (31) और उसकी प्रेमिका आरती वर्मा (31) के रूप में हुई है।
अधिकारियों ने बताया कि 30 और 31 जुलाई की दरमियानी रात रहीमाबाद थाना क्षेत्र के रहने वाले उमेंद्र ने अपनी पत्नी अंजलि सिंह के लापता होने की शिकायत थाने में दर्ज कराई, जिसके आधार पर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करके महिला की तलाश शुरू की गई। पुलिस के अनुसार 31 जुलाई को इटौंजा थाना क्षेत्र में गोमती नदी से एक अज्ञात महिला का शव बरामद हुआ, बाद में परिजन ने शव की पहचान अंजलि के रूप में की। अधिकारियों ने बताया कि इसके बाद मृतका के भाई की शिकायत पर रहीमाबाद थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 61(2) (आपराधिक साजिश), 103(1) (हत्या) और 238 (सबूतों से छेड़छाड़ और झूठी जानकारी देना) के तहत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस के अनुसार शिकायत में उमेंद्र पर अंजलि की हत्या का आरोप लगाया गया था। अधिकारियों ने बताया कि उमेंद्र प्रताप सिंह को एक अगस्त की रात अडौरा मोड़ के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने कहा कि पूछताछ के दौरान उमेंद्र ने बताया कि अंजलि को आरती के साथ उसके संबंधों का पता चल गया था और वह कई बार इसका विरोध कर चुकी थी।
पुलिस के अनुसार इस रुकावट को दूर करने के लिए उमेंद्र ने आरती के साथ मिलकर 30 और 31 जुलाई की दरमियानी रात अंजलि का मुंह दबाकर और गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद दोनों ने शव को गोमती नदी में फेंक दिया।
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