Lucknow में पत्नी की हत्या कर गोमती नदी में शव फेंकने वाला पति और उसकी प्रेमिका गिरफ्तार
लखनऊ, तीन अगस्त लखनऊ में पत्नी की हत्या करके शव गोमती नदी में फेंकने के आरोप में एक व्यक्ति और उसकी कथित प्रेमिका को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की पहचान उमेंद्र प्रताप सिंह (31) और उसकी प्रेमिका आरती वर्मा (31) के रूप में हुई है।
अधिकारियों ने बताया कि 30 और 31 जुलाई की दरमियानी रात रहीमाबाद थाना क्षेत्र के रहने वाले उमेंद्र ने अपनी पत्नी अंजलि सिंह के लापता होने की शिकायत थाने में दर्ज कराई, जिसके आधार पर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करके महिला की तलाश शुरू की गई। पुलिस के अनुसार 31 जुलाई को इटौंजा थाना क्षेत्र में गोमती नदी से एक अज्ञात महिला का शव बरामद हुआ, बाद में परिजन ने शव की पहचान अंजलि के रूप में की। अधिकारियों ने बताया कि इसके बाद मृतका के भाई की शिकायत पर रहीमाबाद थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 61(2) (आपराधिक साजिश), 103(1) (हत्या) और 238 (सबूतों से छेड़छाड़ और झूठी जानकारी देना) के तहत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस के अनुसार शिकायत में उमेंद्र पर अंजलि की हत्या का आरोप लगाया गया था। अधिकारियों ने बताया कि उमेंद्र प्रताप सिंह को एक अगस्त की रात अडौरा मोड़ के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने कहा कि पूछताछ के दौरान उमेंद्र ने बताया कि अंजलि को आरती के साथ उसके संबंधों का पता चल गया था और वह कई बार इसका विरोध कर चुकी थी।
पुलिस के अनुसार इस रुकावट को दूर करने के लिए उमेंद्र ने आरती के साथ मिलकर 30 और 31 जुलाई की दरमियानी रात अंजलि का मुंह दबाकर और गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद दोनों ने शव को गोमती नदी में फेंक दिया।
Haryana High Court: हरियाणा में एससी आरक्षण पर रोक, ग्रुप-ए और ग्रुप-बी पदों पर फैसला आने तक निर्देश
चंडीगढ़, तीन अगस्त हरियाणा सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में लंबित मामले पर फैसला आने तक ग्रुप ‘ए’ और ग्रुप ‘बी’ पदों पर कार्यरत अनुसूचित जाति (एससी) कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण देने के प्रावधान के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी। मानव संसाधन विभाग ने इस संबंध में नए निर्देश जारी किए, जो इस विषय पर 19 दिसंबर 2023 को जारी आदेशों का स्थान लेंगे। यह कदम राज्य सरकार की ओर से पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के एक अप्रैल 2025 के फैसले के खिलाफ दायर अपील के बाद उठाया गया।
मामला ‘कमलजीत सिंह एवं अन्य बनाम हरियाणा राज्य’ से संबंधित है। उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में अनुसूचित जाति कर्मचारियों को पदोन्नति में 20 प्रतिशत आरक्षण देने की हरियाणा सरकार की नीति को बरकरार रखा था। अदालत ने हालांकि निर्देश दिया था कि इस नीति के क्रियान्वयन में ‘क्रीमी लेयर’ को आरक्षण के दायरे से बाहर रखा जाए।
राज्य सरकार के एक आधिकारिक बयान में सोमवार शाम बताया गया कि सरकार ने उच्च न्यायालय के इस निर्देश को ‘लेटर्स पेटेंट अपील’ (एलपीए) के माध्यम से चुनौती दी है, जो फिलहाल अदालत में लंबित है। नए आदेशों के तहत, उच्च न्यायालय का अंतिम फैसला आने तक सात अक्टूबर 2023 की नीति के तहत आरक्षण का लाभ देते हुए कोई भी पदोन्नति नहीं दी जाएगी।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
prabhasakshi








