Sharanpur में शादी के विरोध से आहत प्रेमी-प्रेमिका ने खाया जहर, युवक की मौत
सहारनपुर, तीन अगस्त उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में कथित तौर पर जहर खाने से एक युवक की मौत हो गई जबकि युवती की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, दोनों शादी करना चाहते थे लेकिन परिजनों के विरोध के कारण उन्होंने यह कदम उठाया।
सदर पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) विकास प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि दुमझेड़ा ग्राम की रहने वाली 18 वर्षीय युवती और नल्हेड़ा ग्राम निवासी अंकुर (19) एक-दूसरे से प्रेम करते थे तथा शादी करना चाहते थे। उन्होंने बताया कि दोनों परिवारों के बीच बातचीत भी हुई थी लेकिन बाद में युवती के परिजन शादी के लिए तैयार नहीं हुए। अधिकारी ने बताया कि रविवार देर शाम दोनों दुमझेड़ा गांव में शमशान घाट के पास एक खेत में पहुंचे और जहरीला पदार्थ खा लिया।
उन्होंने बताया कि जहर खाने के बाद अंकुर ने अपने एक परिचित को फोन कर घटना की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस को सूचना मिली। अधिकारी ने बताया कि दोनों को पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और फिर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया, जहां सोमवार को उपचार के दौरान अंकुर की मौत हो गई और युवती का उपचार अभी जारी है। चौहान ने बताया कि अब तक दोनों पक्षों की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है।
उन्होंने बताया कि युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी।
Allahabad High Court ने विद्यालयों में छात्रों की सुरक्षा पर जताई चिंता, मांगा जवाब
लखनऊ, तीन अगस्त इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने प्रदेश के विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि जर्जर भवनों के साथ-साथ गैर-संरचनात्मक खतरे भी बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा जोखिम हैं। न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति बृज राज सिंह की पीठ गोमती रिवर बैंक रेजीडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि प्रदेश के करीब 4,000 विद्यालयों के ऊपर से हाईटेंशन बिजली की लाइनें गुजर रही हैं, जिससे विद्यार्थियों की सुरक्षा पर खतरा बना हुआ है।
अदालत ने इस पर उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) के प्रबंध निदेशक को पक्षकार बनाने का निर्देश दिया। पीठ ने जौनपुर के समरी प्राथमिक विद्यालय की इमारत गिरने तथा लखनऊ में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के एक स्कूल में लोहे का गेट गिरने से एक छात्र की मौत की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि शैक्षणिक संस्थानों को सुरक्षित बनाना समय की आवश्यकता है। अदालत ने स्कूल बसों और वैन से बच्चों के सुरक्षित आवागमन का मुद्दा भी उठाया।
अदालत को बताया गया कि परिवहन विभाग के अनुसार 2,370 स्कूल वाहन चालकों में से 527 की मिशन भरोसा के तहत पुलिस सत्यापन रिपोर्ट प्रतिकूल पाई गई है। अदालत ने कहा कि वाहन चालकों की पृष्ठभूमि का सत्यापन अनिवार्य होना चाहिए और स्कूल प्रबंधन को इस संबंध में पूरी सतर्कता बरतनी होगी। लखनऊ पुलिस ने अदालत को बताया कि विद्यालयों के प्रवेश द्वारों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
अदालत ने अगली सुनवाई तक कैमरों की संख्या और अनुमानित लागत का ब्यौरा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। अदालत को बताया गया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा संबंधी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) अंतिम चरण में है और इसे अगली सुनवाई में अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा। पीठ ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियां बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगी।
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