प्रधानमंत्री 15 अक्टूबर को एशियन गेम्स के मेडलिस्ट से मिलेंगे:भारत ने जीते 21 गोल्ड सहित 85 पदक, कॉमनवेल्थ विजेताओं से भी मिले थे पीएम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अक्टूबर को एशियन गेम्स 2026 के भारतीय पदक विजेताओं से मुलाकात करेंगे। यह मुलाकात PM आवास में होगी। यह जानकारी IOA के सूत्रों ने भास्कर को दी। आइची-नागोया में हुए एशियाई खेलों में भारत ने कुल 85 पदक जीते। इनमें 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज शामिल हैं। भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा। PM मोदी पहले भी कई मौकों पर भारतीय खिलाड़ियों से मुलाकात कर चुके हैं। पिछली बार वे 9 अगस्त को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के मेडलिस्ट से मिले थे। तीरंदाजी-बॉक्सिंग में 8 गोल्ड; क्रिकेट, हॉकी और कबड्डी की दोनों टीमें चैंपियन भारत ने तीरंदाजी, बॉक्सिंग, शूटिंग, हॉकी, क्रिकेट, कुश्ती, कबड्डी, एथलेटिक्स और गोल्फ समेत कई खेलों में पदक जीते। भारतीय तीरंदाजों ने 5 गोल्ड सहित 9 मेडल जीते। वहीं, भारतीय मुक्केबाजों ने 3 गोल्ड और 3 ब्रॉन्ज समेत 6 पदक जीते। क्रिकेट में भारतीय महिला और पुरुष दोनों टीमों ने गोल्ड जीता। हॉकी और कबड्डी में भी भारत की दोनों टीमें चैंपियन बनीं। 5 खिलाड़ियों ने मेडल हैट्रिक लगाई 5 खिलाड़ियों ने मेडल की हैट्रिक लगाई, जबकि 23 खिलाड़ियों ने 2-2 मेडल जीते। भारत को सबसे ज्यादा डबल मेडल एथलेटिक्स में मिले। आर्चरी और शूटिंग के 5-5 खिलाड़ी ने दोहरे पदक जीते। स्क्वैश के चार और गोल्फ की प्रणवी उर्स को 2 मेडल मिले। आखिरी में फाइनल मेडल टैली देखिए… --------------------------------------
INDIA ब्लॉक आज कनॉट प्लेस से मार्च निकालेगा:2 किमी पैदल चलेंगे, CEC के इस्तीफे की मांग; विपक्ष का 6 दिन में पांचवां प्रदर्शन
SIR के विरोध में विपक्ष आज दिल्ली में मार्च निकालेगा। INDIA ब्लॉक के नेता दोपहर 1:30 बजे कनॉट प्लेस से बाराखंभा रोड तक 2 किमी पैदल चलेंगे। हालांकि इसके बाद विपक्षी सांसदों को सुप्रीम कोर्ट जाना था। एक दिन पहले CJI सूर्यकांत ने मुलाकात से इनकार कर दिया था। विपक्ष ने शाम 4 से 5 बजे के बीच मिलने का समय मांगा था। इससे पहले विपक्षी सांसदों ने 6, 7, 8 और 9 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR के विरोध में प्रदर्शन किया था। इस दौरान तीन बार राहुल और प्रियंका गांधी को पुलिस ने हिरासत में भी लिया। 9 अक्टूबर को सांसद राष्ट्रपति से भी मिले थे। विपक्ष के पिछले 4 प्रदर्शन… 9 अक्टूबर: राहुल बोले- राष्ट्रपति ने वोट चोरी से इनकार नहीं किया, हमसे सबूत मांगे सांसदों ने संसद से राष्ट्रपति भवन तक पैदल मार्च किया। राहुल, ममता, खड़गे समेत 10 सांसदों का डेलीगेशन राष्ट्रपति से मिला। बाकी सांसदों ने विजय चौक पर धरना दिया। मीटिंग से बाहर आकर राहुल ने कहा कि पूरा देश जानता है कि देश में वोट चोरी हो रही है। राष्ट्रपति ने भी इससे इनकार नहीं किया। पूरी खबर पढ़ें… 8 अक्टूबर- राहुल-प्रियंका ने राजघाट पर बापू को श्रद्धांजलि दी; खड़गे बोले- सरकार वोट देने का अधिकार छीन रही राहुल-प्रियंका गांधी और INDIA ब्लॉक के सांसदों ने पहले कनॉट प्लेस में लंच किया, फिर बसों से राजघाट पहुंचे। प्रदर्शन को देखते हुए भारी सुरक्षा व्यववस्था की गई थी। राजघाट पर करीब एक घंटे इंतजार के बाद उन्हें अंदर जाने दिया। यहां सांसदों ने बापू को श्रद्धांजलि दी। पढ़ें पूरी खबर… 7 अक्टूबर- राहुल तीसरी बार हिरासत में; बोले- CEC की नियुक्ति अवैध, इस्तीफे तक नहीं रुकेंगे राहुल और प्रियंका गांधी जंतर-मंतर के 200 मीटर पहले सड़क पर बैठ गए। सुरक्षा बलों ने उन्हें आगे नहीं जाने दिया तो प्रियंका संविधान की कॉपी लेकर सड़क पर लेट गईं। दिल्ली पुलिस ने आकाशवाणी ऑफिस में जबरन घुसने के आरोप में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी सांसदों के खिलाफ FIR दर्ज की है। शिकायत आकाशवाणी ऑफिस की ओर से की गई है। पढ़ें पूरी खबर… 6 अक्टूबर- विपक्ष ने मार्च निकाला, राहुल-प्रियंका 8 घंटे धरने पर बैठे रहे, पुलिस ने 2 घंटे हिरासत में रखा पहले दिन इंडिया ब्लॉक के 200 से ज्यादा सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग के ऑफिस तक मार्च निकाला था, लेकिन उन्हें पहले ही रोक दिया गया। इसके बाद राहुल और प्रियंका ने आकाशवाणी परिसर में 8 घंटे धरना दिया था। इस दौरान राहुल और प्रियंका को दो बार हिरासत में लिया गया। पढ़ें पूरी खबर… CJP के निशाने पर मुख्य चुनाव आयुक्त क्यों; 4 वजहें… 1. SIR पर 14 बार आपत्ति: SIR को लेकर कॉकरोच पार्टी पहले से ही सवाल उठा रही है। इस बीच द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट पब्लिश हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में SIR से जुड़े फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्ति जताई। 2. वोटर लिस्ट पर सवाल: दोनों आयुक्तों ने वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने, हटाने और बहाल करने की प्रक्रिया के साथ चुनावी डेटा और सॉफ्टवेयर से जुड़े मामलों पर सवाल उठाए। 3. फॉर्म-6 में बदलाव पर आपत्ति: एक मामले में फॉर्म-6 में SIR से जुड़ा सवाल जोड़ने पर दोनों चुनाव आयुक्तों ने आपत्ति जताई थी। 4. डेटा और काम के बंटवारे पर चिंता: दोनों ने चुनावी डेटा और सॉफ्टवेयर तक पहुंच को लेकर कैबिनेट सचिव को पत्र लिखा था। वहीं, काम के बंटवारे से जुड़े एक आदेश को भी उन्होंने नियमों का उल्लंघन बताया था।
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