ट्रंप ने फिर किया वर्ल्ड लीडर्स को ट्रोल, कनाडा-ग्रीनलैंड और वेनेजुएला को बताया अमेरिका का हिस्सा
वाशिंगटन, 9 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दुनिया के नेताओं को ट्रोल किया है। उन्होंने एक ऐसा नक्शा दोबारा शेयर किया है जिसमें कनाडा, ग्रीनलैंड और वेनेजुएला को अमेरिका का हिस्सा दिखाया गया है। खास बात ये है कि 20 जनवरी 2026 को भी ट्रंप ने ये तस्वीर पोस्ट की थी।
सोमवार को ट्रुथ सोशल पर अपलोड की गई एआई मॉक-अप तस्वीर में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और यूके के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर समेत यूरोपीय नेता ग्राफिक को देखते हुए दिख रहे हैं, जबकि ट्रंप जीते हुए इलाके को दिखा रहे हैं।
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पोस्ट पर कोई कैप्शन नहीं लिखा है।
इस पोस्ट ने वैश्विक बहस छेड़ दी है, खासकर ट्रंप की पुरानी टिप्पणियों के संदर्भ में, जहां उन्होंने कनाडा को 51वां राज्य बनाने और ग्रीनलैंड खरीदने की बात की थी। वे लगातार यह दावा करते रहे हैं कि डेनमार्क का इलाका ग्रीनलैंड, रूस और चीन से होने वाले कथित खतरों के बीच आर्कटिक क्षेत्र में अमेरिका की सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है। वेनेजुएला का शामिल होना हाल ही में वहां के राष्ट्रपति निकोलस मदुरो की गिरफ्तारी के बाद आया है।
ट्रंप ने पहले भी एआई तस्वीरें शेयर करके ग्रीनलैंड को चिढ़ाने का काम किया है। उन्हें द्वीप पर अमेरिकी झंडा लगाते हुए दिखाया गया था।
इस महीने की शुरुआत में अल्फाल्फा क्लब में एक ब्लैक टाई डिनर में, ट्रंप ने मजाक में कहा था कि अमेरिका हमला करने के बजाए ग्रीनलैंड को खरीद लेगा।
द वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने इस दौरान कहा, हम ग्रीनलैंड पर हमला नहीं करने वाले हैं। हम इसे खरीदने वाले हैं। ग्रीनलैंड को 51वां राज्य बनाने का मेरा कभी इरादा नहीं रहा। मैं कनाडा को 51वां राज्य बनाना चाहता हूं। ग्रीनलैंड 52वां और वेनेज़ुएला 53वां हो सकता है।
ट्रंप कनाडा को 51वां राज्य बनाने की धमकी देकर कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी को पहले भी नाराज कर चुके हैं।
मई 2025 में ओवल ऑफिस में हुई एक मीटिंग के दौरान, कार्नी ने ट्रंप को चेतावनी दी थी कि कनाडा बिक्री के लिए नहीं है, और कभी भी बिक्री के लिए नहीं होगा। उन्होंने ट्रंप से कहा, जैसा कि आप रियल एस्टेट से जानते हैं, कुछ जगहें ऐसी होती हैं जो कभी बिक्री के लिए नहीं होतीं।
--आईएएनएस
केआर/
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जेफ्रीज ने अमेरिका में बढ़ते तनाव के बीच आईसीई की कार्रवाइयों और चुनाव नियमों को लेकर दी चेतावनी
वॉशिंगटन, 9 फरवरी (आईएएनएस)। वॉशिंगटन में इमिग्रेशन लागू करने और चुनाव नियमों को लेकर तीखा राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ रहा है। अमेरिका में नवंबर में होने वाले चुनाव को लेकर हाउस डेमोक्रेटिक नेता हकीम जेफ्रीज ने चेतावनी दी है कि आक्रामक फेडरल कार्रवाई नागरिक स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक नियमों को कमजोर कर सकती है।
सीएनएन के स्टेट ऑफ द यूनियन में जेफ्रीज ने कहा कि डेमोक्रेट्स गृह सुरक्षा विभाग के लिए फंडिंग का समर्थन तब तक नहीं करेंगे, जब तक रिपब्लिकन इमिग्रेशन और कस्टम्स एनफोर्समेंट में बड़े सुधारों के लिए सहमत नहीं हो जाते। डेमोक्रेट नेता का कहना है कि यह पूरी तरह से नियंत्रण से बाहर हो गया है।
जब उनसे पूछा गया कि क्या डेमोक्रेट्स उनकी मांगों की पूरी लिस्ट के अलावा कुछ भी मानेंगे, तो जेफ्रीज ने कहा, अभी नहीं। हम एक बेसिक बात से शुरू करते हैं कि टैक्सपेयर के पैसे का इस्तेमाल आम अमेरिकियों की जिंदगी को ज्यादा सरल बनाने के लिए किया जाना चाहिए, न कि रेनी निकोल गुड या एलेक्स प्रीटी जैसे अमेरिकी नागरिकों पर जुल्म करने या उन्हें मारने के लिए।
जेफ्रीज ने कहा कि इमिग्रेशन एनफोर्समेंट सही तरीके से, न्यायसंगत और मानवीय होना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि किसी भी फंडिंग बिल को आगे बढ़ाने से पहले गृह सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के बर्ताव के तरीके में बड़े बदलाव जरूरी हैं।
डेमोक्रेटिक नेता ने कहा कि रिपब्लिकन के प्रस्तावों में एजेंटों के लिए जरूरी बॉडी कैमरा, मास्क पर बैन, प्राइवेट प्रॉपर्टी की तलाशी से पहले ज्यूडिशियल वारंट, और राज्य और स्थानीय अधिकारियों को फेडरल अधिकारियों द्वारा कानून के उल्लंघन की स्वतंत्र रूप से जांच करने और मुकदमा चलाने की क्षमता शामिल है।
जेफ्रीज ने कहा, “आईसीई एजेंट्स द्वारा प्राइवेट प्रॉपर्टी पर धावा बोलने और आम अमेरिकियों को इस तरह हिंसक तरीके से उनके घरों से निकालने से पहले वारंट की जरूरत जरूर होनी चाहिए। इस पर कोई विवाद नहीं होना चाहिए।”
डीएचएस को फंड देने की डेडलाइन में पांच दिन बाकी हैं। फंडिंग को मंजूरी ना मिलने की वजह से अमेरिका में आंशिक शटडाउन देखने को मिला है। जेफ्रीज ने माना कि आईसीई और कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन को पिछले साल पास हुए कानून के तहत पहले से काफी फंडिंग मिल रही है। फिर भी, सुधारों को खर्च के बिलों से जोड़ना ही एनफोर्समेंट बिहेवियर को बदलने का एकमात्र तरीका है।
उन्होंने कहा, इसी तरह आप बर्ताव बदलते हैं। अभी गेंद रिपब्लिकन के पाले में है।
जेफ्रीज ने चेतावनी दी कि कार्रवाई न करने पर कोस्ट गार्ड, एफईएमए और टीएसए को बंद करने का साफ फैसला होगा। डेमोक्रेटिक नेता ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चुनावों को नेशनलाइज करने और वोट देने के लिए नागरिकता का सबूत जरूरी करने की नई मांगों का भी विरोध किया। ये प्रस्ताव रिपब्लिकन बचाओ एक्ट नाम के कानून के जरिए आगे बढ़ाए जा रहे हैं।
जेफ्रीज ने कहा, हम जानते हैं कि चुनाव कराने का अधिकार राज्यों को है और राज्यों ने पहले ही अपने वोटर पहचान नियम बना लिए हैं। उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी पर साफ और खुलेआम वोटर को दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
हाल ही में राष्ट्रपति ट्रंप की तरफ से पूर्व प्रेसिडेंट बराक ओबामा और पूर्व फर्स्ट लेडी मिशेल ओबामा को बंदरों जैसा दिखाने वाला एक पोस्ट किया गया था, जिस पर खूब विवाद हुआ। बाद में ट्रंप ने इसे डिलीट कर दिया। जेफ्रीज ने इसकी खूब आलोचना की। ट्रंप ने माफी मांगने से मना कर दिया है और इस पोस्ट के लिए एक स्टाफ पर आरोप लगाया।
जेफ्रीज ने कहा, उन्हें निश्चित रूप से माफी मांगनी चाहिए। यह एक घटिया वीडियो था।
ट्रंप ने रुके हुए इंफ्रास्ट्रक्चर फंड्स को रिलीज करने के बदले में बड़े ट्रांसपोर्टेशन हब्स का नाम अपने नाम पर बदलने की कोशिश की। इस पर जेफ्रीज ने कहा कि यह डोनाल्ड ट्रंप का एक और उदाहरण है कि वे अमेरिकी लोगों पर प्रेसिडेंशियल ग्रैफिटी थोपने की कोशिश कर रहे हैं।
--आईएएनएस
केके/एबीएम
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