भारत ने वेस्टइंडीज को तीसरे T20I में 14 रन से हराया, पांच मैचों की सीरीज में 2-1 की बढ़त बनाई, अर्शदीप सिंह ने लिए तीन विकेट
भारत और वेस्टइंडीज के बीच रविवार 11 अक्टूबर को इंदौर के होलकर स्टेडियम में खेले गए तीसरे टी-20 मैच में टीम इंडिया ने शानदार वापसी की। दरअसल पिछले मैच में मिली हार के बाद भारतीय टीम ने इस बार 14 रन से जीत दर्ज की। वेस्टइंडीज ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी लेकिन भारत ने तेज बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 223 रन बना दिए। 224 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी कैरेबियाई टीम ने मुकाबले को रोमांचक बनाए रखा लेकिन निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट पर 209 रन ही बना सकी।
वहीं इस जीत के साथ भारत ने पांच मैचों की टी-20 सीरीज में 2-1 की बढ़त हासिल कर ली है। भारतीय पारी में अभिषेक शर्मा और ईशान किशन ने तेजी से रन बनाकर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। हालांकि बीच के ओवरों में लगातार विकेट गिरने से भारत बड़ा स्कोर बनाने की रफ्तार बरकरार नहीं रख सका। गेंदबाजी में अर्शदीप सिंह ने अहम मौके पर विकेट लेकर वेस्टइंडीज की रन बनाने की कोशिशों को झटका दिया।
अभिषेक शर्मा की तूफानी पारी
बता दें कि भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही और संजू सैमसन सिर्फ 3 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद अभिषेक शर्मा और ईशान किशन ने तेजी से रन बनाते हुए वेस्टइंडीज के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। अभिषेक ने 30 गेंदों में 69 रन बनाए। उनकी पारी में 6 चौके और 5 छक्के शामिल रहे। उन्होंने मैदान के चारों ओर शॉट लगाए और भारतीय टीम का स्कोर तेजी से आगे बढ़ाया। दूसरे छोर पर ईशान किशन ने भी आक्रामक अंदाज दिखाया। उन्होंने 18 गेंदों में 37 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों के बीच दूसरे विकेट के लिए सिर्फ 40 गेंदों में 108 रन की साझेदारी हुई। इस दौरान भारतीय टीम 280 रन के आसपास पहुंचने की स्थिति में दिख रही थी लेकिन पारी के बीच में अचानक विकेट गिरने लगे।
ईशान के आउट होने के बाद भारत ने अगले कुछ ओवरों में अभिषेक शर्मा और कप्तान श्रेयस अय्यर के विकेट भी गंवा दिए। लगातार तीन बड़े विकेट गिरने से रन बनाने की रफ्तार पर असर पड़ा। इसके बाद दूसरे बल्लेबाज लंबी पारी नहीं खेल सके और भारतीय टीम 20 ओवर में 223 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। वेस्टइंडीज की ओर से रोस्टन चेज, शमर जोसेफ और शमर स्प्रिंगर ने 2-2 विकेट लिए, जबकि कीमो पॉल और गुडाकेश मोती को एक-एक विकेट मिला।
भारत की गेंदबाजी ने दिलाई जीत
वहीं 224 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम ने भी मुकाबले में दम दिखाया। कैरेबियाई बल्लेबाजों ने रन बनाने की कोशिश जारी रखी और 209 रन तक पहुंच गए, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने उन्हें लक्ष्य से 14 रन दूर रोक दिया। भारत की ओर से अर्शदीप सिंह ने तीन विकेट लेकर अहम भूमिका निभाई। उनके विकेटों ने वेस्टइंडीज की पारी पर दबाव बनाए रखने में मदद की। भारत के लिए यह जीत इसलिए भी अहम रही क्योंकि दूसरे टी-20 में हार के बाद टीम को सीरीज में बढ़त हासिल करने के लिए वापसी करनी थी। बल्लेबाजी में अभिषेक शर्मा की तेज पारी ने भारत को बड़ा स्कोर दिया जबकि गेंदबाजों ने आखिरी ओवरों तक मुकाबले पर पकड़ बनाए रखी। वेस्टइंडीज ने लक्ष्य का पीछा करते हुए 200 रन का आंकड़ा पार किया लेकिन भारतीय टीम ने उन्हें जीत तक नहीं पहुंचने दिया।
100 साल बाद कान्हा में जंगली भैंसों की वापसी, CM मोहन यादव ने सूपखार में काजीरंगा से लाए गए 8 जंगली भैंसों को बाड़े में छोड़ा
मध्यप्रदेश के जंगलों में करीब 100 साल पहले विलुप्त हो चुके जंगली भैंसों की वापसी हो गई है। वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए कान्हा टाइगर रिजर्व में जंगली भैंसों को फिर से बसाने की पहल की गई है। रविवार को सीएम डॉ. मोहन यादव ने कान्हा के सूपखार परिक्षेत्र में जंगली भैंसा पुनर्स्थापना कार्यक्रम के अंतर्गत क्वारंटाइन अवधि पूरी कर चुके 8 जंगली भैंसों को छोड़ा, जिनमें 6 मादा और 2 नर भैंसे शामिल हैं। सरकार ने अगले तीन वर्षों में प्रदेश में 50 जंगली भैंसों को बसाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
जंगली भैंसा पुनर्स्थापना परियोजना के तहत असम के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान से दो चरणों में आठ जंगली भैंसों को कान्हा टाइगर रिजर्व के सूपखार परिक्षेत्र में लाया गया था। पहले चरण में 28 अप्रैल 2026 को तीन मादा और एक नर जंगली भैंसे को विशेष रूप से निर्मित एक हेक्टेयर क्षेत्रफल के बाड़े में रखा गया। इसके बाद 9 मई 2026 को तीन मादा और एक नर जंगली भैंसे को भी इसी बाड़े में रखा गया।
इस तरह कुल छह मादा और दो नर जंगली भैंसों को छोटे बाड़े में क्वारंटाइन किया गया, ताकि वे यहां के वातावरण और जलवायु के अनुकूल ढल सकें। क्वारंटाइन अवधि पूरी होने के बाद रविवार, 11 अक्टूबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी आठ जंगली भैंसों को 17 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाले बड़े बाड़े में स्थानांतरित कर छोड़ा गया।
प्रदेश में जंगली भैंसों की पुनर्बसाहट की दिशा में बड़ा कदम
इस मौके पर सीएम मोहन यादव ने मीडिया से बातचीत करते हुये कहा कि प्रदेश के वन विभाग और प्रदेशवासियों के लिए आज का दिन विशेष महत्व रखता है। लगभग 100 वर्षों बाद प्रदेश में जंगली भैंसों की पुनर्बसाहट की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कान्हा टाइगर रिजर्व के सूपखार क्षेत्र में इस परियोजना के दूसरे चरण का शुभारंभ हो रहा है।
जंगली भैंसों के अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने पर जोर
सीएम ने कहा कि करीब 2200 किमी दूर असम से सीएम हिमंता बिस्वा सरमा के सहयोग से जंगली भैंसों को मध्यप्रदेश के प्राकृतिक आवास में पुन: बसाने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि प्रदेश में वन्यजीवों की विभिन्न प्रजातियों के संरक्षण और उनके लिए अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विलुप्त हो चुके वन्यजीवों को पुनः स्थापित कर पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि 7 अक्टूबर को नौरादेही में रानी दुर्गावती के नाम पर अभयारण्य बनाकर चीतों के लिए तीसरा ठिकाना विकसित करने की पहल की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश से नक्सलवाद के खात्मे के बाद इस क्षेत्र में विकास की नई संभावनाएं सामने आ रही हैं।
वन्यजीव संरक्षण के लिए लगातार किए जा रहे प्रयास: सीएम यादव
सीएम मोहन यादव ने कहा कि राज्य में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। बाघ, चीता, तेंदुआ, घड़ियाल और मगरमच्छ सहित विभिन्न प्रजातियों के संरक्षण के साथ-साथ उन वन्यजीवों को भी पुनः बसाने के प्रयास किए जा रहे हैं, जो कभी इस क्षेत्र की प्राकृतिक पहचान हुआ करते थे। प्रदेश में हाथियों की स्थायी मौजूदगी भी वन्यजीव विविधता के विस्तार का एक महत्वपूर्ण पहलू है। उन्होंने कहा कि वन क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए विकास और वन्यजीव संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करना हमारी प्राथमिकता है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Mp Breaking News







/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)

