झारखंड सरकार की पहल से फुटपाथ दुकानदारों को मिलेगा पक्का ठिकाना, रांची के 53 वार्डों में बनाए जाएंगे वेंडर मार्केट
झारखंड सरकार ने शहरी व्यवस्था को बेहतर बनाने और फुटपाथ दुकानदारों को व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराने की दिशा में पहल तेज कर दी है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर रांची नगर निगम ने शहर के सभी 53 वार्डों में वेंडर मार्केट बनाने के लिए जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू की है. इस योजना का उद्देश्य छोटे कारोबारियों को स्थायी और निर्धारित स्थान उपलब्ध कराने के साथ-साथ सड़कों पर अतिक्रमण और यातायात जाम की समस्या को कम करना है.
53 वार्डों में जमीन की तलाश शुरू
रांची नगर निगम की ओर से प्रत्येक वार्ड में उपलब्ध जमीन का सर्वे किया जा रहा है. अधिकारियों के अनुसार, जमीन के आकार और उपलब्धता के आधार पर प्रस्ताव तैयार कर नगर विकास विभाग को भेजे जाएंगे. मंजूरी मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. इससे स्थानीय जरूरतों के अनुसार वेंडिंग स्थलों का विकास करने में मदद मिलेगी.
मुख्यमंत्री के निर्देश पर शहरी विकास को गति
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शहरी विकास योजनाओं की समीक्षा के दौरान प्रत्येक वार्ड में वेंडर मार्केट विकसित करने के निर्देश दिए थे. सरकार की योजना में सड़क, जल निकासी, यातायात और नागरिक सुविधाओं को भी बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है. यह पहल शहरी विकास को केवल निर्माण कार्यों तक सीमित रखने के बजाय आम नागरिकों और छोटे कारोबारियों की जरूरतों से जोड़ने का प्रयास है.
दुकानदारों को मिलेगा लाभ, जाम से राहत की उम्मीद
वेंडर मार्केट विकसित होने से फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले कारोबारियों को निर्धारित स्थान मिल सकेगा. इससे उनकी आजीविका को व्यवस्थित आधार मिलने और ग्राहकों को सुविधाजनक खरीदारी स्थल उपलब्ध होने की उम्मीद है. वहीं, सड़कों और फुटपाथों पर अनियंत्रित रूप से लगने वाली दुकानों के कारण होने वाली परेशानी भी कम हो सकती है.
व्यवस्थित शहर बनाने की दिशा में कदम
झारखंड सरकार की इस पहल से रांची में छोटे व्यापार, नागरिक सुविधाओं और यातायात व्यवस्था के बीच बेहतर संतुलन बनाने की संभावना है. हालांकि, योजना का वास्तविक लाभ जमीन की उपलब्धता, प्रशासनिक मंजूरी और निर्माण कार्य पूरा होने के बाद ही स्पष्ट होगा.
नवरात्रि पर सीएम धामी का संदेश- महिलाओं और बेटियों का सम्मान समाज की जिम्मेदारी, सेवा संकल्प अभियान से जनकल्याण को गति
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शारदीय नवरात्रि के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए महिलाओं और बेटियों के सम्मान को सामाजिक जीवन का महत्वपूर्ण आधार बताया. उन्होंने प्रदेश के लोगों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की. मुख्यमंत्री ने कहा कि मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना का यह पर्व भारतीय संस्कृति, परंपराओं और नारी शक्ति के महत्व को दर्शाता है.
मुख्यमंत्री ने नवरात्रि में होने वाले कन्या पूजन का उल्लेख करते हुए कहा कि यह परंपरा बालिकाओं के प्रति आदर और सम्मान की भावना को मजबूत करती है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं का सम्मान केवल धार्मिक परंपराओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे दैनिक जीवन और सामाजिक व्यवहार में भी अपनाया जाना चाहिए.
सेवा संकल्प अभियान से जनकल्याण पर जोर
मुख्यमंत्री धामी ने देहरादून के तपोवन रोड स्थित क्षत्रिय चेतना मंच में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में भी हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया और लाभार्थियों को कृषि उपकरण, मशरूम मिनी-किट तथा महिला एवं बाल विकास विभाग की महालक्ष्मी और किशोरी किट वितरित कीं.
राज्य सरकार की इस पहल का उद्देश्य विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाना और जरूरतमंद परिवारों को सहायता उपलब्ध कराना है. कृषि उपकरणों और मशरूम किट के वितरण से आजीविका संबंधी गतिविधियों को प्रोत्साहन देने का प्रयास भी किया गया.
शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शिविरों में प्राप्त जनशिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि जिन मामलों के निस्तारण में अधिक समय लगे, उनमें शिकायतकर्ताओं को प्रक्रिया और संभावित समयसीमा की स्पष्ट जानकारी दी जाए. उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को अपने काम के लिए सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें.
उत्तराखंड में सेवा संकल्प अभियान 17 सितंबर से संचालित किया जा रहा है. इस अभियान के माध्यम से सरकार ने जनसमस्याओं के समाधान, योजनाओं की पहुंच और प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करने पर जोर दिया है.
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