प्रसव के बाद क्यों झड़ने लगते हैं तेजी से बाल, जानें कारण से लेकर समाधान
नई दिल्ली, 9 फरवरी (आईएएनएस)। प्रसव के बाद मां के शरीर में कई तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं। वजन बढ़ने लगता है और शरीर बहुत कमजोर महसूस करता है।
इसी के साथ चेहरे पर दाग-धब्बे और प्रसव के बाद तेजी से बाल झड़ने की समस्या देखी जाती है। बाल झड़ने की समस्या हर दूसरी महिला में देखी जाती है, लेकिन ऐसा क्यों होता है, ये बहुत कम लोग ही जानते हैं। आज हम प्रसव के बाद बाल झड़ने की परेशानी के कारणों के बारे में जानेंगे और इसे रोकने के उपाय भी। पहले जानते हैं कि प्रसव के कुछ महीने बाद अचानक बाल क्यों झड़ने लगते हैं।
पहला कारण है हॉर्मोन में परिवर्तन। बच्चे को जन्म देने के बाद मां के शरीर में हॉर्मोन का असंतुलन आम बात है। प्रसव के बाद शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर गिरने लगता है, जिससे बाल जड़ों से कमजोर होकर गिरने लगते हैं और पतले भी हो जाते हैं। दूसरा कारण है पोषक तत्वों की कमी होना। प्रसव के बाद सारा ध्यान शिशु पर शिफ्ट हो जाता है और सभी शिशु का ध्यान मां की तुलना में ज्यादा करते हैं। डिलीवरी के बाद शरीर में आयरन से लेकर कैल्शियम तक की कमी हो जाती है। ऐसे में पोषक तत्वों की कमी की वजह से बाल कमजोर होकर झड़ने लगते हैं।
तीसरा कारण है तनाव और नींद की कमी। हार्मोन का असंतुलन और शिशु के रात भर जागने की वजह से मां पूरी नींद नहीं ले पाती है, जिससे डिप्रेशन और थकान होने लगती है। तनाव बाल झड़ने का सबसे बड़ा कारण है। अब जानते हैं कि बालों के गिरने को कैसे रोका जा सकता है।
पहला, डिलीवरी के कुछ समय बाद एस्ट्रोजन का स्तर शरीर में बढ़ने लगता है। दूसरा आहार पोषक तत्वों से भरपूर लें, जिसमें आयरन, कैल्शियम, विटामिन डी, और विटामिन सी की भरपूर मात्रा हो। विटामिन सी बालों और स्किन के लिए बहुत जरूरी है। आहार में दाल, अंडा, दूध, पनीर, सोया, हरी सब्जियां, चुकंदर, और अनार लें। हफ्ते में एक बार हल्की तेल मालिश जरूर करें। तनाव को कम करने के लिए पूरी नींद जरूर लें, और अगर फिर भी अगर बाल लगातार झड़ रहे हैं तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
--आईएएनएस
पीएस/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
तमिलनाडु के नामक्कल में पोल्ट्री फार्मों में हाई अलर्ट, बर्ड फ्लू के बाद बायोसिक्योरिटी सख्त
चेन्नई, 9 फरवरी (आईएएनएस)। तमिलनाडु सरकार द्वारा राज्य के कुछ हिस्सों में एवियन इन्फ्लूएंजा के मामले सामने आने और असामान्य रूप से पक्षियों की मौत की रिपोर्ट के बाद जारी की गई राज्यव्यापी एडवायजरी के बाद नमक्कल जिले के पोल्ट्री फार्मों ने बायोसिक्योरिटी और साफ-सफाई के उपायों को मजबूत किया है।
हालांकि, नमक्कल में अब तक कोई आउटब्रेक नहीं पाया गया है, लेकिन किसान और अधिकारी जिले के पोल्ट्री सेक्टर को सुरक्षित रखने के लिए पहले से ही कदम उठा रहे हैं। यह सेक्टर भारत के सबसे बड़े अंडे उत्पादन और निर्यात केंद्रों में से एक है।
अधिकारियों ने कहा कि यह निगरानी इस बात को पक्का करने के लिए है कि यह बहुत ज्यादा फैलने वाला वायरस इस अच्छी तरह से मैनेज किए गए फार्म इकोसिस्टम में किसी भी तरह से दाखिल न हो पाए।
नमक्कल में काम के बड़े पैमाने और लोगों, गाड़ियों और सामान की लगातार आवाजाही को देखते हुए, छोटी सी भी लापरवाही खतरा पैदा कर सकती है। नतीजतन, जोखिम को कम करने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं। इसी कड़ी में साफ-सफाई अभियान तेज किए गए हैं और फार्म में एंट्री पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा, निगरानी सिस्टम को और सख्त कर दिया गया है। फार्म के अंदर सिर्फ जरूरी लोगों को ही जाने की इजाजत है और नए विजिटर्स पर रोक लगा दी गई है। फार्म में आने वाली गाड़ियों को अच्छी तरह से डिसइंफेक्ट किया जा रहा है और सभी काम वेटनरी कॉलेज और पशुपालन विभाग द्वारा बताए गए प्रोटोकॉल के तहत किए जा रहे हैं।
ऑल इंडिया पोल्ट्री प्रोडक्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के सेक्रेटरी वलसन परमेश्वरन ने कहा कि नमक्कल की पोल्ट्री बेल्ट पूरे साल बायोसिक्योरिटी नियमों का पालन करती है, लेकिन जब भी अलर्ट जारी होता है तो अतिरिक्त सावधानियां बरती जाती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में किसान, मालिक और अधिकारी मिलकर काम करते हैं। हम साफ-सफाई बढ़ाते हैं और एंट्री को सख्ती से कंट्रोल करते हैं ताकि यह बीमारी हमारे फार्म तक न पहुंचे।
पोल्ट्री मालिकों ने पुष्टि की कि डिसइंफेक्शन की फ्रीक्वेंसी दोगुनी कर दी गई है। हर 15 दिन के बजाय अब हर हफ्ते में एक बार सफाई की जाती है। चूंकि नमक्कल से अंडे रेगुलर रूप से घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में एक्सपोर्ट किए जाते हैं, इसलिए फार्म को सुरक्षा उपायों की कई लेयर्स बनाए रखने की ज़रूरत होती है, जिसमें सख्त हाइजीन स्टैंडर्ड और लगातार निगरानी शामिल है।
तिरुपुर के एक पोल्ट्री किसान ने बताया कि कमर्शियल फार्म के अंदर कंट्रोल्ड माहौल इन्फेक्शन के खतरे को काफी कम कर देता है। उन्होंने कहा कि हमारे बायोसिक्योरिटी सिस्टम पूरे साल काम करते हैं। खुले पक्षियों के रहने की जगहों की तुलना में, हमारे फार्म बहुत कम असुरक्षित हैं। इस बीच, पशुपालन विभाग के वेटनरी डॉक्टर रूटीन इंस्पेक्शन कर रहे हैं।
एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि इंस्पेक्शन आमतौर पर हर 10 से 15 दिन में होते हैं, लेकिन अगर चिंता के कोई संकेत दिखते हैं तो रोजाना दौरे का इंतजाम किया जाएगा। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि जिला सुरक्षित है, लेकिन नमक्कल के जरूरी पोल्ट्री उद्योग की सुरक्षा के लिए सतर्कता ही सबसे जरूरी है।
--आईएएनएस
पीएसके
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