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डरबन टेस्ट में मैट रेनशॉ का धमाका, टेलएंडर्स के साथ मिलकर रचा इतिहास, कोहली का 10 साल पुराना वर्ल्ड रिकॉर्ड ध्वस्त

SA vs AUS: दक्षिण अफ्रीका के डरबन स्थित किंग्समीड स्टेडियम में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के दूसरे दिन ऑस्ट्रेलिया के मीडिल ऑर्डर के बल्लेबाज मैट रेनशॉ ने इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया है. जब ऑस्ट्रेलियाई टीम महज 124 रन पर अपने 6 विकेट गंवाकर गहरे संकट में फंसी थी, तब रेनशॉ ने न सिर्फ पारी को संभाला बल्कि निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ मिलकर रन बनाने का एक ऐसा अनोखा कीर्तिमान स्थापित किया, जिसने भारतीय दिग्गज विराट कोहली को पीछे छोड़ दिया है. 

विराट कोहली का 10 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त

मैट रेनशॉ ने टेस्ट क्रिकेट की एक पारी में पुछल्ले बल्लेबाजों (नंबर 8 से 11) के साथ मिलकर सबसे ज्यादा 174 रन बनाने का नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया है. ऐसा करके उन्होंने भारतीय स्टार विराट कोहली का 10 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है. विराट कोहली ने साल 2016 में इंग्लैंड के खिलाफ वानखेड़े टेस्ट में निचले क्रम के खिलाड़ियों के साथ मिलकर 171 रन जोड़े थे. अब रेनशॉ ने पुछल्ले बल्लेबाजों को साथ लेकर कोहली से 3 रन ज्यादा (174 रन) बना दिए हैं और इतिहास रच दिया है. 

मैट रेनशॉ ने खेली करियर की सर्वश्रेष्ठ 190 रनों की पारी

मैट रेनशॉ ने पिच पर जमकर बल्लेबाजी करते हुए 397 गेंदों में 190 रनों की बेहद शानदार और लंबी पारी खेली, जिसमें उन्होंने 21 चौके और 1 बेहतरीन छक्का जड़ा. हालांकि, वे स्पिनर साइमन हार्मर की गेंद पर स्लिप में कैच दे बैठे और अपने पहले टेस्ट दोहरे शतक (200 रन) से महज 10 रन से चूक गए. इसके बावजूद, उनकी इस दमदार बल्लेबाजी की बदौलत ऑस्ट्रेलियाई टीम पहली पारी में 390 रनों का एक बड़ा और मजबूत स्कोर बनाने में कामयाब रही.

पुछल्ले बल्लेबाजों को बखूबी संभाला 

इस पारी की सबसे बड़ी खूबी यह रही कि रेनशॉ ने दक्षिण अफ्रीका के खतरनाक तेज गेंदबाजों मार्को यानसेन और एनरिक नॉर्खिया का सामना खुद किया और चालाकी से स्ट्राइक अपने पास रखी ताकि पुछल्ले यानी नीचले क्रम के बल्लेबाज आउट न हों. उन्होंने कप्तान पैट कमिंस (43 रन) के साथ 86 रन, मिचेल स्टार्क (6 रन) के साथ 20 रन, नाथन लियोन (27 रन) के साथ नौवें विकेट के लिए धमाकेदार 134 रन और आखिरी में जोश हेजलवुड के साथ 26 रन जोड़े. इन अहम साझेदारियों की बदौलत उन्होंने दक्षिण अफ्रीकी टीम को पूरी तरह दबाव में ला दिया.

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बांग्लादेश: 24 घंटे में खसरे जैसे लक्षणों से 7 मासूमों की मौत

ढाका, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। बांग्लादेश में साढ़े सात महीने बाद भी खसरे या खसरे जैसे लक्षणों के कारण बच्चों की मौत का सिलसिला जारी है। रविवार सुबह 8:00 बजे तक के 24 घंटों में सात बच्चों की मौत हो गई, जिससे इस साल देश में खसरे से जुड़ी कन्फर्म और संदिग्ध मौतों की कुल संख्या 1,162 हो गई है।

डायरेक्टरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (डीजीएचएस) ने सात मौतों को संदिग्ध खसरे की श्रेणी में डाला है। इस दौरान इस संक्रामक बीमारी से किसी के भी मौत की पुष्टि नहीं की गई है।

इसके साथ ही, संदिग्ध खसरे से हुई मौतों की कुल संख्या 1,058 हो गई है, जबकि खसरे से कन्फर्म मौतों की संख्या 104 पर ही बनी हुई है। 24 घंटे की इस अवधि में खसरे के कुल 1,180 नए संदिग्ध मामले सामने आए, जिससे देश भर में संदिग्ध मामलों की कुल संख्या 205,028 हो गई।

वहीं, खसरे के 93 नए कन्फर्म मामले दर्ज किए गए, जिससे लैब में कन्फर्म हुए संक्रमणों की संख्या 22,421 तक पहुंच गई।

डीजीएचएस के अनुसार, इस साल 15 मार्च से अब तक देश भर में खसरे के संदिग्ध लक्षणों वाले कुल 182,047 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से 174,469 मरीज ठीक हो चुके हैं। रिपोर्ट में इसके लिए अंतरिम सरकार के उस फैसले को जिम्मेदार ठहराया गया है, जिसके तहत सितंबर 2025 में यूनिसेफ के जरिए वैक्सीन खरीद रोक दी गई थी।

बांग्लादेश के अखबार द डेली स्टार की रिपोर्ट में ओपन टेंडर प्रोसेस (खुली निविदा प्रक्रिया) की आलोचना की गई थी।

दैनिक ने साइंस डॉट ओआरजी की रिपोर्ट का हवाला दिया जिसमें कहा गया कि पूर्व की अंतरिम सरकार की ढुलमुल नीतियों के कारण रूटीन टीकाकरण में व्यवधान आया और बीमारी तेज गति से फैली। इससे पहले, खसरे और रूबेला के टीके की सप्लाई के लिए सरकार लंबे समय से यूनिसेफ पर निर्भर थी, जिसके लिए मुख्य रूप से गावी और सरकार से फंड मिलता था।

रिपोर्ट के अनुसार, यह बीमारी जनवरी में म्यांमार सीमा के पास रोहिंग्या शरणार्थी कैंपों में शुरू हुई और देश के 64 में से 58 जिलों में फैल गई, जिससे 21,000 से ज्यादा लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

सरकारी आंकड़ों से पता चला कि 2025 में सिर्फ 59 प्रतिशत योग्य बच्चों को खसरे का टीका लगा था, हालांकि बाद में ये आंकड़े आधिकारिक वेबसाइटों से हटा दिए गए। अफसरशाही की वजह से टेंडर प्रक्रिया में देरी हुई, जिससे टीके की सप्लाई में कमी आई और रूटीन टीकाकरण प्रभावित हुआ।

आईईडीसीआर के पूर्व प्रिंसिपल साइंटिस्ट एएसएम आलमगीर के अनुसार, 2024 से विटामिन ए वितरण अभियान के नाकाम रहने से बच्चों की इम्यूनिटी कमजोर हो गई है।

--आईएएनएस

केआर/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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टेस्ट में सबसे ज्यादा कैच लपकने वाले 5 फील्डर, दिग्गज के नाम विश्व कीर्तिमान

5 fielders Most catches in test: टेस्ट क्रिकेट का मैदान केवल रनों की बरसात या घातक गेंदबाजी का गवाह नहीं होता, बल्कि यहां एक-एक कैच मैच का पासा पलट देता है. स्लिप हो या शॉर्ट लेग, मैदान पर हर एक सेकंड में चौकस रहना और गेंद को हाथों में थामना दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फील्डर्स की पहचान रही है. टेस्ट इतिहास में सबसे ज्यादा कैच लपकने वाले टॉप पांच खिलाड़ियों के ये आंकड़े सिर्फ संख्याएं नहीं हैं, बल्कि उनके अटूट फोकस, बेजोड़ फिटनेस और खेल के प्रति समर्पण की कहानी बयां करते हैं. Sun, 11 Oct 2026 16:35:12 +0530

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