दमोह में महिलाओं की सुरक्षा के लिए 2 शक्ति मोबाइल तैनात, एसपी आनंद कलादगी ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
दमोह में नवरात्र के दौरान महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस ने शक्ति मोबाइल की शुरुआत की है। दरअसल एसपी आनंद कलादगी ने दो शक्ति मोबाइल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये वाहन सुबह और शाम उन इलाकों में गश्त करेंगे जहां देवी मंदिरों में महिलाओं की आवाजाही ज्यादा रहती है। शहर में होने वाले गरबा आयोजनों पर भी खास नजर रखी जाएगी। इन वाहनों में महिला पुलिस अधिकारी और स्टाफ तैनात रहेगा, ताकि जरूरत पड़ने पर महिलाएं सीधे पुलिस से अपनी बात कह सकें।
नवरात्र शुरू होते ही देवी मंदिरों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है। सुबह से लेकर देर शाम तक महिलाएं पूजा-पाठ और दूसरे धार्मिक आयोजनों में शामिल होने पहुंचती हैं। इसके साथ ही शहर में कई जगह गरबा कार्यक्रम भी होते हैं। ऐसे में भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना पुलिस के लिए अहम हो जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए दमोह पुलिस ने नौ दिनों के लिए शक्ति मोबाइल की व्यवस्था की है।
एसपी ने दिखाई हरी झंडी
दमोह में नवरात्र के दौरान महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस ने इस बार नई व्यवस्था की है। बीती रात एसपी आनंद कलादगी ने दो शक्ति मोबाइल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन वाहनों को शहर के उन इलाकों में तैनात किया जाएगा, जहां नवरात्र के दौरान महिलाओं और श्रद्धालुओं की आवाजाही ज्यादा रहती है। शक्ति मोबाइल का मकसद केवल सड़कों पर गश्त करना ही नहीं, बल्कि महिलाओं को जरूरत के समय पुलिस तक पहुंचने का एक आसान जरिया देना भी है। नवरात्र के नौ दिनों तक ये वाहन तय इलाकों में घूमकर हालात पर नजर रखेंगे। पुलिस की दूसरी व्यवस्थाओं के साथ इस पहल को भी जोड़ा गया है, ताकि त्योहार के दौरान सुरक्षा पर ध्यान दिया जा सके।
शाम को गरबा पंडालों के आसपास गश्त
दो मोबाइल वाहनों की शुरुआत के साथ पुलिस ने मंदिरों और आयोजन स्थलों के आसपास निगरानी बढ़ाने की तैयारी की है। इनकी तैनाती से शहर के उन हिस्सों पर खास ध्यान दिया जाएगा, जहां सुबह पूजा के समय और शाम को गरबा आयोजनों के दौरान लोगों की भीड़ रहती है। दमोह पुलिस की ओर से तैयार व्यवस्था के मुताबिक, शक्ति मोबाइल सुबह 4 बजे से उन इलाकों में घूमेगी, जहां देवी मंदिर हैं और महिलाओं की आवाजाही रहती है। सुबह जल्दी दर्शन के लिए आने वाली महिलाओं को ध्यान में रखते हुए इन इलाकों में पुलिस की मौजूदगी रखी जाएगी।
शाम को भी शक्ति मोबाइल इन्हीं क्षेत्रों में गश्त करेगी। नवरात्र के दौरान शहर में अलग-अलग जगह गरबा उत्सव आयोजित किए जाते हैं। इन कार्यक्रमों में महिलाओं और युवतियों की भागीदारी को देखते हुए गरबा पंडालों के आसपास विशेष निगरानी रखी जाएगी। मोबाइल वाहन इलाके में घूमकर स्थिति पर नजर रखेंगे और जरूरत के मुताबिक पुलिस की मौजूदगी बनाए रखेंगे।
बंगाल सरकार का बड़ा फैसला, उचित मूल्य की 375 वेटनरी दवा दुकानें खोलेगा पशु संसाधन विभाग
कोलकाता, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में जल्द ही पालतू जानवरों और पक्षियों के लिए 375 उचित मूल्य वाली दवा की दुकानें खुलेंगी। इन्हें राज्य के पशु संसाधन विकास विभाग के तहत पशु संसाधन और पशु स्वास्थ्य निदेशालय चलाएगा।
विभाग ने एक नोटिफिकेशन जारी कर कहा है कि पालतू जानवरों और पक्षियों के लिए ये उचित मूल्य वाली दवा की दुकानें, जिन्हें पशु औषधि विक्रय केंद्र (पीएवीके) के नाम से जाना जाएगा, केंद्र सरकार के पशुधन स्वास्थ्य और रोग नियंत्रण कार्यक्रम का हिस्सा होंगी।
विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि ये पीएवीके न केवल घर में पालतू जानवर रखने वालों की जरूरतें पूरी करेंगे, बल्कि उन लोगों की भी मदद करेंगे जो अपनी आजीविका के लिए पशुधन पर निर्भर हैं। विभाग के अधिकारी ने कहा, 375 पीएवीके में से मुख्य केंद्र राज्य स्तर पर होगा, जो राज्य की राजधानी कोलकाता में स्थित होगा। इसी तरह, 30 जिला-स्तरीय पीएवीके और 344 ब्लॉक-स्तरीय पीएवीके होंगे।
पीएवीके में कुत्तों सहित पालतू जानवरों के लिए दवाएं और टीके, प्राइवेट पेट शॉप या पेट क्लीनिक की तुलना में बहुत कम कीमत पर उपलब्ध होंगे।
राज्य सरकार के अधिकारी ने कहा, अक्सर यह आरोप लगाया जाता है - और कुछ हद तक यह सच भी है - कि पशुओं की दवाओं और टीकों को लेकर काफी समय से एक बड़ा घोटाला चल रहा है। इसमें कुछ पशु चिकित्सक और पशुओं की दवाएं व टीके बनाने वाली फार्मास्युटिकल कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हैं।
घोटाले के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि कुछ पशु चिकित्सकों पर अक्सर आरोप लगते हैं कि वे जेनेरिक दवाओं के बजाय खास ब्रांड की दवाएं और टीके लिखते हैं। इसके बदले में उन्हें भारी कमीशन और दवा बनाने वाली कंपनियों के प्रतिनिधियों से अन्य तरह के फायदे मिलते हैं।
विभाग के अधिकारी ने कहा, एक बार जब ये उचित मूल्य वाली दवा की दुकानें काम करने लगेंगी, तो ऐसे कथित घोटाले अपने आप कम हो जाएंगे। इससे पालतू जानवरों के मालिकों को फायदा होगा क्योंकि उन्हें महंगी ब्रांडेड दवाएं खरीदने से राहत मिलेगी।
उन्होंने कहा कि ये पीएवीके दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले और अपनी आजीविका के लिए पशुधन पर निर्भर लोगों की एक और बड़ी समस्या का समाधान करेंगे। विभाग के अधिकारी ने कहा, इसीलिए ऐसे लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ब्लॉक-स्तर पर 344 पीएवीके खोले जाएंगे।
इसको लेकर पशु प्रेमियों में खुशी है। शहर में रहने वालीं पशु प्रेमी जयिता सरकार ने कहा, अक्सर हमें अपने पालतू जानवरों के लिए दवाएं और टीके, खासकर अपने पिल्लों के लिए रेबीज के टीके, बहुत ज्यादा कीमत पर खरीदने पड़ते हैं क्योंकि पशु चिकित्सक सिर्फ़ महंगी ब्रांडेड दवाएं ही लिखते हैं। अब राज्य सरकार की इस पहल से यह समस्या काफी हद तक हल हो जाएगी।
--आईएएनएस
पीआईएम/पीएम
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