आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान बांग्लादेश में रहने वाले हिंदुओं की सुरक्षा पर कड़ा और साफ संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वहां के हिंदुओं को अकेले पड़ने की जरूरत नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया का हिंदू समाज उनके समर्थन में खड़ा है।
बांग्लादेशी हिंदुओं को सलाह
मुंबई के नेहरू सेंटर में संघ के 100 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित एक लेक्चर में भागवत जी ने कहा, 'बांग्लादेश में करीब सवा करोड़ (1.25 करोड़) हिंदू हैं। अगर वे वहीं रहकर अपने अधिकारों के लिए लड़ने का फैसला करते हैं तो दुनिया भर के सभी हिंदू उनकी मदद के लिए आगे आएंगे।'
बांग्लादेश में क्यों बिगड़े हालात?
पिछले कुछ समय से बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की घटनाएं बढ़ी हैं। यह सब अगस्त 2024 में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद शुरू हुआ। इस तख्तापलट के बाद बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हुए। इस उथल-पुथल के बीच हिंसक भीड़ ने हिंदू व्यापारियों, मजदूरों और छात्रों को निशाना बनाया। कई लोगों की जान गई और संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया।
इसके बाद, छात्र नेताओं की मौत और राजनीतिक अस्थिरता के बाद ये हमले संगठित रूप से हिंदुओं के खिलाफ मुड़ गए।
एकता पर जोर
भागवत जी ने जोर देकर कहा कि ऐसी मुश्किल घड़ी में एकता ही सबसे बड़ा समाधान है। उन्होंने यह संदेश दिया कि बांग्लादेश के हिंदुओं को डरकर भागने के बजाय अपनी जगह सुरक्षित करने के लिए हिम्मत जुटानी होगी और इसमें बाहरी दुनिया के हिंदू उनका साथ देंगे।
Continue reading on the app
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का नीदरलैंड और चेक गणराज्य का दौरा रद्द हो गया है। इसका कारण यह है कि केंद्र सरकार ने उनके 'पॉलिटिकल क्लीयरेंस' के अनुरोध को रोक दिया और उनके दौरे पर कोई जवाब नहीं दिया।
तीसरी बार रुकी विदेश यात्रा
यह पहली बार नहीं है जब मुख्यमंत्री मान को विदेश जाने से रोका गया हो। पिछले कुछ समय में यह तीसरी बार है जब उन्हें मंजूरी नहीं मिली। इससे पहले पिछले महीने ही उन्हें निवेश के सिलसिले में यूके और इजराइल में जाने की इजाजत नहीं दी गई थी। इससे पहले पेरिस ओलंपिक के दौरान भारतीय हॉकी टीम का उत्साह बढ़ाने के लिए उनके फ्रांस जाने के अनुरोध को भी केंद्र ने मना कर दिया था।
क्यों जाना चाहते थे मुख्यमंत्री?
अगले महीने पंजाब में 'इन्वेस्टर्स समिट' होने वाला है। मुख्यमंत्री मान एक डेलिगेशन के साथ यूरोप के इन देशों में जाकर बड़े बिजनेसमैन से मिलना चाहते थे, ताकि पंजाब में विदेशी निवेश लाया जा सके और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।
आम आदमी पार्टी का आरोप
इस मामले पर आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि केंद्र सरकार जानबूझकर विपक्षी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को निशाना बना रही है। इस तरह की पाबंदियों से पंजाब के विकास और निवेश लाने की कोशिशों को नुकसान पहुंच रहा है। जब दूसरे राज्यों के मुख्यमंत्री विदेश जा सकते हैं, तो पंजाब के मुख्यमंत्री को बार-बार क्यों रोका जा रहा है?
क्या है नियम?
नियमों के मुताबिक, किसी भी राज्य के मुख्यमंत्री को आधिकारिक विदेश यात्रा के लिए विदेश मंत्रालय से अनुमति लेनी होती है। हालांकि, मंत्रालय अक्सर मंजूरी न देने का कोई खास कारण सार्वजनिक रूप से नहीं बताता, जिससे यह मामला अब एक राजनीतिक विवाद बन गया है।
Continue reading on the app