Holi Special Train: रेलवे की बड़ी सौगात, होली के मौके पर 285 स्पेशल ट्रेनों के साथ ऐसे पाएं आसानी से कंफर्म टिकट
Holi Special Train: हर साल होली के आसपास लाखों लोग अपने घरों की ओर रवाना होते हैं. कोई दिल्ली से पटना जाता है तो कई मुबंई से वाराणसी. अधिकतर यात्री बजट के कारण ट्रेन से सफर करना पसंद करते हैं. ऐसे में ट्रेनों में भारी भीड़ हो जाती है. इसे देखते हुए भारतीय रेलवे ने इस बार यात्रियों को बड़ी राहत दी है. होली के मौके पर करीब 285 स्पेशल ट्रेनें चलाने का फैसला लिया गया है. चलिए आपको बताते हैं कन्फर्म टिकट पाने के आसान तरीके क्या हैं.
क्यों जरूरी पड़ीं होली स्पेशल ट्रेनें?
होली के समय नौकरी और पढ़ाई से छुट्टी लेकर लोग घर जाते हैं. सीटें जल्दी भर जाती है. कई बार भीड़ की वजह से परेशानी और हादसे भी हो जाते हैं. इन्हीं समस्याओं को कम करने के लिए रेलवे हर साल स्पेशल ट्रेनें चलाता है. इस बार संख्या ज्यादा रखी गई है ताकि यात्रियों को सहूलियत मिल सके.
किन रूट्स पर मिलेंगी स्पेशल ट्रेनें?
रेलवे ने उन रूट्स को प्राथमिकता दी है, जहां सबसे ज्यादा भीड़ रहती है. इनमें शामिल हैं दिल्ली से पटना, दिल्ली से लखनऊ, मुंबई से वाराणसी, कोलकाता से पटना, यूपी और बिहार के प्रमुख रूट्स. इन रास्तों पर यात्रा करना अब पहले से आसान हो जाएगा.
कंफर्म टिकट पाने के आसान तरीके
IRCTC पर जैसे ही स्पेशल ट्रेन दिखे, तुरंत टिकट बुक करें.
आखिरी समय का इंतजार न करें.
जनरल कोटा में सीट न मिले तो Tatkal टिकट की कोशिश करें.
एक ही तारीख पर अटके न रहें. पास की तारीख और समय भी चेक करें.
नजदीकी स्टेशनों से टिकट देखने पर भी सीट मिलने के चांस बढ़ जाते हैं.
बुकिंग से पहले यात्री की डिटेल और पेमेंट ऑप्शन सेव रखें. इससे समय बचेगा.
यात्रियों के लिए बड़ी राहत
रेलवे के इस कदम से होली पर सफर करने वालों को काफी राहत मिलेगी. भीड़ कम होगी और सफर सुरक्षित रहेगा. अगर आप भी होली पर घर जाने की तैयारी कर रहे हैं, तो अभी से प्लान बनाना आपके लिए फायदेमंद रहेगा.
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आईएनएस सुदर्शिनी ने पार किया ओमान, 22,000 नॉटिकल मील की है समुद्री यात्रा
नई दिल्ली, 8 फरवरी (आईएएनएस) भारतीय नौसेना के सेल ट्रेनिंग शिप आईएनएस सुदर्शिनी ने ओमान के सलालाह बंदरगाह पर अपना पहला पोर्ट कॉल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। आईएनएस सुदर्शिनी ‘लोकायन–26’ नामक दस महीने की लंबी समुद्री यात्रा पर है।
ओमान की यह यात्रा इस सफर का एक अहम पड़ाव था। भारतीय शिप अब यहां से आगे निकल चुका है। ‘लोकायन–26’ अभियान का मकसद दुनिया भर में भारत की समृद्ध समुद्री परंपरा और ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ यानी सारी दुनिया एक परिवार है, के संदेश को फैलाना है। ‘सुदर्शिनी’ 10 महीने लंबी यात्रा के दौरान कुल 13 देशों के 18 विदेशी बंदरगाहों की यात्रा कर रहा है। पारंपरिक विधि से बना यह नौसैनिक शिप फ्रांस और अमेरिका जैसे देशों में आयोजित विशेष अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में भी शामिल होगा।
नौसेना का शिप ‘सुदर्शिनी’ कुल 22,000 नॉटिकल मील से अधिक की समुद्री यात्रा कर रहा है। सलालाह में प्रवास के दौरान आईएनएस सुदर्शिनी के कमांडिंग ऑफिसर ने ओमान की रॉयल नेवी के साउदर्न नेवल एरिया कमांडर कैप्टन मोहम्मद अल घैलानी और आरएनओ जहाज अल मोअजर के कमांडिंग ऑफिसर कैप्टन मोहम्मद अल महारी से मुलाकात की। बातचीत में भारत और ओमान के बीच पुराने समुद्री रिश्तों और दोनों नौसेनाओं की दोस्ती को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।
इसके अलावा ओमान की रॉयल नेवी के अधिकारियों को जहाज का गाइडेड टूर भी कराया गया। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक स्थानीय लोगों से जुड़ाव बढ़ाने के लिए आईएनएस सुदर्शिनी को आम लोगों के लिए भी खोला गया। करीब 600 से ज्यादा लोगों ने इस तीन मस्तूल वाले भारतीय जहाज को करीब से देखा। इन लोगों में स्कूल के बच्चे भी शामिल थे। उन्होंने यहां समुद्र में नौकायन की बारीकियों के बारे में जाना। अब आईएनएस सुदर्शिनी लोकायन–26 की अगली यात्रा पर रवाना हो चुकी है। पूरे जोश और उत्साह के साथ यह जहाज समुद्रों में भारत की सदियों पुरानी नौकायन परंपरा, दोस्ती और सद्भावना का संदेश आगे बढ़ा रहा है।
गौरतलब है कि आईएनएस सुदर्शिनी भारतीय नौसेना का पाल-प्रशिक्षण समुद्री जहाज है। आईएनएस सुदर्शिनी की यह यात्रा करीब दस महीने तक चलेगी। इस दौरान विभिन्न देशों के साथ भारत अपने समुद्री रिश्तों की चर्चा करेगा। नौसेनाओं के बीच दोस्ती और सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा। यह शिप ‘लोकायन–26’ नामक ऐतिहासिक अंतरमहाद्वीपीय नौकायन अभियान के लिए रवाना हुआ है। यह दस माह का एक दीर्घकालिक वैश्विक समुद्री अभियान है। यह नौसैनिक अभियान भारत की समृद्ध नौसैनिक परंपरा को विश्व पटल पर प्रदर्शित कर रहा है। यह नौसैनिक अभियान महासागरों के पार सहयोग, विश्वास और मित्रता के सेतु निर्माण का संदेश भी दे रहा है।
--आईएएनएस
जीसीबी/एएस
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