Delhi Court से CJP Leaders को मिली रिहाई, 1 साल शांति बनाए रखने की रखी शर्त
दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेता अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रंका को रविवार को रिहा कर दिया गया। अदालत ने उन्हें इस शर्त पर रिहा किया कि वे एक साल तक शांति भंग नहीं करेंगे।
तीनों नेताओं को शनिवार को दिल्ली में एयर इंडिया के विमान के उतरने के कुछ ही देर बाद पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले थे।
एयर इंडिया के विमान से हिरासत में लिए गए थे नेता
दिल्ली पुलिस ने शनिवार को विमान के अंदर से अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रंका को हिरासत में लिया था। इसके बाद तीनों को दिल्ली कैंट की अतिरिक्त नगर मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया।
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एक साल तक शांति बनाए रखने की शर्त पर मिली रिहाई
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, तीनों नेताओं को 10 अक्टूबर 2026 को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 126 और 170 के तहत एहतियातन हिरासत में लिया गया था।
पुलिस ने बताया कि सभी जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया। रविवार को तीनों को दिल्ली कैंट की विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया। पुलिस के बयान के अनुसार, एक साल तक शांति बनाए रखने और अच्छा व्यवहार करने की शर्त पर 50,000 रुपये का जमानत बांड भरा गया। इसके बाद अदालत ने तीनों को रिहा कर दिया।
#WATCH | Delhi: CJP leaders Abhijeet Dipke, Ashutosh Ranka, and Saurav Das at a police station after they were released from Delhi Cantt Police Station. https://t.co/lpTrp2zXES
— ANI (@ANI) October 11, 2026
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रिहाई के बाद सीजेपी ने क्या कहा?
तीनों नेताओं की रिहाई के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने अपने आधिकारिक एक्स पेज पर पोस्ट किया। पार्टी ने एक्स पर लिखा, "आखिरकार, दिल्ली पुलिस को अभिजीत दीपके, आशुतोष रंका और सौरव दास को रिहा करना पड़ा। कॉकरोच कभी नहीं मरते।"
Delhi: एक साल शांति बनाए रखने की शर्त पर रिहा हुए कॉजपा के तीनों नेता
कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेताओं अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से पहले दिल्ली हवाई अड्डे पर हिरासत में लिए जाने के बाद एहतियातन गिरफ्तार किया गया था लेकिन रविवार को उन्हें कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किए जाने के बाद रिहा कर दिया गया। कॉजपा की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने बताया कि उन्हें इस शर्त पर रिहा किया गया है कि वे एक साल तक ‘‘शांति भंग’’ नहीं करेंगे। इससे पहले, रविवार सुबह पुलिस ने बताया था कि उसने राष्ट्रीय राजधानी में कॉजपा नेताओं को उनका विमान उतरने के बाद हिरासत में ले लिया था और फिर उन्हें एहतियातन गिरफ्तार कर लिया गया था।
पुलिस ने कहा था कि उन्हें दिल्ली कैंट पुलिस थाने में कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, कॉजपा नेताओं के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 126 (शांति बनाए रखने के लिए प्रतिभूति) और धारा 170 (संज्ञेय अपराधों को रोकने के लिए गिरफ्तारी) के तहत कार्रवाई की गई। सिंह ने तीनों नेताओं को कार्यकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किए जाने के बाद सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत ने अभिजीत, सौरव और आशुतोष को रिहा कर दिया।’’ शनिवार को कॉजपा नेताओं को हिरासत में लिया गया था।
यह कार्रवाई दिल्ली में सुरक्षा के अत्यधिक कड़े इंतजामों के बीच हुई, जहां प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पहुंचने से रोकने के लिए विभिन्न स्थानों पर 7,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया था। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार सहित विपक्ष के कई नेताओं को भी प्रदर्शन में शामिल होने की कोशिश के दौरान हिरासत में लिया गया था। कॉजपा ने रविवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान दोहराया।
इस बीच, पुलिस ने दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को यथावत रखा है। पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 30,000 से अधिक जवान तैनात हैं। कॉजपा और विपक्षी दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
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