Propose Day 2026: प्रपोज डे पर कहना चाहते हैं दिल की बात, अपनाएं ये 5 यूनिक तरीके, देखते ही हां बोलेगा पार्टनर
Propose Day 2026: वैलेंटाइन वीक में आज यानी 8 फरवरी का दिन बेहद खास माना जाता है. इस दिन प्रपोज डे मनाया जाता है. यह वो मौका होता है, जब लोग अपने दिल की बात कहने की हिम्मत जुटाते हैं. जो भावनाएं लंबे समय से दिल में छुपी होती हैं, उन्हें शब्दों का सहारा मिलता है. अगर आप भी अपने क्रश या पार्टनर को खास अंदाज में प्रपोज करना चाहते हैं, तो ये 5 आइडिया आपके काम आ सकते हैं.
प्रपोज डे पर अपनाएं ये 5 यूनिक तरीके
हाथ से लिखा लेटर बनेगा यादगार
डिजिटल दौर में हाथ से लिखा खत दिल को छू जाता है. एक सादा कागज लें. अपने जज्बात सच्चे शब्दों में लिखें. अंत में प्यार भरा सवाल जरूर जोड़ें. यह तरीका सादा है, लेकिन बहुत इमोशनल होता है. पार्टनर को आपकी सच्चाई महसूस होगी.
फोटो और वीडियो से बनाएं खास प्रपोजल
अगर आपके पास साथ बिताए पलों की तस्वीरें और वीडियो हैं, तो उनका इस्तेमाल करें. उन्हें जोड़कर एक छोटा सा वीडियो बनाएं. बैकग्राउंड में रोमांटिक म्यूजिक लगाएं. चाहें तो आखिर में एक प्यारा सा सवाल जोड़ दें. यह तरीका आजकल काफी ट्रेंड में है.
पसंदीदा जगह पर दें सरप्राइज
अपने पार्टनर की पसंदीदा जगह चुनें. वहां हल्की लाइट्स, फूल और सॉफ्ट म्यूजिक का इंतजाम करें. यह जगह पार्क, कैफे या कोई खास कोना हो सकता है. यादगार माहौल में किया गया प्रपोज दिल पर गहरी छाप छोड़ता है.
डिनर डेट को बनाएं और खास
कैंडल लाइट डिनर आज भी सबसे असरदार तरीकों में गिना जाता है. खाने के दौरान अचानक घुटनों पर बैठकर गुलाब या रिंग के साथ प्रपोज करें. यह क्लासिक तरीका कभी पुराना नहीं होता.
गिफ्ट के साथ करें प्यार का इजहार
एक प्यारा सा गिफ्ट चुनें. उसके अंदर छोटा सा नोट छुपा दें. जैसे ही पार्टनर नोट पढ़े, सामने आकर अपने दिल की बात कह दें. चॉकलेट बॉक्स, कस्टम मग या फोटो फ्रेम अच्छा विकल्प हो सकता है.
प्रपोज डे का महत्व
प्रपोज डे रिश्तों में ईमानदारी और भरोसे को बढ़ाता है. जब कोई अपने जज्बात खुलकर कहता है, तो सामने वाले को अपनापन महसूस होता है. यह दिन प्यार को सम्मान देने और रिश्तों को मजबूत बनाने का प्रतीक है.
मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने पीएम मोदी को बताया भरोसेमंद और सच्चा दोस्त
कुआलालंपुर, 8 फरवरी (आईएएनएस)। मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सच्चा मित्र बताया और कहा कि उनके साथ भरोसेमंद समझौता रहा है।
मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संयुक्त प्रेस मीट में कहा कि भारत और मलेशिया के बीच यह बैठक और दस्तावेजों का आदान-प्रदान “बेहद महत्वपूर्ण, रणनीतिक और रिश्तों को मजबूत करने के लिए आवश्यक” है। उन्होंने कहा कि हमारे देशों के बीच 1957 से लंबे समय से संबंध हैं, लेकिन 2024 में इसे व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया है।”
उन्होंने गहरे ऐतिहासिक संबंध, मजबूत पीपल-टू-पीपल कनेक्शन और लगातार बढ़ती आर्थिक साझेदारी को भी रेखांकित किया।
प्रधानमंत्री इब्राहिम ने कहा, “हम सभी क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करेंगे। व्यापार और निवेश, सेमीकंडक्टर, डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्थानीय मुद्रा में व्यापार, कनेक्टिविटी, ऊर्जा, कृषि, खाद्य सुरक्षा, रक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, पर्यटन, संस्कृति और लोगों के बीच संबंध को बढ़ाएंगे। यह वास्तव में व्यापक है, और हमें विश्वास है कि दोनों सरकारों और दोनों विदेश मंत्रियों की प्रतिबद्धता से इसे तेजी से आगे बढ़ाया जा सकता है।”
मलेशियाई प्रधानमंत्री ने बताया कि दोनों देशों ने 11 दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया, जिसमें एमओयू भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह आदान-प्रदान सामान्य द्विपक्षीय समझौतों से आगे बढ़कर हुआ क्योंकि इसमें सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य देखभाल और सुरक्षा सहयोग जैसे क्षेत्रों को भी शामिल किया गया।
प्रधानमंत्री इब्राहिम ने भारत के साथ व्यापार सहयोग बढ़ाने की आशा व्यक्त की और कहा कि यह 8.59 बिलियन डॉलर से आगे और अधिक बढ़ सकता है। उन्होंने स्थानीय मुद्राओं भारतीय रुपए और मलेशियाई रिंगित के इस्तेमाल को “अद्भुत उपलब्धि” बताया।
उन्होंने शिक्षा संबंधों पर भी जोर दिया और कहा कि कई मलेशियाई नागरिक भारत में पढ़े हैं और मलेशिया में भारतीय छात्रों की संख्या भी बढ़ रही है। उन्होंने कहा, “पिछले दशक में, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत के शिक्षा केंद्रों को शानदार पहचान मिली है। कई केंद्र पश्चिमी देशों के संस्थानों से भी आगे की उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। इसलिए हम निश्चित रूप से इस क्षेत्र में छात्रों की संख्या बढ़ाने पर विचार करेंगे।”
प्रधानमंत्री इब्राहिम ने पर्यटन और कनेक्टिविटी पर भी ध्यान देने की आवश्यकता जताई।
उन्होंने कहा, “मैं अपनी सराहना व्यक्त करता हूं, क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी के साथ मेरी बातचीत सिर्फ सामान्य कूटनीतिक आदान-प्रदान नहीं है, बल्कि यह सच्चे मित्रों के बीच भरोसे और समझ से भरा आदान-प्रदान है। मैं इस अवसर का उपयोग उन्हें शांति प्रयासों के समर्थन के लिए धन्यवाद देने के लिए करना चाहता हूं, चाहे वह यूक्रेन-रूस मामला हो या मध्य पूर्व, खासकर गाजा।”
उन्होंने कहा कि भारत और मलेशिया के अच्छे संबंधों के संकेत के तौर पर, उन्होंने भारत का कांसुलेट खोलने के भारत सरकार के फैसले को तुरंत सहमति दी।
इससे पहले, दोनों नेताओं ने प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत की, जिसमें रक्षा और सुरक्षा समेत कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने के उपायों पर चर्चा हुई।
पीएम मोदी का यह दौरा भारत और मलेशिया के बीच लंबे समय से चल रहे मित्रता संबंधों को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो आपसी भरोसे, साझा मूल्यों और भविष्य के लिए समान आकांक्षाओं पर आधारित है।
--आईएएनएस
एएमटी/एएस
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