Responsive Scrollable Menu

बीड में तलवार से केक काटकर रील बनाना पड़ा भारी, दो युवक गिरफ्तार; घर से तीन फीट की तलवार और दो खंजर जब्त

बीड जिले में तलवार से जन्मदिन का केक काटना और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करना दो युवकों को भारी पड़ा. केज पुलिस ने अजय तांदले और सदाशिव आंधले को गिरफ्तार कर तीन फीट लंबी तलवार और दो खंजर बरामद किए.

Continue reading on the app

यूपी की आंगनबाड़ी बहनों को CM योगी की सौगात, अब हर साल मिलेंगी 3 साड़ियां; 19.02 करोड़ रुपये होंगे खर्च

UP News: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश भर में जमीनी स्तर पर सेवाएं दे रही लाखों आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को एक बड़ा और राहत भरा तोहफा दिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अब इन महिला कर्मियों को हर साल दो के बजाय तीन साड़ियां उपलब्ध कराई जाएंगी. सरकार के इस कदम से राज्य की लगभग पौने चार लाख से अधिक आंगनबाड़ी बहनों को सीधा लाभ पहुंचेगा. कार्यस्थल पर निर्धारित गणवेश यानी यूनिफॉर्म पहनकर सेवा देने वाली इन महिला कर्मियों को इस निर्णय से अपने रोजमर्रा के काम में बहुत बड़ी सहूलियत मिलेगी.

कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव पर लगी मुहर

राजधानी लखनऊ में आयोजित कैबिनेट बैठक में कई बड़े प्रस्तावों पर चर्चा के बाद इस कल्याणकारी फैसले को हरी झंडी दिखाई गई. बैठक संपन्न होने के बाद प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने मीडिया से बात करते हुए इस महत्वपूर्ण निर्णय की औपचारिक जानकारी दी. उन्होंने बताया कि वर्तमान में पूरे उत्तर प्रदेश के भीतर कुल 1,90,145 आंगनबाड़ी केंद्र स्वीकृत हैं. नियमानुसार इन केंद्रों पर इतनी ही संख्या में कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के पद भी स्वीकृत किए गए हैं. राज्य सरकार ने इन सभी स्वीकृत पदों की कुल संख्या को ध्यान में रखकर यह निर्णय लिया है कि हर कर्मी को एक अतिरिक्त साड़ी प्रदान की जाए. इस प्रकार कुल मिलाकर 3,80,290 कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को इस नई व्यवस्था का सीधा लाभ मिलेगा.

तीसरी साड़ी का पूरा खर्च खुद उठाएगी राज्य सरकार

आंगनबाड़ी कर्मियों को मिलने वाली यूनिफॉर्म के वित्तीय ढांचे पर बात करते हुए वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि अब तक चली आ रही व्यवस्था में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर खर्च वहन करती रही हैं. सामान्य योजना के तहत 60 और 40 के वित्तीय अनुपात में प्रतिवर्ष दो साड़ियां दी जाती रही हैं. इसमें 60 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार और चालीस प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार देती है. हालांकि, अब जो तीसरी अतिरिक्त साड़ी देने का निर्णय लिया गया है, उसका पूरा वित्तीय भार राज्य सरकार अपने बजट से उठाएगी. इसमें केंद्र सरकार से कोई वित्तीय मदद नहीं ली जाएगी.

सरकारी खजाने से खर्च होंगे 19 करोड़ रुपये से ज्यादा

सरकार ने इस नई व्यवस्था को लागू करने के लिए आवश्यक वित्तीय आकलन भी पूरा कर लिया है. प्रति साड़ी की अनुमानित दर 500 रुपये तय की गई है. इस हिसाब से प्रदेश भर के सभी स्वीकृत पदों पर तैनात कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के लिए अतिरिक्त साड़ी खरीदने पर राज्य के खजाने से कुल 19 करोड़ 1 लाख 45 हजार रुपये का खर्च आएगा. सरकार ने इसके लिए आवश्यक धनराशि की व्यवस्था सुनिश्चित कर ली है ताकि समय पर सभी बहनों तक यह लाभ पहुंचाया जा सके.

धुलाई और मौसम की दिक्कतों से मिलेगी बड़ी राहत

आंगनबाड़ी केंद्रों पर काम करने वाली कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के लिए विभाग द्वारा निर्धारित ड्रेस कोड पहनना अनिवार्य होता है. वे इसी वेशभूषा में अपने केंद्र का संचालन करती हैं और विभिन्न गांवों व मोहल्लों में घर-घर जाकर सेवाएं देती हैं. साल भर में केवल दो साड़ियां मिलने के कारण उन्हें कई प्रकार की व्यावहारिक समस्याओं का सामना करना पड़ता था. लगातार इस्तेमाल, बार-बार की धुलाई, बरसात व गर्मी के मौसम की सीलन और काम के दौरान साड़ी खराब होने जैसी दिक्कतों से वे परेशान रहती थीं. अक्सर साड़ियों के फटने या गंदा होने पर विकल्प की कमी हो जाती थी. अब हर साल तीसरी साड़ी मिलने से उनकी यह समस्या पूरी तरह दूर हो जाएगी और वे सम्मानपूर्वक व आत्मविश्वास के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकेंगी.

पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूत रीढ़ हैं आंगनबाड़ी बहनें

उत्तर प्रदेश में समाज के अंतिम पायदान तक महिलाओं और बच्चों की सेहत का ख्याल रखने में आंगनबाड़ी केंद्रों की भूमिका सबसे अहम मानी जाती है. इन केंद्रों के माध्यम से छह महीने से लेकर छह साल तक के नन्हे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और नवजात को स्तनपान कराने वाली माताओं को पूरक पुष्टाहार का वितरण नियमित रूप से किया जाता है. इसके अतिरिक्त प्रदेश के आकांक्षी जिलों में 14 से 18 साल की किशोरियों के पोषण और स्वास्थ्य का ध्यान रखने की जिम्मेदारी भी इन्हीं केंद्रों के कंधों पर है. कुपोषण को मात देने, टीकाकरण के प्रति जागरूकता फैलाने और सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने में ये बहनें रात-दिन मेहनत करती हैं. योगी सरकार का यह फैसला उनकी इसी निष्ठा, समर्पण और कड़ी मेहनत के प्रति एक सकारात्मक सम्मान के रूप में देखा जा रहा है.

यह भी पढ़ें: जनसमस्याओं को लेकर सीएम योगी सख्त, अधिकारियों को 24 घंटे में जवाब देने के दिए निर्देश

Continue reading on the app

  Sports

WCL: उथप्पा-बिन्नी ने उड़ाए छक्के ही छक्के लेकिन युवराज हुए फेल, सिर्फ 1 मैच खेलने वाला कर गया खेल

साउथ अफ्रीका चैंपियंस के खिलाफ इंडिया चैंपियंस को एक बड़े स्कोर की जरूरत थी और उथप्पा ने इसे सुनिश्चित करने के लिए विस्फोटक शुरुआत दिलाई. वहीं बिन्नी ने धुआंधार अंदाज में फिनिश किया. Sat, 10 Oct 2026 23:43:58 +0530

  Videos
See all

Attack on female lawyer..demand for arrest! | #viralnews #viralvideo #shorts #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-10T21:40:13+00:00

CJP के एक और प्रदर्शनकारी को पुलिस ने किया DETAIN! | #shorts #shortvideo #viral #tmktech #vivo #v29pro
2026-10-10T21:30:30+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers