उत्तराखंड में एक ही दिन दो बार भूकंप, उत्तरकाशी में 4.2 तीव्रता के झटके
उत्तराखंड में शनिवार को दो अलग-अलग जगहों पर भूकंप के झटके महसूस किए गए. रात 8 बजकर 8 मिनट पर उत्तरकाशी में 4.2 तीव्रता का भूकंप आया. इससे पहले दिन में बागेश्वर में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. यहां भूकंप की तीव्रता 2.8 दर्ज की गई. लगातार भूकंपीय गतिविधियों के कारण राज्य में लोगों के बीच चिंता बढ़ गई है.
इससे पहले 6 अक्टूबर को भी उत्तराखंड के चमोली जिले में 4.9 तीव्रता का भूकंप आया था. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के मुताबिक, यह भूकंप रात 10 बजकर 23 मिनट पर आया था. इसका केंद्र जमीन से करीब 13 किलोमीटर की गहराई में था.
चमोली में आए भूकंप के झटके उत्तराखंड के कई इलाकों में महसूस किए गए थे. देहरादून में भी धरती हिलने का एहसास होने के बाद लोग घरों से बाहर निकल आए थे. इसके अलावा दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे.
उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) ने भी चमोली में आए भूकंप की पुष्टि की थी. पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण उत्तराखंड भूकंप के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है. हालांकि, केवल बार-बार झटके महसूस होने से किसी बड़े भूकंप की आशंका की पुष्टि नहीं होती.
क्रिकेट इतिहास का सबसे दुर्लभ रिकॉर्ड, वीरेंद्र सहवाग और क्रिस गेल के इस क्लब में एंट्री को तरसते हैं बड़े-बड़े बल्लेबाज
क्रिकेट के मैदान पर जब भी विस्फोटक बल्लेबाजी और गेंदबाजों के मन में खौफ पैदा करने की बात आती है, तो दो नाम सबसे पहले जेहन में आते हैं वो नाम भारत के वीरेंद्र सहवाग और वेस्टइंडीज के क्रिस गेल के हैं. इन दोनों ही बल्लेबाजों ने खेल के तौर-तरीकों को पूरी तरह बदल कर रख दिया. क्रिकेट के इतिहास में इन दोनों के नाम एक ऐसा बेहद दुर्लभ और अनोखा रिकॉर्ड दर्ज है, जिसे छू पाना आज के दौर के बल्लेबाजों के लिए भी एक ख्वाब जैसा है. सहवाग और गेल दुनिया के ऐसे इकलौते बल्लेबाज हैं जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 2-2 तिहरे शतक और वनडे क्रिकेट में 1-1 दोहरा शतक जड़ा है.
वीरेंद्र सहवाग का टेस्ट और वनडे में वो ऐतिहासिक रिकॉर्ड
भारतीय टीम के सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने टेस्ट क्रिकेट को खेलने का अंदाज ही बदल दिया था. उन्होंने टेस्ट में एक नहीं बल्कि दो बार तिहरा शतक ठोक कर दुनिया को हैरान कर दिया. सहवाग ने अपना पहला तिहरा शतक (309 रन) साल 2004 में पाकिस्तान के खिलाफ मुल्तान में बनाया था, जिसके बाद उन्हें 'मुल्तान का सुल्तान' कहा जाने लगा. इसके बाद साल 2008 में उन्होंने साउथ अफ्रीका के खिलाफ चेन्नई में 319 रनों की रिकॉर्ड तोड़ पारी खेली.
टेस्ट में तबाही मचाने वाले वीरू वनडे क्रिकेट में भी पीछे नहीं रहे. उन्होंने साल 2011 में इंदौर के होल्कर स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ 219 रनों की तूफानी पारी खेलकर वनडे इतिहास का दूसरा दोहरा शतक जड़ा था.
क्रिस गेल का वो ऐतिहासिक और अनोखा ट्रिपल-डबल धमाका
वेस्टइंडीज के दिग्गज और 'यूनिवर्स बॉस' के नाम से फेमस क्रिस गेल भी सहवाग की ही तरह गेंदबाजों के लिए किसी काल से कम नहीं थे. गेल ने टेस्ट क्रिकेट में अपना पहला तिहरा शतक साल 2005 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ एंटिगा में (317 रन) बनाया था.इसके बाद साल 2010 में उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट में 333 रनों की ऐतिहासिक पारी खेलकर अपना दूसरा तिहरा शतक पूरा किया.
वनडे क्रिकेट की बात करें तो क्रिस गेल ने साल 2015 के वर्ल्ड कप में जिम्बाब्वे के खिलाफ कैनबरा के मैदान पर 215 रनों की विस्फोटक पारी खेली थी. इस दोहरे शतक के साथ ही वह सहवाग के इस बेहद खास एलीट क्लब में शामिल हो गए थे.
क्यों खास है सहवाग और गेल का यह 'स्पेशल क्लब'?
क्रिकेट के इतिहास में डॉन ब्रैडमैन और ब्रायन लारा जैसे दिग्गजों ने टेस्ट में 2 या उससे ज्यादा तिहरे शतक जरूर बनाए हैं, लेकिन वे कभी वनडे में दोहरा शतक नहीं लगा सके. वहीं दूसरी ओर, रोहित शर्मा ने वनडे में तीन दोहरे शतक लगाए हैं, लेकिन टेस्ट में उनके नाम कोई तिहरा शतक नहीं है. यही बात वीरेंद्र सहवाग और क्रिस गेल के इस रिकॉर्ड को सबसे जुदा और महान बनाती है, क्योंकि इन दोनों ने क्रिकेट के दो बिल्कुल अलग फॉर्मेट में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी का लोहा मनवाया है.
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