"चीनी बनना" एक चर्चित विषय बन गया है
बीजिंग, 7 फरवरी (आईएएनएस)। खबरों के अनुसार, चीनी जीवन को दर्शाने वाले वीडियो हाल ही में दुनिया भर के प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहे हैं और चीनी बनना ऑनलाइन एक ट्रेंडिंग टॉपिक बन गया है।
इस पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने 6 फरवरी को आयोजित नियमित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उन्हें यह देखकर खुशी हो रही है कि अधिक से अधिक विदेशी मित्र चीन के विकास और बदलावों को अनुभव करने और आम चीनी लोगों के दैनिक जीवन को देखने के लिए इच्छुक हैं और उन्हें यह अवसर मिल रहा है।
प्रवक्ता ने कहा कि दरअसल, कई विदेशी मित्रों के लिए, चीन का अनुभव करना और उसे समझना लंबे समय से ग्रेट वॉल, कुंग फू, पांडा और भोजन जैसे पारंपरिक प्रतीकों से कहीं अधिक व्यापक रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि इतिहास और आधुनिकता, परंपरा और फैशन का मिश्रण एक अनूठा और नया अनुभव प्रदान करता है, जो वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में चीन के आकर्षण को लगातार बढ़ाता है और विभिन्न देशों के लोगों की चीन के प्रति सद्भावना को बढ़ाता है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
--आईएएनएस
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US Vs Russia: America-रूस एटमी जंग से सिर्फ 30 मिनट दूर?
अमेरिका और रूस के बीच नया एटमी मोर्चा खुलने वाला है. आर्कटिक में जंग के हालात बनने वाले हैं. अमेरिका और रूस के बीच न्यू स्टार डील खत्म हो गई है. यूरोप के नाटो मुल्क कह रहे हैं कि आर्कटिक में रूस अपने न्यूक्लियर हथियारों का जखीरा बढ़ाने वाला है. क्या अमेरिका और रूस एटमी जंग सिर्फ 30 मिनट की दूरी पर है? क्या एटमी संधि का खात्मा डूम्स डे की शुरुआत है.
खतरा बेहद करीब आने वाला है
आर्कटिक में अमेरिकी वॉरशिप आर्कटिक में रूस का वॉश. यह दो तस्वीरें आर्कटिक समंदर की है. जहां अमेरिका और रूस के जंगी जहाज अक्सर एक दूसरे को धमकाते नजर आते हैं. लेकिन इस बार भिड़ंत का खतरा बेहद करीब आने वाला है. अमेरिका और रूस के बीच न्यू स्टार्ट संधि खत्म हो चुकी है.
परमाणु हथियार तैनात कर सकता है
समझौते के ना होने का मतलब है परमाणु हथियारों की संख्या पर कोई कानूनी रूप से बाध्यकारी बंधन नहीं है. अब एटमी हथियारों के इजाफे के लिए दोनों मुल्क आजाद हैं. संधि के द एंड ने यूरोप के अंदर खौफ की लहर दौड़ा दी है. नाटो को डर है कि रूस आर्कटिक में पहले से ज्यादा परमाणु हथियार तैनात कर सकता है. आर्कटिक में कोला आइलैंड पर रूस के परमाणु हथियारों का सबसे बड़ा जखीरा मौजूद है. रूस के नॉर्दन फ्लट की सबमरीन परमाणु हथियारों को इस आइलैंड तक लेकर आती है. रूस ने यहां पर एटमी हथियारों की तैनाती के लिए इस स्टॉक पाइल को तैयार कर रखा है.
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