यूएस-इंडिया ट्रेड डील से भारत का 2030 तक 250 बिलियन डॉलर का इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट का टारगेट बढ़ा
नई दिल्ली, 8 फरवरी (आईएएनएस)। भारत और अमेरिका के बीच हुई व्यापारिक समझौते को लेकर उद्योग जगत का अनुमान है कि अंतरिम ट्रेड डील का फ्रेमवर्क वित्त वर्ष 2025-26 में निर्यात को 120 अरब डॉलर के पार ले जाने के भारत के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को मजबूती प्रदान करेगा।
इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया (ईईपीसी) के अनुसार, टैरिफ में कमी की वजह से 2030 तक 250 बिलियन डॉलर के इंजीनियरिंग निर्यात के टारगेट की ओर भारत को मजबूती मिलेगी। काउंसिल ने एक बयान में कहा, “अमेरिका इंजीनियरिंग सामानों का सबसे बड़ा बाजार है। ईईपीसी दोनों देशों के बीच एक अंतरिम समझौते के लिए फ्रेमवर्क जारी होने का स्वागत करता है। यह फ्रेमवर्क ड्यूटी और ट्रेड बैरियर को कम करता है।”
इसमें आगे कहा गया कि प्रस्तावित समझौता स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देगा और इंजीनियरिंग स्पेस सहित भारतीय एक्सपोर्टर्स को दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में ज्यादा मार्केट एक्सेस देगा।
दोनों देशों के बीच हुए समझौते में इस बात को बिल्कुल साफ कर दिया गया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर जो 25 फीसदी का टैरिफ लगाया था, उसे घटाकर 18 फीसदी कर दिया है। इसके अलावा रूस से तेल खरीदने को लेकर जो शुल्क लगाए गए थे, उसे भी हटा लिया गया है। वहीं भारत को ऑटोमोटिव पार्ट्स के लिए एक प्रेफरेंशियल टैरिफ रेट कोटा भी मिलेगा।
इससे इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट सेक्टर को अमेरिकी बाजार में अपनी प्रतिस्पर्धा वापस पाने में मदद मिलेगी। ईईपीसी ने कहा कि एमएसएमई इंजीनियरिंग एक्सपोर्टर्स को अमेरिका के साथ ट्रेड डील से काफी फायदा होने की उम्मीद है। ईईपीसी इंडिया को उम्मीद है कि आगे चलकर अमेरिका द्वारा सेक्शन 232 के तहत स्टील, एल्युमीनियम, ऑटो और ऑटो कंपोनेंट्स पर लगाई गई ड्यूटी भी कम हो जाएंगी।
इसमें कहा गया, “अमेरिका के साथ गहरी व्यापारिक साझेदारी दोनों पक्षों के लिए अच्छी है। एक बार जब अंतरिम डील साइन हो जाती है और एक बड़ा एग्रीमेंट हो जाता है, तो इंडियन इंजीनियरिंग सेक्टर में एक्सपोर्ट ग्रोथ बहुत ज्यादा बढ़ सकती है। यह 2030 तक 250 बिलियन डॉलर के इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट टारगेट को पाने में अहम योगदान देगा।”
इसके अलावा, अमेरिका-भारत संयुक्त बयान ने भारतीय इंजीनियरिंग क्षेत्र में आत्मविश्वास को बढ़ाया है। इस व्यापार समझौते से न केवल इंजीनियरिंग एक्सपोर्टर्स को कई पुराने खरीदार वापस पाने में मदद मिलेगी बल्कि नए कस्टमर भी मिलेंगे, जिससे आने वाले महीनों में एक्सपोर्ट ग्रोथ मजबूत होगी।
--आईएएनएस
केके/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
क्या है डायबिटीज में दूध और दही खाने का सही तरीका? जानें क्या कहता है आयुर्वेद
नई दिल्ली, 8 फरवरी (आईएएनएस)। आज की जीवनशैली में डायबिटीज की समस्या हर उम्र के लोगों में देखने को मिल रही है। बच्चे डायबिटीज के साथ जन्म भी ले रहे हैं, और यह आने वाली पीढ़ी और देश के लिए खतरे की घंटी है।
सरकार लगातार डायबिटीज की रोकथाम के लिए प्रोग्राम चलाती है और जागरुकता अभियान भी चला रही है, लेकिन आज भी डायबिटीज से पीड़ित मरीजों को ये नहीं पता है कि उनके लिए उचित आहार क्या है। आज हम जानेंगे कि डायबिटीज से पीड़ित लोगों को दूध और दही कितनी मात्रा में लेना चाहिए।
डायबिटीज के मरीज दूध और दही ले सकते हैं, लेकिन सही मात्रा, सही समय और सही प्रकार का चुनाव बहुत ज़रूरी है। दूध और दही दोनों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, इसलिए ये ब्लड शुगर को तेजी से नहीं बढ़ाते। लेकिन साथ ही ये भी ध्यान रखना जरूरी है कि किस समय और कितनी मात्रा जरूरी है। दूध और दही दोनों ही डायबिटीज के मरीजों के लिए लाभकारी हैं क्योंकि ये रक्त में शर्करा की मात्रा को नियंत्रित करने में मदद करते हैं और इनमें भरपूर मात्रा में कैल्शियम और प्रोटीन होता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं, पेट के अच्छे बैक्टीरिया को सपोर्ट करते हैं, और भूख नियंत्रित करने में मददगार हैं।
अब जानते हैं सेवन का सही तरीका। पहले बात करते हैं दूध की। एक कप दूध और दही का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 30-40 के बीच होता है, जो मधुमेह से पीड़ित मरीजों के लिए सही है। डायबिटीज के मरीज को 1 दिन में 500 ग्राम पीना चाहिए लेकिन अलग-अलग हिस्सों में तोड़कर। फुल फैट दूध से परहेज करें और लो-फैट दूध का सेवन करें, साथ ही दूध में किसी तरह का मीठा पदार्थ शामिल न करें। अगर थोड़ा मीठा खाने का मन है तो दूध के साथ प्राकृतिक तरीके से पकी हुई खजूर ले सकते हैं। दूध का सेवन सुबह और रात के समय किया जा सकता है।
वहीं दही का सेवन आयुर्वेद के अनुसार दिन के समय करना चाहिए। दही में भी किसी तरह का मीठा न डालें, बल्कि उसमें भुना हुआ जीरा और काला नमक डालकर सेवन करें। एक बार में एक कटोरी दही का सेवन किया जा सकता है।
--आईएएनएस
पीएस/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation























