'भुवी का चयन मुझे चिंतित...', मोहम्मद शमी ने भुवनेश्वर कुमार की टीम इंडिया में वापसी को लेकर कह दी ये बड़ी बात
Mohammed Shami on Bhuvneshwar Kumar: भारतीय टीम के स्टार तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की लंबे समय बाद इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी हुई है. उन्हें 4 साल बाद टीम इंडिया में चुना गया है. अब भुवी के चयन पर उनके साथी खिलाड़ी मोहम्मद शमी का बड़ा बयान सामने आया है. लंबे समय से चोट और टीम से अंदर-बाहर होने के दौर से गुजर रहे शमी ने साफ किया है कि वह किसी अन्य खिलाड़ी के चयन से चिंतित नहीं हैं और उनका पूरा ध्यान इस समय घरेलू क्रिकेट पर है.
भुवनेश्वर का चयन मेरे लिए चिंता का विषय नहीं - मोहम्मद शमी
हाल में मोहम्मद शमी से जब अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की टीम इंडिया में वापसी को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बेहद प्रोफेशनल और बेबाक अंदाज में जवाब दिया. शमी ने कहा, "भुवनेश्वर कुमार को भारत के लिए खेलने का मौका मिला और यह उनके लिए अच्छा है. लेकिन उनका चयन मुझे चिंतित नहीं करता. " शमी के इस बयान से साफ है कि वह टीम में किसी भी तरह की प्रतिस्पर्धा से घबराने के बजाय केवल अपने खेल पर ध्यान दे रहे हैं.
Mohammed Shami said, “Bhuvneshwar Kumar got the chance to play for India, and that’s good for him. But his selection doesn’t concern me. Wherever I get the chance to play, I will give my best. Right now, my focus is firmly on this Ranji match. If I don’t get the chance to play… pic.twitter.com/SxsgadshWo
— Mufaddal Vohra (@mufaddal_vohra) October 10, 2026
रणजी ट्रॉफी पर टिका है पूरा ध्यान
टीम इंडिया में वापसी की राह तलाश रहे शमी इस समय घरेलू क्रिकेट में पसीना बहा रहे हैं. अपनी मौजूदा प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा, "मुझे जहां भी खेलने का मौका मिलेगा, मैं अपना सर्वश्रेष्ठ दूंगा. अभी, मेरा फोकस पूरी तरह से इस रणजी मैच पर है." क्रिकेट एक्सपर्ट का मानना है कि रणजी ट्रॉफी में अच्छा प्रदर्शन करके ही शमी चयनकर्ताओं का ध्यान एक बार फिर अपनी ओर खींचना चाहते हैं.
दोबारा मौका नहीं मिला, तो मेरा नुकसान नहीं"
इंटरव्यू के दौरान शमी का एक बेहद आक्रामक और आत्मविश्वास से भरा रूप तब देखने को मिला जब उन्होंने अपने इंटरनेशनल करियर के भविष्य पर बात की. उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, "अगर मुझे दोबारा भारत के लिए खेलने का मौका नहीं मिलता है, तो इसमें मेरा कोई नुकसान नहीं है." शमी का यह बयान दर्शाता है कि उन्होंने देश के लिए जो कुछ भी हासिल किया है, उन्हें उस पर गर्व है और वह भविष्य को लेकर किसी दबाव में नहीं हैं.
वापसी की राह देख रहे हैं फैंस
मोहम्मद शमी लंबे समय से भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण के सबसे मजबूत और भरोसेमंद स्तंभों में से एक रहे हैं. करोड़ों क्रिकेट फैंस को यह पूरी उम्मीद है कि रणजी ट्रॉफी के जरिए अपनी पुरानी लय और फिटनेस हासिल करने के बाद, वह जल्द ही एक बार फिर टीम इंडिया की नीली जर्सी में खेलते हुए नजर आएंगे. हालांकि, शमी के इस बयान ने यह पूरी तरह साफ कर दिया है कि वह वापसी के मानसिक दबाव या चयनकर्ताओं के फैसलों की चिंता छोड़कर, इस समय सिर्फ और सिर्फ अपनी गेंदबाजी को और अधिक धारदार बनाने में जुटे हैं. वे किसी प्रतिस्पर्धा में पड़ने के बजाय खुद को साबित करने और खेल का आनंद लेने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं.
यह भी पढ़ें: विराट कोहली को पीछे छोड़कर तिलक वर्मा बने फास्टेस्ट 5000 T20 रन बनाने वाले 5वें बल्लेबाज, जानिए टॉप पर कौन है काबिज
‘पिल्लै को कौन जानता है?’, भारतवंशी को नोबेल शांति पुरस्कार मिलने पर बिफरे डोनाल्ड ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नोबेल शांति पुरस्कार एक बार फिर से नाराजगी जताई है. उन्होंने शुक्रवार को कहा कि यह पुरस्कार उनको न देकर नॉर्वे ने अपने ऊपर ऐसा दाग लगा लिया है, जो कभी नहीं मिट पाएगा. ट्रंप ने नोबेल पुरस्कार कमेटी के फैसले को शर्मनाक और अपमानजनक बताया. उन्होंने कहा कि मैंने 8 युद्ध रोके हैं, जिस वजह से मुझे 8 बार नोबेल पुरस्कार मिलने चाहिए. बता दें, नोबेल कमेटी ने इस बार शांति पुरस्कार दक्षिण अफ्रीका की पूर्व UN मानवाधिकार प्रमुख नवी पिल्लै को दिया गया है.
पिल्लै के बारे में ट्रंप ने कहा कि उनको कोई नहीं जानता है. ट्रंप ने कहा कि एक लिबरल को नोबेल पुरस्कार दिया गया है, जो संयुक्त राष्ट्र में काम करती है, जिनके बारे में किसी ने सुना नहीं है.
‘भारत-पाकिस्तान युद्ध रोका, 5 करोड़ लोगों की जान बचाई’
हर बार की तरह ही ट्रंप ने एक बार फिर से दावा कर दिया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रुकवाया था. उन्होंने कहा कि परमाणु हथियार रखने वाले दोनों देेशों को युद्ध से रोककर उन्होंने 5 करोड़ लोगों की जान बचाई. ट्रंप ने कहा कि वह ईरान और रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने की दिशा में काम कर रहे हैं. उनके अनुसार, अमेरिका को नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए था. हालांकि, ऐसा हुआ नहीं. अमेरिका नॉर्वे को कभी नहीं भूलेगा.
ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने ईरान को परमाणु हथियार करने से रोका. अगर ऐसा नहीं होता तो पूरे मिडिल ईस्ट के साथ यूरोप-अमेरिका तक तबाही फैल सकती थी. उन्होंने कहा कि मैंने इतिहास में किसी भी दूसरे व्यक्ति से ज्यादा लोगों की जान बचाई है.
2018 से नोबेल प्राइज मांग रहे ट्रम्प
ट्रंप के लिए नोबेल प्राइज मांगना कोई नई बात नहीं है. अक्टूबर 2018 में एक कार्यक्रम में ट्रंप ने नोबेल शांति पुरस्कार का जिक्र करते हुए कहा था कि उनको शायद पुरस्कार नहीं मिलेगा.भले ही कोरिया और सीरिया में शांति कायम करने की कोशिश कर रहे हैं. इसके बाद फरवरी 2019 में उन्होंने खुलकर अपनी दावेदारी रखी. उन्होंने कहा कि जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने उनको नोबेल के लिए नामित किया है लेकिन मुझे नहीं लगता कि मैं इसे कभी जीत पाऊंगा.
ओबामा से की खुद की तुलना
2019 में एक पाकिस्तानी पत्रकार के सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा कि उनको लगता है कि उन्हें कई चीजों के लिए नोबेल मिलेगा, अगर पुरस्कार निष्पक्ष तरीके से दिया जाए. 2020 के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान भी ट्रंप ने नोबेल पुरस्कार का मुद्दा उठाया था. उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा से अपनी तुलना करते हुए कहा था कि अगर ओबामा यह पुरस्कार मिल सकता है तो उनको भी मिलना चाहिए.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation







