'जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करें, समाज को दें योगदान': युवाओं से स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की अपील
नई दिल्ली, 7 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने शनिवार को युवाओं से जिम्मेदारी से काम करने और समाज के लिए कुछ करने की अपील की।
मानव रचना एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (एमआरईआई) के 2025-26 दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि यह सिर्फ एक एकेडमिक सफर का अंत नहीं है। यह देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी के एक नए दौर की शुरुआत है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पास होने वाले छात्र खुशकिस्मत हैं कि वे अमृत काल के दूसरे चरण में अपनी प्रोफेशनल जिंदगी शुरू कर रहे हैं, जो 2047 तक चलेगा, जब भारत एक पूरी तरह से विकसित देश बनने की ख्वाहिश रखता है।
नड्डा ने कहा कि यह दौर बहुत सारे मौके और उतनी ही बड़ी जिम्मेदारियां लेकर आया है; युवाओं को देश के विकास में सही तरीके से योगदान देना चाहिए। हमेशा यह भावना रखें कि समाज ने उनकी सफलता में मदद की है और बदले में उन्हें निस्वार्थ भाव से और सही तरीके से समाज की सेवा करके वापस देना चाहिए।
उन्होंने छात्रों से मजबूत मूल्यों, नैतिक व्यवहार और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ने का भी आग्रह किया। इस दौरान उन्होंने पिछले 11 सालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में हासिल की गई बदलाव लाने वाली प्रगति पर भी जोर दिया।
जेपी नड्डा ने कहा कि पहले के सिर्फ छह एम्स थे, अब 23 स्थापित किए गए हैं, जिससे पूरे देश में अत्याधुनिक हेल्थकेयर संस्थानों का एक मजबूत नेटवर्क बना है। उन्होंने आगे कहा कि भारत ने हेल्थकेयर इंडिकेटर्स में, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से लेकर संक्रामक और गैर-संक्रामक बीमारियों तक, खासकर टीबी और मलेरिया के मामलों और मौतों में उल्लेखनीय प्रगति की है।
मंत्री ने आयुष्मान भारत, आयुष्मान आरोग्य मंदिर और बड़े पैमाने पर जनसंख्या स्क्रीनिंग कार्यक्रमों जैसी पहलों के साथ, हेल्थकेयर पर जेब से होने वाले खर्च में भी काफी कमी आने पर जोर दिया, जिससे हेल्थकेयर ज्यादा सुलभ और किफायती हो गया है।
दीक्षांत समारोह के दौरान इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, कानून, शिक्षा, विज्ञान और हेल्थकेयर सहित विभिन्न विषयों के कुल 2,150 छात्रों को डिग्रियां प्रदान की गईं। इसमें 521 अंडरग्रेजुएट छात्र, 58 पोस्टग्रेजुएट छात्र और 11 डॉक्टरेट स्कॉलर शामिल थे, जो पास होने वाले छात्रों के समूह के लिए एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक उपलब्धि है।
--आईएएनएस
पीएसके
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अमेरिका के इन प्रोडक्ट्स के लिए भारतीय बाजार बंद, कृषि और डेयरी समेत ये उत्पाद शामिल, देखें लिस्ट
नई दिल्ली, 7 फरवरी (आईएएनएस)। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की विस्तार से जानकारी सामने आ गई है। दोनों देशों के बीच समझौते के ऐलान के बाद से ही विपक्षी पार्टी कांग्रेस की तरफ से माहौल बनाया जा रहा था कि इस डील में किसानों के हितों की बलि चढ़ाई जा रही है। हालांकि, अब इससे पर्दा उठ चुका है कि भारतीय डेयरी और फार्मिंग सेक्टर पर इस डील का क्या असर होगा।
इस अंतरिम समझौते से भारत के कपड़ा, चमड़ा, फुटवियर, हस्तशिल्प, प्लास्टिक, रबर और होम डेकोर जैसे क्षेत्रों को काफी लाभ मिलेगा। पहले अमेरिकी सरकार ने जो 25 फीसदी की टैरिफ लगाई थी, उसे अब 18 फीसदी पर तय किया है। इसके अलावा जो अतिरिक्त 25 फीसदी शुल्क लगा था, वह भी खत्म कर दिया गया है। भारत-अमेरिका ने भारत पर लगाए गए कुल 50 फीसदी टैरिफ को 18 फीसदी पर लाकर डील डन किया है। ऐसे में इन क्षेत्रों में 18 फीसदी टैरिफ पर निर्यात बढ़ने से भारत में विशेषकर महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।
कांग्रेस पार्टी की तरफ से जिस तरह का माहौल बनाया जा रहा था कि किसानों को इस समझौते की वजह से नुकसान होगा। इस पर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने पूर्ण विराम लगा दिया है।
केंद्रीय मंत्री की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, चावल, गेहूं, मक्का, सोयाबीन, दूध, पनीर, पोल्ट्री और एथेनॉल जैसे उत्पादों को प्रोटेक्टेड लिस्ट में रखा गया है। भाजपा नेताओं ने भी सामानों की पूरी लिस्ट जारी की है, जिसमें बताया गया है कि भारत के किन-किन क्षेत्रों को अमेरिकी बाजार से पूरी तरह से सुरक्षित रखा गया है।
डेयरी सेक्टर पर कोई बाजार खुलापन नहीं है। इससे करोड़ों छोटे डेयरी किसानों और सहकारी मॉडल को मजबूत संरक्षण मिला है। इस समझौते से भारतीय निर्यातकों, विशेष रूप से एमएसएमई, किसानों और मछुआरों के लिए 3,00,000 अरब अमेरिकी डॉलर का बड़ा बाजार खुलेगा।
अमेरिका के गेंहू, कोपरा, स्यामक, कोदो, बाजरा, कांगनी, ओट्स, मैदा, चना, काबुली चना, रागी, अमरंथ, मक्का, चावल, जौ, ज्वार, छिल्का रहित अनाज और आटा (गेंहू, मक्का, चावल, बाजरा आदि), आलू, प्याज, मटर, बीन्स, खीर, मशरूम, दलहनी सब्जियां, फ्रोजन सब्जियां, संतरे, अंगूर, नींबू, स्ट्रॉबेरी, जैसे अमेरिकी कृषि उत्पाद को भारतीय बाजार में एंट्री नहीं दी जाएगी। इसके अलावा, मिक्स डिब्बाबंद सब्जियां भी भारतीय बाजार में नहीं आएंगी।
इसके साथ ही डेयरी प्रोडक्ट्स में लिक्विड, पाउडर और कंडेस्ड दूध, क्रीम, योगर्ट, बटर मिल्क, मक्खन, घी, बटर ऑयल, पनीर, व्हे प्रोडक्ट्स और चीज को भी भारतीय बाजार में एंट्री नहीं मिलेगी।
डेयरी और कृषि प्रोडक्ट्स के अलावा कुछ मसालों को भी भारतीय बाजार में जगह नहीं दी जाएगी। इनमें काली मिर्च, लौंग, सूखी हरी मिर्च, दालचीनी, धनिया, जीरा, हींग, अदरक, हल्दी, अजवायन, मेथी, चक्रमर्द, कैसिया, सरसों, राई, भूसी और अन्य पाउडर मसाले शामिल हैं। विमान पार्ट्स पर अमेरिकी सेक्शन 232 के तहत छूट मिलेगी।
वहीं, जेनेरिक दवाओं, रत्न, हीरे, और विमान के पुर्जे समेत कई वस्तुओं पर अमेरिका आगे चलकर टैरिफ कम करेगा या फिर पूरी तरह से हटा देगा।
--आईएएनएस
केके/एबीएम
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