पेशावर का था इस्लामाबाद धमाके का आरोपी, अफगानिस्तान में मिली थी ट्रेनिंग: अधिकारी
इस्लामाबाद, 7 फरवरी (आईएएनएस)। पाकिस्तान के इस्लामाबाद में नमाज के वक्त हुए धमाके में कई लोगों की जान चली गई और सैकड़ों लोग घायल हुए। स्थानीय मीडिया के अनुसार, इमामबाड़ा खदीजा अल-कुबरा में हुए खतरनाक आत्मघाती बम धमाके के पीछे की घटनाओं का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। अधिकारियों ने संदिग्ध हमलावर की पहचान पेशावर के रहने वाले के तौर पर की है।
अधिकारियों का कहना है कि संदिग्ध ने कथित तौर पर अफगानिस्तान में आतंकवाद का प्रशिक्षण लिया था। पाकिस्तानी मीडिया द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने जांच से जुड़े सूत्रों के हवाले से जानकारी दी है कि हमलावर की पहचान यासिर खान यासिर के तौर पर हुई है। वह पाकिस्तान लौटने से पहले करीब पांच महीने तक अफगानिस्तान में रहा था।
जांच अधिकारी संदिग्ध और इस्लामिक स्टेट खोरासान प्रोविंस (आईएसकेपी) के बीच संभावित कनेक्शन की भी जांच कर रहे हैं। हालांकि, अधिकारियों ने जोर देकर कहा है कि जांच अभी शुरुआती दौर में है और कोई आखिरी नतीजा नहीं निकला है।
पाकिस्तानी मीडिया ने सूत्रों के हवाले से बताया कि यासिर खान, जो कथित तौर पर सलाफी विचारधारा से प्रभावित था, माना जाता है कि उसने बॉर्डर पार रहने के दौरान मिलिटेंट ट्रेनिंग ली थी।
सूत्रों ने द एक्सप्रेस ट्रिब्यून को बताया, उसने अफगानिस्तान के उत्तर-पूर्वी कुनार प्रांत में मंसूर इस्तशहादी ट्रेनिंग सेंटर में ट्रेनिंग ली थी और कई बार देश की यात्रा की थी।
अधिकारियों ने कहा कि वे उस बड़े नेटवर्क का पता लगाने के लिए काम कर रहे हैं जिसने हमले में मदद की हो। इसमें संभावित हैंडलर, लॉजिस्टिक सपोर्टर और किसी भी घरेलू या बॉर्डर पार लिंक की पहचान करना शामिल है जिसने ऑपरेशन को अंजाम दिया।
पाकिस्तान के गृह राज्य मंत्री तलाल चौधरी ने भी पुष्टि की है कि सुसाइड बॉम्बर की पहचान हो गई है। यह जानकारी उसके शरीर के बचे हुए हिस्सों के फोरेंसिक विश्लेषण से मिली है।
उन्होंने कहा, वह अफगान नागरिक नहीं है, लेकिन उसके शरीर के बाकी हिस्सों की फोरेंसिक जांच से यह जानकारी मिली है कि वह कितनी बार अफगानिस्तान गया था।
पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक इस्लामाबाद के तरलाई कलां इलाके में खदीजा तुल कुबरा मस्जिद में हुए धमाके में शुक्रवार की नमाज के दौरान कम से कम 31 लोगों की मौत हो गई और 169 अन्य घायल हो गए।
चश्मदीदों ने बताया कि धमाके से कुछ देर पहले गोलियों की आवाज सुनी गई थी, जिसके बाद सुसाइड बॉम्बर ने मस्जिद में जमा हुए नमाजियों की भीड़ के बीच खुद को उड़ा दिया।
राजधानी भर के अस्पतालों ने इमरजेंसी प्रोटोकॉल घोषित कर दिए हैं और बचाव दल घायलों को मेडिकल सुविधाओं में ले जा रहे हैं, जिनमें से कई पीड़ितों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
पाकिस्तान ने हमले के लिए बाहरी ताकतों पर उंगली उठाने में देर नहीं लगाई, लेकिन पाकिस्तान के मासूम लोगों को बार-बार अपने देश में पैदा हुए आतंकवाद का बोझ उठाना पड़ा है।
इस हमले की अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने कड़ी आलोचना की है और कई लोगों ने इस घटना की पूरी जांच की मांग की। डिप्लोमैटिक सूत्रों ने बताया कि हालांकि इस स्थिति से तुरंत तनाव नहीं बढ़ा है, लेकिन यह साउथ एशिया में नाजुक सुरक्षा माहौल को दिखाता है।
भारत ने भी इस्लामाबाद में शिया मस्जिद में हुए आत्मघाती हमले की कड़ी निंदा की और पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। इसके साथ ही भारत ने पाकिस्तान के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए उन्हें अपनी अंदरूनी चुनौतियों से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया।
--आईएएनएस
केके/एएस
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
भारत-अमेरिका ट्रेड डील से दोनों देशों के निर्यातकों के लिए बढ़ेंगे अवसर : इंडस्ट्री
नई दिल्ली,7 फरवरी (आईएएनएस)। भारत-अमेरिका ट्रेड डील का अंतरिम ढांचा सामने आ चुका है। इससे दोनों देशों के निर्यातकों को बड़ा बाजार मिलेगा और अवसर बढ़ेंगे। यह जानकारी इंडस्ट्री से जुड़े लोगों की ओर से शनिवार को दी गई।
इस अंतरिम ढांचे के तहत अमेरिका ने भारतीय निर्यात पर टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। इससे देश के टेक्सटाइल, लेदर और इंजीनियरिंग गुड्स इंडस्ट्री को फायदा होगा।
पीएचडीसीसीआई के अध्यक्ष राजीव जुनेजा ने कहा, दोतरफा व्यापार को बढ़ावा देने और एक व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) की नींव रखने के लिए चल रही बातचीत में इस ढांचे पर सहमति बनी।
अंतरिम समझौते की शर्तों के तहत, अमेरिका भारतीय मूल के सामानों पर 18 प्रतिशत की टैरिफ दर लागू करेगा, जिनमें वस्त्र, परिधान, चमड़ा और जूते, प्लास्टिक और रबर, जैविक रसायन, घरेलू सजावट का सामान, हस्तशिल्प उत्पाद और कुछ मशीनरी शामिल हैं।
जुनेजा ने कहा कि अंतरिम समझौते के सफल कार्यान्वयन और अंतिम रूप दिए जाने पर, विशिष्ट भारतीय निर्यात श्रेणियों - विशेष रूप से जेनेरिक दवाएं, रत्न और हीरे, और विमान के पुर्जे - पर टैरिफ हटाए जाने की संभावना है।
अमेरिका इस्पात, एल्युमीनियम और तांबा संबंधी उपायों के तहत भारतीय विमानों और विमान पुर्जों पर पहले से लागू राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी कुछ शुल्कों को भी हटाएगा।
शुल्क में कमी से भारतीय जेनेरिक दवा निर्माताओं के लिए अमेरिकी बाजार तक पहुंच में सुधार होगा। रत्न और आभूषण क्षेत्र से भारत के कटिंग और पॉलिशिंग उद्योग के निर्यात को समर्थन मिलने की उम्मीद है, जिससे लाभ और निर्यात मात्रा में वृद्धि होगी।
विमान और विमान पुर्जों पर टैरिफ हटाने से भारत के उभरते एयरोस्पेस विनिर्माण, रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल (एमआरओ) और घटक आपूर्ति तंत्र को लाभ होगा।
पीएचडीसीसीआई ने कहा, कम पारस्परिक टैरिफ दर लागू होने से अमेरिकी बाजार में भारतीय कपड़ा और परिधान निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी, विशेषकर श्रम-प्रधान क्षेत्रों में।
व्यापारिक बाधाओं में कमी से औद्योगिक मशीनरी, ऑटो घटकों और धातु उत्पादों के निर्यात को समर्थन मिलेगा, और कार्बनिक रसायन, प्लास्टिक और रबर उत्पादों को बेहतर मूल्य प्रतिस्पर्धा और विस्तारित बाजार पहुंच से लाभ होगा।
बेहतर टैरिफ व्यवस्था और अमेरिकी उपभोक्ता बाजार तक स्थिर पहुंच से हस्तशिल्प उत्पादों, घरेलू सजावट और जीवनशैली से जुड़ी वस्तुओं को लाभ मिलने की उम्मीद है।
पीएचडीसीसीआई के सीईओ और महासचिव डॉ. रंजीत मेहता ने कहा, यह अंतरिम टैरिफ समझौता अमेरिका-भारत व्यापार संबंधों में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे दोनों देशों के निर्यातकों के लिए बाजार पहुंच का विस्तार होने की संभावना है और एक स्थिर एवं व्यापक व्यापार ढांचा उपलब्ध होगा।
--आईएएनएस
एबीएस/
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