क्या भारत-US ट्रेड डील से भारतीय किसानों को नुकसान? एक्सपर्ट ने बताई असली सच्चाई
हाल ही में हुई भारत-यूएस ट्रेड डील में कृषि क्षेत्र पर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है. विपक्ष का आरोप है कि यह डील किसानों के खिलाफ हो सकती है, लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं होगा.डेप्युटी एग्जिक्यटिव एडिटर लक्ष्मण राय ने सारे भ्रम दूर कर दिये. जॉइंट स्टेटमेंट में बताया गया है कि भारत किन अमेरिकी उत्पादों पर ड्यूटी घटाएगा. इसमें ग्रेन (जैसे एथेनॉल के लिए मक्का से बनने वाला बायो प्रॉडक्ट) और रेड सुरगम (पशुओं के चारे के लिए लाल ज्वार) शामिल हैं. लेकिन मक्का, गेहूं, चावल और आटे को डील से बाहर रखा गया है. डेरी प्रॉडक्ट्स, जैसे चीज़ और मोज़रेला, पर भी अमेरिकी दबाव था, लेकिन उन्हें शामिल नहीं किया गया. कृषि में शामिल अन्य प्रोडक्ट्स में सोयाबीन और एप्पल (फ्रेश और प्रोसेस्ड) हैं. इसके अलावा, रूस से तेल की खरीद पर लगी 25% ड्यूटी को हटा दिया गया है. डिजिटल सेक्टर और एआई इंडस्ट्री के लिए भी ड्यूटी में रियायत दी जाएगी. जॉइंट स्टेटमेंट में आगे कहा गया है कि समय के साथ और उत्पादों पर ड्यूटी घटाने पर विचार किया जाएगा.
Bihar Politics : टोपी उतरवाना, टीका लगाना, नीतीश कुमार की एक सलाह को सिद्दीकी ने सियासत की हवा दे दी
Bihar Politics Nitish Kumar Topi Controversy: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ऐसा ही एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल है, जिसमें वह विधान परिषद में राजद नेता और एमएलसी अब्दुल बारी सिद्दीकी से टोपी हटाने को कहते नजर आ रहे हैं. वीडियो सामने आते ही सियासी हलकों में हलचल मच गई और यह प्रकरण इन दिनों बिहार का सियासी तापमान बढ़ाए हुए है. बस इतना सा दृश्य है, मगर बिहार की राजनीति में सवालों की बौछार है. साथ ही सवाल यह कि- क्या यह सदन की मर्यादा का मामला है या फिर नीतीश कुमार की बदली हुई राजनीति का संकेत? टोपी, तिलक और सत्ता के रिश्ते को समझे बिना इस विवाद की असली तस्वीर सामने नहीं आती.
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