India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? समझें भारत ने कैसे मार ली बाजी
India US Trade Deal Details: कृषि और डेयरी जैसे सेक्टर महज व्यापारिक क्षेत्र नहीं, बल्कि भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं. ये क्षेत्र देश के करोड़ों छोटे और सीमांत किसानों की आजीविका से सीधे जुड़े हुए हैं. ऐसे में इन क्षेत्रों को बिना सुरक्षा के वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए खोलना किसानों के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता था.
क्या भारत-US ट्रेड डील से भारतीय किसानों को नुकसान? एक्सपर्ट ने बताई असली सच्चाई
हाल ही में हुई भारत-यूएस ट्रेड डील में कृषि क्षेत्र पर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है. विपक्ष का आरोप है कि यह डील किसानों के खिलाफ हो सकती है, लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं होगा.डेप्युटी एग्जिक्यटिव एडिटर लक्ष्मण राय ने सारे भ्रम दूर कर दिये. जॉइंट स्टेटमेंट में बताया गया है कि भारत किन अमेरिकी उत्पादों पर ड्यूटी घटाएगा. इसमें ग्रेन (जैसे एथेनॉल के लिए मक्का से बनने वाला बायो प्रॉडक्ट) और रेड सुरगम (पशुओं के चारे के लिए लाल ज्वार) शामिल हैं. लेकिन मक्का, गेहूं, चावल और आटे को डील से बाहर रखा गया है. डेरी प्रॉडक्ट्स, जैसे चीज़ और मोज़रेला, पर भी अमेरिकी दबाव था, लेकिन उन्हें शामिल नहीं किया गया. कृषि में शामिल अन्य प्रोडक्ट्स में सोयाबीन और एप्पल (फ्रेश और प्रोसेस्ड) हैं. इसके अलावा, रूस से तेल की खरीद पर लगी 25% ड्यूटी को हटा दिया गया है. डिजिटल सेक्टर और एआई इंडस्ट्री के लिए भी ड्यूटी में रियायत दी जाएगी. जॉइंट स्टेटमेंट में आगे कहा गया है कि समय के साथ और उत्पादों पर ड्यूटी घटाने पर विचार किया जाएगा.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News18





















