एनएसओ ने सरकारी आंकडों को एआई के लिए तैयार करने के उद्देश्य से एमसीपी सर्वर शुरू किया
नई दिल्ली, 6 फरवरी (आईएएनएस)। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) के अंतर्गत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने शुक्रवार को आधिकारिक सांख्यिकी के लिए राष्ट्रीय पोर्टल ईसांख्यिकी पोर्टल के लिए अपने मॉडल कॉन्टेक्स्ट प्रोटोकॉल (एमसीपी) सर्वर का बीटा वर्जन शुरू किया। एमसीपी एक ऐसी टेक्नोलॉजी है जो उपयोगकर्ता को अपने एआई टूल्स और एप्लिकेशन के जरिए सीधे डेटासेट से जोड़ने करने की सुविधा देती है।
मंत्रालय ने कहा कि यह शुरूआत नागरिकों, शोधकर्ताओं और व्यवसायों के लिए आधिकारिक सांख्यिकी को अधिक सुलभ बनाने के एनएसओ के चल रहे प्रयासों का हिस्सा है। बीटा वर्जन में अब सात डेटा उत्पाद शामिल हैं, जिनमें आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक, उद्योगों का वार्षिक सर्वेक्षण, औद्योगिक उत्पादन सूचकांक, राष्ट्रीय लेखा सांख्यिकी, थोक मूल्य सूचकांक और पर्यावरण सांख्यिकी शामिल हैं, और आने वाले महीनों में और डेटासेट जोड़े जाएंगे।
एमसीपी सर्वर उपयोगकर्ताओं को बड़ी फाइलें डाउनलोड किए बिना सीधे डेटासेट से पूछताछ करने, आधिकारिक सांख्यिकी को अपने विश्लेषण टूल में एकीकृत करने, मौजूदा सांख्यिकी का उपयोग करके रिपोर्ट को स्वचालित करने और एक ही कनेक्शन के माध्यम से कई डेटासेट तक पहुंचने की सुविधा देता है। इसका मतलब है कि डेटा एक्सेस पर कम समय और वास्तविक विश्लेषण और निर्णय लेने पर अधिक समय लगेगा।
मंत्रालय ने आगे कहा कि एमसीपी सर्वर विकसित भारत के लिए जरूरी डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की दिशा में एक कदम है। इस पहल का मकसद सरकार के सभी स्तर पर डेटा-आधारित पॉलिसी बनाने को मजबूत करना और नागरिकों को बेहतर जानकारी देकर विकास में हिस्सा लेने में सक्षम बनाना है।
15-20 फरवरी, 2026 को होने वाले एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन से पहले यह शुरूआत एनएसओ इंडिया की तरफ से एआई जैसी उभरती टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके डेटा इकोसिस्टम में असली असर डालने की एजेंसी को दिखाता है। यह पहल एमओएसपीआई के सेक्रेटरी डॉ. सौरभ गर्ग की अध्यक्षता वाले वर्किंग ग्रुप 6 ऑन डेमोक्रेटाइजिंग एआई के उद्देश्यों के साथ मेल खाती है। एमसीपी सर्वर की शुरूआत आधिकारिक आंकड़ों को सुलभ और टेक्नोलॉजी-अज्ञेयवादी बनाने के वादे को पूरा करने की प्रतिबद्धता को दिखाता है। उपयोगकर्ता और आधिकारिक आंकड़ों के बीच की बाधाओं को हटाकर, एमसीपी सर्वर आंकड़ा उपयोगकर्ता को अपना काम तेज़ी से पूरा करने में मदद करेगा, व्यवसायों को सोच-समझकर फैसले लेने देगा, और पॉलिसी बनाने वालों को उन नंबरों तक तुरंत पहुंच देगा जिनकी उन्हें जरूरत है। सरकारी डेटा अब उन एआई टूल्स में फिट होगा जिनका लोग पहले से इस्तेमाल करते हैं।
मंत्रालय ने कहा कि मौजूदा रिलीज में आर्थिक और सामाजिक संकेतकों को कवर करने वाले सात डेटासेट शामिल हैं। ईसांख्यिकी पोर्टल से अतिरिक्त प्रोडक्ट्स को यूजर फीडबैक और तकनीकी तैयारी के आधार पर धीरे-धीरे जोड़ा जाएगा। उपयोगकर्ता मंत्रालय की वेबसाइट के जरिए एमसीपी सर्वर तक पहुंच सकते हैं। तकनीकी डॉक्यूमेंटेशन और सपोर्ट ऑनलाइन उपलब्ध हैं।
--आईएएनएस
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