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गुजरात के कच्छ में भीषण सड़क हादसा, ट्रक-पिकअप की टक्कर से 7 मजदूरों की दर्दनाक मौत, 20 से ज्यादा घायल

गुजरात के कच्छ जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है जहां एक ट्रक और पिकअप वाहन की आमने-सामने की टक्कर में 7 मजदूरों की मौत की सूचना मिली है तो वहीं कई लोग घायल हो गये हैं। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है तो वहीं घायलों को एंबुलेंस की मदद से इलाज के लिये अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जानकारी अनुसार, यह दर्दनाक हादसा कच्छ जिले में खावड़ा के पास स्थित रिन्यूएबल एनर्जी पार्क में हुआ है। मजदूरों को ले जा रही एक पिकअप और अन्य वाहन ट्रक के बीच आमने-सामने हुई जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी पिकअप बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और और कई मजदूर ट्रक के नीचे दब गए। दुर्घटना के तुरंत बाद मौके पर भारी अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हादसे में 7 लोगों की मौत और 20 से ज्यादा लोग घायल हो गये हैं।

शवों को पोस्टमार्टम के लिये भेजा

हादसे की सूचना मिलते ही पश्चिम कच्छ पुलिस तत्काल ही घटनास्थल पर पहुंची और क्रेन की सहायता से फंसे हुए मजदूरों को बाहर निकाला। इसके बाद सभी घायलों को उपचार के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया है जबकि शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए खावड़ा से भुज भेजा जा चुका है। पुलिस ने मामला दर्ज हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

हादसे पर क्या बोले कच्छ कलेक्टर?

कच्छ कलेक्टर अनिल राणावसिया ने हादसे की जानकारी मीडिया को देते हुये बताया कि खावड़ा गांव के पास एक भीषण हादसा हुआ है। एक कंकनी से करीब 30-32 मजदूरों को ले जा रही एक पिकअप वैन एक ट्रक से टकरा गई। घटना के दौरान पिकअप पलट, जिससे कई मजदूर घायल हो गये। वहीं, अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है।

कलेक्टर से बताया कि घायलों को भुज के जिला अस्पताल लाया गया है जहां डॉक्टर ज़रूरी मेडिकल उपकरण का इस्तेमाल करके उनका इलाज कर रहे हैं। वहीं, RTO और पुलिस वालों की टीमों को घटना की पूरी जांच करने के लिए भेजा गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि हादसा कैसे और क्यों हुआ। जांच के बाद ही हादसे के कारणों की पुष्टि हो पाएगी।

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CJP प्रोटेस्ट से पहले दिल्ली मेट्रो बंद करने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा “सुरक्षा के नाम पर सब कुछ ठप नहीं कर सकते”

10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली में मेट्रो स्टेशनों को बंद करने और ट्रेनों को रद्द करने के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई है। अदालत ने कहा कि सुरक्षा के लिए पाबंदियां लगाना जरूरी हो सकता है, लेकिन इसके चलते आम लोगों की आवाजाही पूरी तरह नहीं रोकी जा सकती। कोर्ट ने केंद्र सरकार से बंद किए गए मेट्रो स्टेशनों की संख्या कम करने और प्रतिबंधों पर दोबारा विचार करने को कहा है।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि दिल्ली में हजारों लोग रोजाना काम के लिए गुरुग्राम, ग्रेटर नोएडा और आसपास के इलाकों से आते-जाते हैं। इनमें नौकरीपेशा लोगों के अलावा विद्यार्थी और बुजुर्ग भी शामिल हैं। सभी के पास अपना वाहन नहीं होता और बड़ी संख्या में लोग मेट्रो व ट्रेन से सफर करते हैं। ऐसे में परिवहन सेवाएं बंद होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

अदालत की टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन नियम लागू कर सकता है और जरूरत पड़ने पर लोगों की आवाजाही नियंत्रित कर सकता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि पूरे शहर की परिवहन व्यवस्था ठप कर दी जाए। पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि पाबंदी लगाने और किसी सुविधा को पूरी तरह बंद करने में अंतर होता है।

सुप्रीम कोर्ट माकपा महासचिव एमए बेबी की उस याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें मेट्रो स्टेशनों को बंद करने और ट्रेनों को रद्द करने के फैसले पर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन से पहले इस तरह की पाबंदियां लगाने से लोगों के लिए एक जगह से दूसरी जगह जाना मुश्किल हो जाएगा।

57 मेट्रो स्टेशनों पर लगाई गई पाबंदी

10 अक्टूबर को होने वाले प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में 57 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार बंद करने का फैसला लिया गया है। ये पाबंदियां 9 अक्टूबर की रात 9 बजे से लागू की गई हैं। इसके अलावा, दस अक्टूबर को नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर आने-जाने वाली कई ट्रेनों को भी रद्द किया गया है। इससे यात्रियों को सफर की योजना बदलनी पड़ सकती है।

सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को भरोसा दिलाया कि वह सरकार से चर्चा करेंगे और उचित कदम उठाए जाएंगे। कोर्ट ने साफ किया कि उसकी चिंता प्रदर्शनकारियों को लेकर नहीं बल्कि उन आम नागरिकों को लेकर है जो रोजी-रोटी के लिए सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर हैं।

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  Sports

3rd T20 में Abhishek Sharma के 69 रन, भारत ने West Indies को 14 रन से हराया

 भारत के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने यहां तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भारत की 14 रन से जीत के बाद कहा कि वेस्टइंडीज ने उनके लिए रणनीति बनाई थी लेकिन उन्होंने उसका तोड़ ढूंढ लिया है और इसलिए वह बेहतर प्रदर्शन करने में सफल रहे। अभिषेक ने 30 गेंद पर 69 रन बनाए। उनकी इस शानदार पारी, ईशान किशन (37) के साथ दूसरे विकेट के लिए 108 रन की साझेदारी और अर्शदीप सिंह (44 रन देकर तीन विकेट) की शानदार गेंदबाजी की मदद से भारत ने पांच मैचों की श्रृंखला में 2-1 की बढ़त हासिल कर ली। अभिषेक ने कहा कि वेस्टइंडीज ने ऑफ स्पिनर रोस्टन चेज से गेंदबाजी की शुरुआत करवाकर और ऑफ साइड में अधिक क्षेत्ररक्षक लगाकर उन्हें रन बनाने के अधिक विकल्प तलाशने के लिए प्रेरित किया। 

उन्होंने मैच के बाद पत्रकारों से कहा, ‘‘मैं यह नहीं कहूंगा कि उन्होंने जानबूझकर ऐसा किया लेकिन मुझे लगता है कि उन्होंने मेरे लिए रणनीति तैयार की थी। ऑफ स्पिनर मेरे सामने था और यह उसके और मेरे बीच की जंग थी। उसने इस श्रृंखला में अच्छी गेंदबाजी की है और इसलिए मैंने पहले ओवर में उसे सम्मान दिया। यह रणनीति मेरे लिए भी कारगर साबित हुई।’’ अभिषेक ने कहा, ‘‘मैं पावरप्ले में कुछ रन बनाना चाहता था। 

अगर उन्होंने मेरे लिए रणनीति तैयार की थी तो मैं उससे बेहतर प्रदर्शन करना चाहता था।’’ वेस्टइंडीज ने भारत को 223 रन पर आउट कर दिया था लेकिन इसके जवाब में उसकी टीम सात विकेट पर 209 रन नहीं बनी पाई। अभिषेक ने कहा, ‘‘वेस्टइंडीज एक ऐसी टीम है जिसके खिलाफ आप कभी यह नहीं कह सकते कि मैच अब हमारे पक्ष में है। यह बात हमारे दिमाग में थी। हमने पिछले मैच में देखा था कि उसने किस तरह से परिस्थितियों का फायदा उठाया था। 

हम जानते थे कि अगर उसका कोई बल्लेबाज टिक जाता है तो वह अपनी टीम को लक्ष्य तक पहुंचा सकता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब हमारे विकेट गिर रहे थे तब भी हमारे मन में यही बात थी। हम यही सोच रहे थे कि हम इसके बाद निर्मम रवैया अपनाएंगे और उन्हें वापसी का कोई मौका नहीं देंगे।’’ गेंदबाजों के खिलाफ तैयारी के महत्व को दोहराते हुए अभिषेक ने कहा कि उनकी भूमिका पावरप्ले का अधिक से अधिक फायदा उठाना है।

 उन्होंने कहा, ‘‘तैयारी बहुत महत्व रखती है। अगर मुझे पावरप्ले का फायदा उठाना है तो इसके लिए तैयारी काफी मायने रखती है। मैं विपक्षी टीम और गेंदबाजों को ध्यान में रखकर तैयारी करता हूं। मैं इस बात पर विशेष ध्यान देता हूं कि कौन सा गेंदबाज मेरे खिलाफ क्या रणनीति बनाएगा और मुझे उसके खिलाफ अपनी रणनीति को कैसे अंजाम देना है।

Mon, 12 Oct 2026 14:26:00 +0530

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